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माराकेश में हो रहे सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्डिनल पियेत्रो पारोलिन माराकेश में हो रहे सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्डिनल पियेत्रो पारोलिन  (AFP or licensors)

कार्डिनल पारोलिन द्वारा सुरक्षित, सम्मानित प्रवास का आग्रह

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलिन ने सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के लिए वैश्विक कॉम्पैक्ट को अपनाने हेतु माराकेश, मोरक्को में हो रहे दो दिवसीय अंतर सरकारी सम्मेलन को संबोधित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

माराकेश, बुधवार 12 दिसम्बर 2018 (वाटिकन न्यूज) : सोमवार को 160 से अधिक देशों ने एक गैर-बाध्यकारी संयुक्त राष्ट्र प्रवासन समझौते पर सहमति व्यक्त की जो दुनिया भर के लोगों के सुरक्षित, व्यवस्थित और मानवीय आंदोलन को सुनिश्चित करना चाहता है। परमधर्मपीठ, उच्च स्तरीय सरकारी प्रतिनिधियों और जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल ने संयुक्त राष्ट्र के प्रवासन के लिए ग्लोबल कॉम्पैक्ट को अपना समर्थन दिया है।

कार्डिनल पारोलिन का संबोधन

माराकेश में हो रहे अंतर सरकारी सम्मेलन में वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलिन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि "प्रवासन पर वैश्विक समझौते को अपनाना एक बड़े ही नाजुक समय पर आया है।" कार्डिनल पारोलिन ने इंगित किया कि प्रवासन पर यह समझौता "संकट और त्रासदियों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहायता करने का प्रयास है। साथ ही, यह प्रवासन के नियमों को बेहतर बनाने की भी कोशिश है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं।"

कार्डिनल ने कहा, "प्रवासन के लिए वैश्विक समझौता, हालांकि कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, "इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए", इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और इसके सभी आयामों में प्रवासन के देखभाल में जिम्मेदारी साझा करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं और नीतिगत उपकरणों का व्यापक ढांचा आवश्यक है।"

संत पापा फ्राँसिस और प्रवासी

कार्डिनल पेरोलिन ने इस बात पर गौर किया कि संत पापा फ्राँसिस ने प्रवासियों की दुर्दशा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विस्थापित लोगों की देखभाल और उनके विस्थापन के मूल कारणों का जवाब देने के लिए नैतिक तात्कालिकता को समर्पित करने हेतु अपना अधिकांश समय समर्पित किया है।

वाटिकन राज्य सचिव और परमधर्मपीठ के प्रतिनिधि के रुप में कार्डिनल पारोलिन ने सरकारों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे उन स्थितियों को बढ़ावा दें जिससे समुदाय और लोग अपने ही देशों में सुरक्षित और गरिमा के साथ रह सकें।"

12 December 2018, 16:42