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भारत में ईस्टर महापर्व पर ख्रीस्तीय धर्मानुयायी भारत में ईस्टर महापर्व पर ख्रीस्तीय धर्मानुयायी  (AFP or licensors)

दलित ईसाईयों के पक्ष में प्रस्ताव

आंध्र प्रदेश विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें केंद्र सरकार से अपील की गई है कि दलित ईसाइयों को भी अनुसूचित जाति के लोगों को मिलनेवाले आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

विजयवाड़ा, शुक्रवार, 8 फरवरी 2019 (ऊका समाचार): आंध्र प्रदेश विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें केंद्र सरकार से अपील की गई है कि दलित ईसाइयों को भी अनुसूचित जाति के लोगों को मिलनेवाले आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाए.

दलित ईसाईयों का संघर्ष

प्रस्ताव मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा प्रस्तावित किया गया था. उन्होंने कहा कि 'दलित ईसाई' दशकों से आरक्षण के लिये संघर्ष करते रहे हैं जिनकी मांग उचित है. उन्होंने कहा कि दलित ख्रीस्तीयों को वही लाभ उपलब्ध कराये जाने चाहिये जो सिक्ख एवं बौद्ध धर्म के दलितों को मिलते हैं. प्रस्ताव को भाजपा सदस्यों ने भी समर्थन दिया.

धर्मनिरपेक्ष अंचलों में हमेशा से यह विचार प्रचारित किया जाता रहा है कि जाति प्रथा केवल हिंदू धर्म में है तथा प्रख्यात इतिहासकार कहते रहे हैं कि हिन्दू धर्म में भेदभाव के कारण निचली जाति के लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया था. यह भी कहा गया है कि ईसाई धर्म में भेदभाव का अस्तित्व नहीं है और इसीलिये हिन्दू से ईसाई बने दलितों को आरक्षण से वंचित रखा जाता रहा है.  

08 February 2019, 11:41