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के कोलवेजी शहर के बाहरी इलाके का एक विशाल खदान के कोलवेजी शहर के बाहरी इलाके का एक विशाल खदान  (AFP or licensors)

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य खनन हादसे में खनिकों की मौत

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में, एंग्लो-स्विस माइनिंग जायन्ट ग्लेनकोर द्वारा संचालित तांबे और कोबाल्ट खदान में भूस्खलन से कम से कम 43 कारीगर खनिक मारे गए।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कोलवेजी, आरडीसी शनिवार 29 जून 2019 (वाटिकन न्यूज) : कांगो के कोलवेजी शहर के बाहरी इलाके में एक विशाल खदान में बृहस्तपतिवार 26 जून को दुर्घटना घटी। इस खदान का तांबा, दुनिया के सबसे उच्च श्रेणी के तांबों में से एक है।

प्रांतीय गवर्नर के मुख्य सचिव ने कहा कि जहां भूस्खलन हुआ वहाँ खोज और बचाव अभियान जारी है क्योंकि ऐसा लगता है कि अन्य शव अभी भी मलबे के नीचे हैं।

यह दुर्घटना कमोटो कॉपर कंपनी की रियायत की खुली खदान में हुई जिसमें ग्लेनकोर की सहायक कंपनी कटंगा माइनिंग की 75% हिस्सेदारी है।

अवैध खनन

अधिकारियों ने कहा कि भूस्खलन में पकड़े गए खनिक बिना मंजूरी या परमिट के अवैध रूप से साइट पर थे। डीआरसी और पूरे अफ्रीका में तथाकथित अवैध खनन आम है, जहां पुराने तरीके से खनन और जीवन सुरक्षा के लिए कोई प्रवधान नहीं है। प्रत्येक वर्ष अनेको लोगों की जानें चली जाती हैं।

यूनियन के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने लाल चेतावनी के संकेत दिए थे, जहां गड्ढे के हिस्से में दरार देखी गई थी, लेकिन खुदाई करने वालों ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया था।

इस बीच, सेना को इस क्षेत्र में कारीगर खनिकों को घुसने से रोकने के लिए तैनात किया गया है, एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि यह स्थिति तनाव और संघर्ष को जन्म दे सकता है।

इलेक्ट्रिक कार बैटरी

दक्षिणी कांगो में और आस-पास की खदानों में हजारों अवैध खनिक संचालित होते हैं, जो दुनिया के आधे से अधिक कोबाल्ट का उत्पादन करते हैं, जो इलेक्ट्रिक कार बैटरी में एक प्रमुख घटक है।

इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति ने कोबाल्ट की बढ़ती मांग को हवा दी है, लेकिन मानवाधिकार समूहों का कहना है इससे बाल श्रम और अन्य मानव अधिकारों का दुरुपयोग होता है।

29 June 2019, 16:04