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युद्ध नहीं शांति, युद्ध नहीं प्रेम, लिखे बैनर के साथ पाकिस्तान/भारत संघर्ष का विरोध करते लोग युद्ध नहीं शांति, युद्ध नहीं प्रेम, लिखे बैनर के साथ पाकिस्तान/भारत संघर्ष का विरोध करते लोग  (AFP or licensors)

भारत एवं पाकिस्तान के धर्माध्यक्षों द्वारा शांति की अपील

हम भारत और पाकिस्तान में शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। हम सरकारों से अपील करते हैं कि वे वार्ता के रास्ते को अपनाएँ। उक्त बात मुम्बई के महाधर्माध्यक्ष एवं भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेशियस ने कही।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

उन्होंने फिदेस को बतलाया कि 14 फरवरी को भारतीय सैनिकों पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान एक दूसरे का विरोध कर रहे हैं। हमले की जिम्मेदारी चरमपंथी गुट जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। उसके बाद भारत ने पाकिस्तानी क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ हवाई हमला किया था तथा पाकिस्तान ने दो भारतीय सैन्य जेट विमानों को मार गिराने एवं एक विमान चालक को पकड़ने का दावा किया था।

आतंकवाद एवं हिंसा के हर प्रकार के कार्यों की निंदा

कार्डिनल ने कहा कि आज स्थिति अत्यन्त जटिल हो गयी है और ऐसे समय में हमें कोई गलत अथवा हड़बड़ी में कदम नहीं उठाना चाहिए। हम हर प्रकार के आतंकी कार्यों की निंदा करते तथा युद्ध के विकल्प को न कहते हैं। हमें शांतिपूर्ण समाधान के लिए कार्य करना चाहिए जिससे दक्षिण एशिया को लाभ होगा तथा जो पूरे विश्व के लिए अर्थपूर्ण होगा।

मध्यस्थ की आवश्यकता

उन्होंने पुणे के पत्रकार माईकेल गोनसेल्स से कहा कि ऐसी परिस्थिति में जब चंरमपंथ बढ़ रहा है एवं युद्ध की स्थिति गहराती जा रही है, यह स्पष्ट है कि इसको शांत करने के लिए तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता है क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे से मिलने की स्थिति में नहीं हैं।

राजनीतिक सहमति के रास्ते पर बढ़ाना

गोनसेल्स के रिपोर्ट अनुसार भारत में 14 फरवरी को आक्रमण के बाद, लोगों के आक्रोश की लहर ने सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों से कड़ी प्रतिक्रिया का आह्वान किया किन्तु उन्होंने कहा कि एक भारतीय काथलिक के रूप में हम शांति के रास्ते की खोज करने की मांग करते हैं जो पुरानी दुश्मनी का अंत कर, भारत एवं पाकिस्तान में राजनीतिक सहमति तथा आतंकवाद से लड़ने का रास्ता अपनाये।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

पाकिस्तान के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के न्याय एवं शांति आयोग ने भी भारत एवं पाकिस्तान की सरकारों से अपील की है कि वे शांति वार्ता शुरू करें तथा वार्ता के द्वारा सभी समस्याओं का समाधान निकालें। संयुक्त घोषणा पत्र पर पाकिस्तान के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के न्याय एवं शांति आयोग अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष जोसेफ अरशद, राष्ट्रीय निदेशक फादर इम्मानुएल युसाफ तथा एन सी जी पी के महा निदेशक सेसिल शेन चौधरी ने हस्ताक्षर किया।  

घोषणापत्र में महाधर्माध्यक्ष अरशद ने कहा है कि युद्ध में शामिल होने से इन्कार करने के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय समर्थन एवं सराहना मिली है तथा वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वह स्थिति का सामना अपनी ओर से करे, जो लोगों के लिए मौत का कारण बन रहा है तथा इस क्षेत्र में हर प्रकार की अफवाहों को दूर करे।

युद्ध केवल दुःख लाता है

महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि कठिनाइयों के आगे हाथ जोड़े बिना हम सभी को युद्ध को टालने का हरसंभव प्रयास करना चाहिए जो हमेशा पीड़ा और गम्भीर परिस्थिति उत्पन्न करता है। हम प्रार्थना करते हैं कि सर्वशक्तिमान ईश्वर दोनों देशों को वर्तमान के इस संकट का सामना करने हेतु प्रज्ञा प्रदान करे, ताकि शांति और समृद्धि की जीत हो। इस क्षेत्र एवं विश्व में लोगों का भविष्य बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र में शांति चाहते हैं युद्ध नहीं।  

28 February 2019, 16:50