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2009 में मारे गये पत्रकार लासंथा विक्रिमतुंगे की कब्र 2009 में मारे गये पत्रकार लासंथा विक्रिमतुंगे की कब्र  

ख्रीस्तीय पत्रकार की हत्या के दस साल बाद भी कोई न्याय नहीं

वर्ष 2009 में ‘द संडे लीडर अखबार’ के मुख्य संपादक श्री लासंथा विक्रिमतुंगे को काम करने के दौरान बीच में ही मार दिया गया था। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की आलोचना की थी।

कोलम्बो, गुरुवार 10 जनवरी 2019 (एशिया न्यूज) : “ख्रीस्तीय पत्रकार लासंथा विक्रिमतुंगे की हत्या के दस साल बाद, अपराधी अभी भी बड़ी संख्या में हैं।” उक्त बात  मारे गए पत्रकार के भाई लाल विक्रिमतुंगे ने 8 जनवरी 2009 को उनके मौत की याद में एक संदेश जारी कर कहा।

लाल के पत्र को उनकी बेटी रायसा ने मंगलवार को बोरेला कब्रिस्तान में आयोजित एक स्मारक समारोह के दौरान पढ़ा। कार्यक्रम में उनके मित्र, रिश्तेदार और मंत्री उपस्थित थे।

मंत्री मंगला समरसिंघा ने कहा, "लासंथा के हत्यारों की तलाश धीमी है, लेकिन जांच अच्छे बिंदु पर है।"

एक अन्य मंत्री, एरन विक्रमरत्ने ने "बहुत शर्मिंदगी व्यक्त की कि मामला अभी तक सुलझाया नहीं गया है। पुलिस ने अपनी ओर से काम कर लिया है। अब अटॉर्नी जनरल विभाग और न्यायपालिका को इस मामले को लेना चाहिए। यह न सिर्फ लासंथा का परिवार परंतु पूरा समाज न्याय चाहता है।"

ख्रीस्तीय पत्रकार द संडे लीडर अखबार के मुख्य संपादक थे। उनकी हत्या दिन दहाड़े काम के लिए जाते वक्त रास्ते में की गई।

अपने अखबार के पन्नों से उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की कड़ी आलोचना की थी। पर महिंदा ने हत्या में किसी भी तरह की भागीदारी से हमेशा इनकार किया है। जांच के अनुसार, पत्रकार की हत्या के पीछे सैनिक थे।

विदेश में रहने वाले लाल विक्रिमतुंगे ने कहा, “एक दशक अपने भाई की मौत के लिए शोक करना और एक हत्या को सुलझाने के लिए बहुत लंबा समय है। मामले को दबाने में चार मासूम व्यक्ति मारे गए हैं।”

उन्होंने कहा, "उच्च पदों के पुलिस अधिकारियों पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ का संदेह है," ऐसी “हमारे राष्ट्र की स्थिति थी। अभियोग के बिना सुलह और समापन संभव नहीं होगा।”

10 January 2019, 14:53