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यमन के बच्चे यमन के बच्चे   (ANSA)

हुदायदाह अस्पताल के बच्चे मौत के खतरे में

यमन के हुदायदाह तथा आसपास के शहरों में देश के 400,000 बच्चों में से 40 प्रतिशत बच्चे भूखमरी से पीड़ित हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

जब यमन के लिए मानवीय सहायता हुदायदाह बंदरगाह पर पहुँचती है तब इसका 80% ईंधन और भोजन सामग्री क्षतिग्रस्त, नष्ट या अवरुद्ध हो जाता है।

हुदायदाह में भारी संघर्ष की स्थिति

यूनिसेफ के महानिदेशक हेनरियेता फोर ने कहा, "यमन के बंदरगाह हुदायदाह में भारी संघर्ष की स्थिति है जिसका प्रभाव अल थवरा अस्पताल पर बुरी तरह पड़ रहा है। मेडिकल कर्मचारी एवं रोगियों ने पुष्टि दी है कि उन्हें भारी बमबारी एवं गोली मारने की आवाज सुनाई पड़ती है। अस्पलात से मिली जानकारी के अनुसार वहाँ केवल एक विभाग में कार्य किया जा सकता है जो अब खतरे में है।"

तत्काल उपचार के लिए बच्चे अस्पताल में भर्ती

बच्चे बर्दाश्त नहीं कर सकते कि अल थवरा अस्पताल भी लड़ाई में शामिल हो। हुदायदाह एवं आस-पास के शहरों में 4 लाख बच्चों में से 40 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। उनमें से कुछ बच्चों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।  

रिपोर्ट के अनुसार हुदायदाह के आस-पास भी संघर्ष बढ़ चुका है जहाँ यमन की 80 प्रतिशत मानवीय सहायता, ईंधन एवं भोजन सामग्री प्राप्त की जाती है। अगर बंदरगाह क्षतिग्रस्त, नष्ट या अवरुद्ध हो जाए तो जीवन के संदर्भ में परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

यूनिसेफ की मदद एवं अपील

यूनिसेफ के सदस्य बच्चों को जीवन रक्षा सहायता द्वारा उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर, दवाई, स्वच्छ पेयजल तथा पौष्टिक भोजन आदि के द्वारा ताकि बच्चों को भूखमरी से बचाया जा सके किन्तु संघर्ष अधिक खतरनाक होने पर ये प्रयास भी व्यर्थ साबित हो सकते हैं।।

यूनिसेफ ने सभी दलों से आग्रह किया है कि अस्पताल के आस-पास युद्ध का अंत किया जाए ताकि लोग सुरक्षित होकर अस्पताल की सुविधाओं को प्राप्त कर सकें। अपने कानूनी दायित्वों का पालन करते हुए नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोका जाए।

07 November 2018, 15:57