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स्टॉकहोम की एक महिला का आलिंगन करती एलिस लिंडक्वीस्ट स्टॉकहोम की एक महिला का आलिंगन करती एलिस लिंडक्वीस्ट  कहानी

वेश्याओं की मदर तेरेसा

"क्या सचमुच क्षमा दी जा सकती है?" एलिस लिंडक्विस्ट ने पूछा। उसका जन्म स्वीडेन के एक गाँव में हुआ था। एक बच्चे के रूप में उसे हिंसा एवं यौन दुराचार का शिकार होना पड़ा था। वह घर से भाग गयी थी और वेश्यावृत्ति में फंस गयी थी। उसे नशापान एवं गोली दवाई लेने की आदत हो गयी थी। आज हजारों लोग उन्हें मालमस्किलनाद्गातान के वेश्याओं की परी पुकारते हैं जो स्टॉकहोम की एक गली है। कुछ लोग उन्हें "वेश्याओं की मदद तेरेसा पुकारते हैं।" यह एक क्षमाशीलता की कहानी है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

जब आप उनसे मुलाकात करते हैं तो पहला सवाल आपके मन में उठता है वह यह है कि किस तरह एक महिला जो अपने जीवन में कई भयंकर घटनाओं से गुजरी, गहरी शांति और आनन्द प्रकट कर सकती है?  

संत पापा से मुलाकात

एलिस लिंडक्विस्ट की एक ही चाह थी कि वह संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात कर मानव तस्करी को रोकने हेतु उनके प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दे।

मई माह में संत पापा से मुलाकात करती एलिस
मई माह में संत पापा से मुलाकात करती एलिस

एलिस की उम्र संत पापा फ्राँसिस के उम्र के बराबर है। दोनों का जन्म 1936 में हुआ है। आमदर्शन समारोह के दौरान उन्होंने संत पापा से मुलाकात की। "मैंने आपके बारे सुना है" संत पापा ने कहा। "आप महान काम कर रही हैं।" ऐसा कहते हुए संत पापा ने एलिस के उन कार्यों की याद की, जिनको वे स्टॉकहोम की सड़कों पर वेश्याओं की सहायता हेतु रात में करती हैं। वे उन कार्यों को 20 सालों से करती आ रही हैं। एलिस उन लड़कियों को माँ की ममता प्रदान करतीं एवं सड़कों में उनसे मुलाकात करती हैं। वे उन्हें अच्छी तरह समझती हैं क्योंकि वे उन लोगों में से एक हैं। 

एक बच्ची के रूप में  एलिस
एक बच्ची के रूप में एलिस

उनका अनोखा बचपन

एलिस का जन्म स्वीडेन के एक छोटे गाँव में हुआ था। पाँच साल की उम्र में ही वह यौन दुराचार की शिकार हुई थी। बलात्कार करने वाला उसका पिता नहीं बल्कि अपने ही निकट रिश्तेदारों में से एक था। मजबूरी में उसने सोच लिया था कि हर बच्चे को इसी स्थिति से होकर गुजरना पड़ता है। वह याद करते हुए बतलाती है "जब उन्होंने मुझे अपने घर खाने पर बुलाया, तब मुझे मालूम हुआ कि उसकी कितनी कीमत मुझे चुकानी थी।" उसके बाद, इस बात का जिक्र किसी से न करने और मौत की धमकी के साथ वह अपने घर भाग गयी थी।

एलिस किसी भी प्रौढ़ व्यक्ति पर विश्वास नहीं कर सकती थी। जो लोग उसकी रक्षा कर सकते थे उन्होंने भी उसकी रक्षा नहीं की। जब पुरूष उन्हें अलग कमरे में ले जा रहे थे स्वयं उसकी माँ ने भी उसका पक्ष नहीं लिया। स्कूल में जब टीचर बच्चों को खेलने के लिए भेजता था तब वह उन्हें अकेला अपने पास रूकने को कहता था। सिर्फ उनके पिताजी ही उनपर सहानुभूति रखते थे। बाकी सभी लोग उनको कुरूप एवं मूर्ख होने के लिए सजा देते थे। एलिस कहती हैं कि "पिताजी के उन कोमल सहानुभूति के बगैर मैं आगे नहीं बढ़ पाती।" 10 साल की उम्र में ही उनके पिता गुजर गये और जीवन अधिक कठिन हो गया। मां का नया पति शराबी था और वह एलिस पर लगातार हमला करता रहा। एक दिन जब वह 10 साल की थी, उस शराबी ने उसकी ओर बंदूक तान दी। जीने की इच्छा न होने के कारण उसने बंदूक का बटन दबाने को कहा। उसने बटन दबायी किन्तु उसमें गोली नहीं थी। प्रभु चाहते थे कि मैं जिंदा रहूँ, यद्यपि, मैं उन्हें नहीं जानती थी।

आप अत्यन्त सुन्दर हैं

जब एलिस 14 साल की थी तब वह घर से भाग गयी। निकट के शहर के एक दयालु परिवार में उसे शरण मिला। परिवार की माँ ने पहली रात जब उसके कपड़े उतारे तब उसे मालूम हुआ कि यहाँ भी सब कुछ पहले के समान ही होने वाला था। "उसने बड़ी सज्जनता से मेरे कपड़े उतारे और मुझे नहलाया।" एलिस इस बात को बतलाते हुए गंभीर हो जाती है। "आगे मेरे साथ जो हुआ वह आज हजारों लड़कियों के साथ हो रहा है। दलाल उन्हें पहचानते और जानते हैं कि किस तरह उन्हें पकड़ना है। एलिस की मुलाकात एक महिला दलाल से हुई थी जिसने कहा, "तुम बहुत सुन्दर हो..." इससे पहले किसी ने मुझे सुन्दर नहीं कहा था, जिसके कारण में पूरी तरह उसके कब्जे में आ गयी। मैं उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी। मैं उसे "माँ" पुकारती थी और उसने मेरे लिए कपड़े एवं श्रृंगार के समान खरीद दिये। एक दिन उसने बतलाया कि मुझे उसके लिए काम करना है। मुझे अपने शरीर को उसके ग्रहकों के लिए बेचना है। तब मैं 16 साल की थी। मैंने वैसा ही किया जैसा उसने मुझे करने को कहा।  

एलिस याद नहीं करती है कि उस महिला के लिए उसने कितने वर्षों तक काम किया। पर वह याद करती है कि इसका अंत एक ग्राहक द्वारा हिंसक रूप से पीटे जाने के साथ हुआ। वह अपनी मालकिन के पास गयी और कहा कि वह वेश्य के रूप में और अधिक काम नहीं कर सकती। वह बतलाती है, "मैं भाग्यशाली थी। यदि आज कोई लड़की काम करने से इंकार करे, तब उसे मार डाला जाता है और उसका शरीर छिपा दिया जाता है। मेरी मालकिन ने दरवाजा खोला और मुझे सीढ़ी के नीचे धकेल दिया और कहा, "तुम्हारे लिए यहाँ कुछ करना नहीं रह गया है।"  

ऐसी परिस्थिति में एलिस एक बेघर महिला के समान रहने लगी। सड़कों पर कचरों में से भोजन जमा करती थी। "मैं केवल विनाशकारी संबंधों को जानती थी और मैं हिंसक पुरूषों के सम्पर्क में आ गयी। मैं शराब एवं गोलियों से अपने को शांत करती थी और इसकी लत में बुरी तरह फंस गयी।"

 एलिस 80 साल की
एलिस 80 साल की

येसु का प्रकाश

एलिस के चेहरे में अब शांति और आनन्द के प्रकाश का प्रतिबिम्ब है। उसमें अपनी दर्दनाक कहानी का कोई गम नहीं है, न कोई कड़वाहट है और न ही कोई बदले की भावना।

"सन् 1994 में जब मैं स्वास्थ्य सुधार केंद्र में भर्ती थी। तब मुझे हर कोई भय की नजरों से देखता था। यदि कोई मेरे पास आता था तब मैं उन्हें धक्का दे देती थी और यदि मैंने किसी पुरूष को देख लिया, तब मैं उनके ऊपर थूक देती थी और शाप देती थी। मैं कुछ जानती थी तो वह था क्रोध करना।"

शुरू में एलिस सोचती थी कि इस केंद्र के लोग कड़ाई से व्यवहार करते हैं किन्तु सभी मुस्कुराते थे अतः उसे लगा कि यह कोई पागलखाना है, कुछ दिनों बाद उसे लगने लगा कि वह मुस्कान को दवाई का प्रभाव है अतः उसने भी गोली दवाई की मांग की।

दवाई के बदले उसे एक प्रार्थनालय में लिया गया जहाँ उसके लिए प्रार्थना की जाने लगी। अपने गुस्से और अविश्वास के कारण वह कुछ नहीं समझ सकी कि वे क्या कर रहे थे।

"मैं ईश्वर और प्रार्थना के बारे कुछ नहीं जानती थी। मेरे लिए गिरजाघर एक मृत्यु गृह के समान था। कुछ समय के बाद एक दिन एक अलौकिक घटना घटी।" एलिस ने बतलाया कि उसके शरीर में स्नान करने के समान महसूस हुआ। यह प्रकाश एवं शांति का स्नान था। उसे लगा कि येसु ही एकमात्र व्यक्ति हैं जो उन्हें चंगा कर सकते हैं। "मैं बहुत विकट स्थिति में थी और येसु ने मुझे चंगाई प्रदान की। उसी समय उसका पुनर्जन्म हुआ। जब लोग उनसे पूछते हैं कि तुम कितनी साल की हो, तब वह जवाब देती हूँ 25 साल की, क्योंकि 25 साल पहले येसु ने उसे नया जीवन प्रदान किया और उसने उनके प्रेम में चलना सीखा है।

महीनों गुजर गये। जब एलिस ने विश्वास की यात्रा शुरू की, उसे नई नजरों से देखने में समय लगा। उसके आध्यात्मिक संचालक फादर ने उसे आगे बढ़ने के लिए क्षमा करने को कहा। तब उसे फिर गुस्सा आया। "मैंने कहा कि मैं कैसे उन बुराइयों के लिए क्षमा कर सकती हूँ जिनको कई लोगों ने मेरे साथ किया है।" इस स्थिति में एलिस ने महसूस किया कि वह पूरी तरह चंगी नहीं हो सकती है जब तक कि वह पूरी तरह माफ न कर दे और इस तरह उसने सभी को माफ कर दिया। यह एक लम्बी और पीड़ादायक प्रक्रिया थी। मैं हमेशा गिरजाघर में प्रार्थना करती थी। अंततः मैंने अपनी मां को माफ किया, जिसने मुझे प्यार नहीं किया था और मेरी रक्षा नहीं की थी। मैंने समझा कि वह ऐसा करने में असमर्थ थी और वह भी उसकी शिकार थी। 

सड़क में काम करने वाली की बात सुनती एलिस
सड़क में काम करने वाली की बात सुनती एलिस

 वेश्याओं की परी

20 सालों से एलिस ने अपने अनुभवों द्वारा पीड़ित महिलाओं की मदद करती आ रही है। जब मैं पहली बार स्टॉकहोम की सड़कों पर निकली जहाँ वेश्याएं जमा होती हैं, तब मैंने अपने आपको देखा। मैंने याद किया कि यही वह स्थान है जहाँ मुझे काम करना पड़ा था।  

एलिस रात को कपड़े और अन्य आवश्यक समान बांटती है
एलिस रात को कपड़े और अन्य आवश्यक समान बांटती है

उनके मुख्य काम हैं, वेश्याओं के प्रति अपनी ममता प्रकट करना, उन्हें सांत्वना देना, सुनना, आलिंगन करना, भोजन और पानी बांटना और ठंढ़ी रातों में गरम कपड़े देना। उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है सड़क पर से लड़कियों को बचाना किन्तु उससे भी बढ़कर है अपनी सहानुभूति पूर्ण उपस्थिति प्रदान करना जो उन्हें साहस प्रदान करता है, उन्हें लगता है कि कोई एक है जो उनसे प्यार करती है और वे अकेले नहीं हैं। यही कारण हैं कि वे उन्हें "मदर" पुकारती हैं।

18 अक्टबर 2016 को, मानव तस्करी के खिलाफ यूरोपीय दिवस पर, एलिस को यूरोपीय संसद को सम्बोधित करने का निमंत्रण दिया गया था। अपने भाषण में उन्होंने संस्थाओं की जिम्मेदारी पर जोर दिया कि मानव तस्करी के उन्मुलन हेतु वे ठोस संकल्प लें। सभी यूरोपीय सांसद इस समस्या से वाकिफ है। उन्होंने कहा, "जब मैं 90 साल की हो जाऊंगी तब मैं वापस देखने आऊँगी कि क्या उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को पूरा किया है अथवा नहीं।"

संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण को पार करते हुए आमदर्शन समारोह के अंत में उन्होंने बतलाया कि कुछ समय पहले लोगों ने उन्हें सीढ़ी में धक्का दे दिया था। "मेरी उपस्थिति कई लोगों को खलती है।"

 

मई में संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात
मई में संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात

 

10 July 2019, 14:18