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कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस 

मुंबई हाईकोर्ट ने कार्डिनल ग्रेसियस के खिलाफ कार्रवाई रोक दी

एक पुरोहित द्वारा बलात्कार के मामले में कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप महाधर्माध्यक्ष और उनके दो सहायक धर्माध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए थे। आरोपी पीड़ित और उसके परिवार को पूरा समर्थन देना जारी रखा है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मुंबई, बुधवार, 3 जुलाई 2019 (एशिया न्यूज) :  मुंबई हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को आदेश दिया है कि वह नाबालिग से बलात्कार के मामले में कार्रवाई करने में उसकी विफलता के लिए कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस के खिलाफ कोई कार्रवाई न करे।

मुंबई के महाधर्माध्यक्ष और भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीआइ) के अध्यक्ष कार्डिनल ग्रेसियस,  के साथ-साथ उनके सहायक धर्माध्यक्ष दोमिनिक सावियो फर्नांडीस और धर्माध्यक्ष जॉन रोड्रिग्स भी जांच के दायरे में आए हैं।

अपने वकीलों के माध्यम से, भारतीय कलीसिया के तीन धर्मगुरुओं ने मामले को हटाने की मांग की है। "कार्डिनल ग्रेसियस ने पीड़ित के लिए वह सब किया जो कुछ उनके अधिकार में था।" उनके वकील अशोक मुंदरगी ने एशिया न्यूज को बताया।

दुरुपयोग का मामला नवंबर 2015 का है। महाधर्मप्रांत ने बीबीसी को पिछले फरवरी में प्रकाशित एक लेख में लगाए गए आरोपों के बारे में बताने के लिए एक आधिकारिक बयान जारी किया। प्रेस विज्ञप्ति में घटनाओं का वर्णन है।

30 नवंबर को, कार्डिनल ग्रेसियस को सूचित किया गया था कि फादर लोरेंस जॉनसन ने एक बच्चे का बलात्कार किया। उसी दिन कार्डिनल ग्रेसियस को रोम के लिए निकलना था, लेकिन उन्होंने समय निकाल कर पीड़ित, माता-पिता और एक दोस्त से मिला, जिन्होंने उसे घटना के बारे बताया।

पिछली प्रतिबद्धताओं के कारण वे विमान लेने के लिए मजबूर थे, पर रोम के लिए छोड़ने से पहले वे न केवल बच्चे से मिले, बल्कि बलात्कार में शामिल पुरोहित को निलंबित कर दिया और उन्होंने धर्माध्यक्ष रॉड्रिक्स को इस मामले को संभालने का आदेश दिया।

महाधर्माध्यक्ष के दूसरे वकील जोवाकिम रेईस ने बताया कि कार्डिनल ग्रेसियस पीड़ित लड़के और परिवार की हर तरह से मदद करने के लिए बहुत उत्सुक थे, उन्होंने एक पुरोहित को नामित किया, जो पल्ली के एक सलाहकार के साथ पीड़ित के घर गए और पीड़ित के पिता से मिले। "यह पूछे जाने पर कि क्या परिवार को मदद की ज़रूरत है?, पीड़ित के पिता ने कहा "कोई ज़रूरत नहीं है।"

फादर ने लड़के के पिता को बताया कि परिवार किसी भी समय चिकित्सा संबंधी सहायता या परामर्श के लिए पल्ली का रुख कर सकता है। "बाद में, कार्डिनल ने कई मौकों पर परिवार और पीड़ित तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया"।

फादर ने कहा, "हम कार्डिनल, धर्माध्यक्षों और पीड़ित के लिए न्याय की प्रार्थना करते हैं।"

03 July 2019, 16:01