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अमृतसर में लड़कियाँ लाब्रेरी से किताब पढ़ती हुई, तस्वीरः 20.07.2019 अमृतसर में लड़कियाँ लाब्रेरी से किताब पढ़ती हुई, तस्वीरः 20.07.2019  (ANSA)

तीन माहों तक 132 भारतीय गाँवों में किसी लड़की का नहीं हुआ जन्म

उत्तरप्रदेश के एक ज़िले में सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि पिछले तीन महीनों में 132 गांवों में पैदा हुए 216 शिशुओं में से एक भी लड़की नहीं है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

नई दिल्ली, शुक्रवार, 26 जुलाई 2019 (सी. एन.आ.): उत्तरप्रदेश के एक ज़िले में जांच पड़ताल की घोषणा गई है जिसमें बच्चियों की जन्म दर में नाटकीय गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि पिछले तीन महीनों में 132 गांवों में पैदा हुए 216 शिशुओं में से एक भी लड़की नहीं थी।

जाँच हेतु टास्क फ्रोर्स 

उत्तरकाशी क्षेत्र के ज़िला प्रशासन ने घोषणा की है कि वह इस बात की जांच करने के लिए एक टास्क फोर्स बनाएगा कि इस क्षेत्र में लड़कियों का जन्म क्यों नहीं हुआ है।

क्षेत्र के कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण स्पष्ट है। सामाजिक कार्यकर्ता कल्पना ठाकुर ने NDTV से कहा, "इन गांवों में तीन महीने तक कोई भी लड़की पैदा नहीं हुई थी, यह सिर्फ एक संयोग नहीं हो सकता बल्कि यह स्पष्ट दर्शाता है कि कन्या-भ्रूण हत्या जिले में हो रही है और सरकार एवं प्रशासन कुछ नहीं कर रहे हैं।"

कन्याभूण हत्या प्रमुख कारण

क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने इस सप्ताह संवाददाताओं से कहा कि यह मामला "संदिग्ध है, और कन्या-भ्रूण हत्या पर प्रकाश डालता है।" उन्होंने कहा कि क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं को सचेत रहने के लिये कहा गया है।

सरकारी अधिकारियों ने 2015 में दावा किया था कि गर्भपात और भ्रूण हत्या दोनों के कारण भारत में प्रतिदिन लगभग 2,000 लड़कियों को मार दिया जाता है।

26 July 2019, 12:19