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बांग्लादेश में शरण लिये हुए रोहिंग्या परिवार बांग्लादेश में शरण लिये हुए रोहिंग्या परिवार  (AFP or licensors)

बांग्लादेश में डेंगू बुखार का प्रकोप

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लोग बहुत लंबे समय तक डेंगू बुखार के लक्षणों को अनदेखा करते हैं जिसकी वजह से उनकी मौत हो रही है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

ढाका, बुधवार 28 नवम्बर 2018 (उकान) : बांग्लादेश के अधिकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञ डेंगू बुखार के मामलों और इसके कारण हो रहे लोगों की मौत में वृद्धि से जूझ रहे हैं।

राज्य द्वारा संचालित रोग नियंत्रण और अनुसंधान संस्थान (आईईडीसीआर) के अनुसार, इस साल बांग्लादेश में डेंगू संक्रमण के 7,450 मामले दर्ज किये गये और 17 मौतों की सूचना मिली।

यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा है। गत वर्ष 2,769 मामले और आठ मौतें दर्ज की गई थीं। ज्यादातर रिपोर्ट किए गए मामले शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से थे।

डेंगू का प्रकोप

डेंगू प्रकोप सामान्य रूप से जून में मानसून के शुरु होने से लेकर सितंबर महीने तक रहता है।

आईईडीसीआर के उप-निदेशक डॉक्टर ताहमिना शिरिन ने उका न्यूज को बताया कि अनियोजित शहरीकरण और औद्योगीकरण के साथ संयुक्त उच्च उष्णकटिबंधीय वर्षा बीमारी फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन में योगदान देते हैं। डॉ. शिरिन ने कहा, "डेंगू के मामलों की सूचना तब दी जाती है जब लोगों को गंभीर लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, परंतु कई मामलों की सूचना नहीं मिलती है।"

डेंगू पर नियंत्रण

स्वास्थ्य देखभाल हेतु बने काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के सचिव डॉक्टर एडवर्ड पलाब रोजारियो ने आरोप लगाया कि मच्छरों को नियंत्रित करने में अधिकारी अक्सर लापरवाह होते हैं। "कभी-कभी, हम मच्छरों को मारने के लिए नगर निगमों द्वारा निर्दिष्ट लोगों को दवा छिड़काते हुए देखते हैं, लेकिन यह बेकार है। उन्हें मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए गंदी नालियों में पानी के निष्कासन और सफाई पर ध्यान देना होगा। इसके अलावा, मच्छर भी छिड़काने वाले दवाई के खिलाफ प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं।"

डेंगू बुखार उष्णकटिबंधीय बीमारी है अएडेस मादा मच्छर डेंगू वायरस को लोगों तक ले जाती है।

28 November 2018, 15:15