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मुम्बई में भारी बारिस मुम्बई में भारी बारिस  (ANSA)

असम में बाढ़ की पहली लहर में 10,000 प्रभावित

असम के पाँच राज्यों में मानसून के पहले बाढ़ की लहर में करीब 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

गुवाहाटी, सोमवार 1 जुलाई 2019 (मैटर्स इंडिया) : असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि बाढ़ ने धेमाजी, चिरांग, नलबाड़ी, जोरहाट और डिब्रूगढ़ जिलों को प्रभावित किया है, जिसमें सबसे अधिक लोग (7,000) डिब्रूगढ़ में प्रभावित हुए हैं।

शुक्रवार को एएसडीएमए की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट में कहा गया है कि 906 लोग राहत शिविरों में हैं, चिरांग में 723 और जोरहाट में 183 और सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 102 क्विंटल चावल, 18 क्विंटल दाल और पांच क्विंटल नमक वितरित किया है।

बाढ़ ने सड़कों, तटबंधों, पुलियों और पुलों को तोड़ दिया, इससे कटाव शुरू हो गया और खेतों को नष्ट कर दिया। बाढ़ का पानी गावों में घुस गया और अनेक लोगों को बेघर कर दिया।

निचले और ऊपरी असम के अन्य जिले भी प्रभावित हुए हैं।

बारपेटा में, कालूपिया नदी के तटबंध के रूप में, हुदुखाता नौसाली रोड के एक हिस्से में बाढ़ आ गई।

बोंगाईगांव जिले में, दो तटबंधों के हिस्से बह गए और एक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।

लखीमपुर जिले में, बोरिवोबम बेबेजिया पीडब्लूडी रोड में पानी बहने के कारण डेंगार्चुक-कोंवरबारी रोड नष्ट हो गया है। उदलगुरी जिले में एक सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई।

भूटान से बहकर आने वाली पगलाड़िया गुरुवार से निचले असम में चिंता का विषय बन गई है। नदी ने बक्सा जिले के तामुलपुर उपखंड में कई गाँवों को बहा दिया है। बोरबीला एलपी स्कूल और भुआकुची एलपी स्कूल सहित अन्य स्कूलों में घुटने भर पानी है। नागांव जिले के एक पूजा स्थल मदभापर थान के लिए भी खतरा है। स्थानीय लोग बांस के अवरोध से कटाव को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। एक निवासी ने कहा, “हमने सरकार से अपील की थी कि वे उनकी रक्षा करें, पर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। इसलिए, हम अपने दम पर बाहर आए हैं।”

नलबाड़ी जिले में, तिहू के बढ़ते पानी से तिहू-डुमुनि संपर्क मार्ग में बाढ़ का पानी फैल गया है।

01 July 2019, 17:06