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भारत के ख्रीस्तीयों की क्रूस यात्रा भारत के ख्रीस्तीयों की क्रूस यात्रा  (ANSA)

विश्वास के ख़ातिर 4,300 की हत्या

न्यू इन्डियन एक्सप्रेस समाचार के हवाले से ऊका न्यूज़ डॉट कॉम ने प्रकाशित किया कि तीन में से एक एशियाई ख्रीस्तीय उत्पीड़न का शिकार बनता है तथा विगत वर्ष विश्व के विभिन्न देशों में अपने विश्वास ख़ातिर 4,300 से अधिक ख्रीस्तीयों की हत्या कर दी गई थी।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन रेडियो

एशिया, शुक्रवार, 18 जनवरी 2019 (ऊका न्यूज़.कॉम): न्यू इन्डियन एक्सप्रेस समाचार के हवाले से ऊका न्यूज़ डॉट कॉम ने प्रकाशित किया कि तीन में से एक एशियाई ख्रीस्तीय उत्पीड़न का शिकार बनता है तथा विगत वर्ष विश्व के विभिन्न देशों में अपने विश्वास 4 ातिर 4.300 से अधिक ख्रीस्तीयों की हत्या कर दी गई थी.  

बुधवार को ग्लोबल एडवोकेसी समूह तथा ओपन डोअर्स वॉच डॉग मानवाधिकार संगठन द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि समस्त विश्व तथा विशेष रूप से, चीन एवं अफ्रीका के उपसहारा क्षेत्र में धर्म और विश्वास पर आधारित भेदभाव, धमकियों और हिंसा में वृद्धि हुई है.

पाँच करोड़ ख्रीस्तीय चीन में उत्पीड़ित

मेंन येर्मपालन से सम्बन्धित नये कानूनों के चलते यहाँ के 10 करोड़ ख्रीस्तीय धर्मानुयायियों में से पचास प्रतिशत ख्रीस्तीयों को उत्पीड़न का शिकार बनाया जाता है.

टर्ल्ड वॉच लिस्ट 2019 के अनुसार विश्व में विगत वर्ष 4,300 ख्रीस्तीय व्यक्ति अपने विश्वास ख़ातिर मारे गये जिनमें 3,700 नाईजिरिया में मारे गये. इनमें से अधिकांश जिहादी गुट बोको हराम की हिंसा के शिकार बने.

हिन्दू चरमपंथियों द्वारा भारत के ख्रीस्तीय उत्पीड़ित

इसी बीच, उत्तरी कोरिया में सरसरकारी संस्थाओं को उत्पीड़ित किया जाता है जहाँ ख्रीस्तीय धर्म का पालन निषिद्ध है तथा जिसे एक राजनैतिक अपराध करार दिया गया है. उत्तरी कोरिया के बाद अफ़गानिस्तान, सोमालिया, लिबिया, पाकिस्तान, सूडान, एरित्रेया, ईरान, भारत तथा सिरिया के नाम गिनाये गये जहाँ ख्रीस्तीयों का उत्पीड़न जारी है.      

ओपन डोअर्स के अनुसार, ख्रीस्तीयों के उत्पीड़न की सूची में पहली बार इस वर्ष भारत का नाम पहले दस देशों में आया है जहाँ "हिंदू चरमपंथियों द्वारा ईसाई लोगों और उनके गिरजाघरों पर हिंसक हमलों में वृद्धि हुई है."

18 January 2019, 11:56