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Vatican News
सम्मेलन में भाग लेते फाओ के सदस्य सम्मेलन में भाग लेते फाओ के सदस्य  (AFP or licensors)

वाटिकन द्वारा स्थायी कृषि, ग्रामीण परिवारों को बढ़ावा

अमरीका के खाद्य एवं कृषि संगठन फाओ के लिए वाटिकन के प्रतिनिधि मोनसिन्योर फेर्नांदो किका अरेल्लानो ने 26 जून को "पलायन, कृषि एवं ग्रामीण विकास" विषय पर एक सम्मेलन को सम्बोधित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 27 जून 2019 (रेई)˸ वाटिकन प्रतिनिधि ने विश्वभर में पलायन, भूख एवं गरीबी की गंभीर समस्या का समाधान करने के लिए स्थायी कृषि पर अधिक निवेश करने हेतु अपील की। उनका कहना था कि स्थायी कृषि पर्याप्त आधारभूत संरचनाओं को उत्पन्न करती तथा नवीन प्रौद्योगिकियोँ के प्रयोग को बढ़ावा देती है जो स्थानीय संसाधनों को बढ़ाती हैं।

रोम में संयुक्त राष्ट्रसंघ संगठनों के लिए वाटिकन के स्थायी पर्यवेक्षक ने बुधवार को सम्मेलन को सम्बोधित किया था।  

खाद्य और कृषि संगठन फाओ सम्मेलन के 41वें सत्र में "पलायन, कृषि एवं ग्रामीण विकास" विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आप्रवासियों की पीड़ा पर गौर किया, जिन्हें गरीबी, संघर्ष, अत्याचार, जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण मजबूर होकर अपनी भूमि और अपना घर छोड़ देना पड़ता है। वाटिकन प्रतिनिधि ने खेद प्रकट किया कि कुछ सालों के उत्साहपूर्ण आंकड़ों के बाद स्थायी विकास लक्ष्य (एस डी जी) में भूख की समस्या का हल बहुत दूर दिखाई पड़ रहा है।

पलायन

सुरक्षित, व्यवस्थित एवं नियमित पलायन के लिए दिसम्बर 2018 के समझौते की ओर इंगित करते हुए मोनसिन्योर अरेल्लानो ने समुदायों एवं व्यक्तियों को अपने देश में सुरक्षित एवं प्रतिष्ठित जीवन जीने हेतु एक साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने संत पापा की आवाज को दुहराते हुए विकसित देशों से, आप्रवासियों का स्वागत करने, उनकी रक्षा करने एवं उनके विकास एवं एकीकरण का आह्वान किया। इस संबंध में उन्होंने लोगों का ध्यान आकृष्ट किया कि अधिक शांतिपूर्ण जीवन की तलाश में आप्रवासी गैरकानूनी नौकरी और अमानवीय स्थिति में काम करने के लिए मजबूर होते हैं जो उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुँचाता है।

मोनसिन्योर अरेल्लानो ने देश के भीतर हो रहे पलायन की ओर भी ध्यान खींचा जिसमें अकसर गाँव से लोग शहर की ओर पलायन करते हैं। वे पर्याप्त कार्य-कुशलता के अभाव में गरीबी के दुष्चक्र  में पड़ जाते हैं। अतः ग्रामीण विकास को महत्व दिया जाना आवश्यक है जो शहर के लिए खाद्य सुरक्षा को भी बढ़ा सकता है।

युवा और महिलाएँ

इस संबंध में वाटिकन प्रतिनिधि ने कृषि क्षेत्र में युवा उद्यमिता विकसित करने के उद्देश्य से, नीतियों को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया। उदाहरण के लिए उनकी भूमि, सुरक्षा और भूमि के स्वामित्व की रक्षा तथा ऋण एवं स्थानीय बाजारों तक पहुँच को सुगम बनाना आदि।

मोनसिन्योर अरेल्लानो ने फाओ से अपील की कि वह ऐसी नीतियों का निर्माण करे जो गाँव के परिवारों को सहायता पहुँचाये और उनका समर्थन कर सके, जिससे कि वे पारंपरिक ज्ञान की विरासत, अंतर-पीढ़ीगत सम्मान जैसे मूल्यों को हस्तांतरण करने वालों के रूप में अपनी पहचान बनाए रख सकें। कृषि और पशुधन के क्षेत्रों में महिलाओं की अपूरणीय भूमिका को भी मजबूत किया जा सके।

अपने सम्बोधन के अंत में वाटिकन प्रतिनिधि ने अर्थव्यवस्था और समाज की एक नैतिक दृष्टि को बढ़ावा देने के महत्व की याद करते हुए कहा कि यह राष्ट्रों के बीच एक न्यायसंगत और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व उत्पन्न करेगा एवं एक स्थायी तथा अभिन्न विकास को प्रोत्साहित करेगा जो मानव व्यक्ति को केंद्र में रखेगा।

27 June 2019, 17:29