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राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड द्वारा बाल सुरक्षा राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड द्वारा बाल सुरक्षा 

राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड द्वारा लोकधर्मी नेतृत्व का अह्वान

अमरीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड ने यौन शोषण संकट के बीच, धर्माध्यक्षों के लोकधर्मियों द्वारा जाँच किये जाने एवं लोगों के ध्यान आकर्षण की नीति को लागू किये जाने का आह्वान किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अमरीका, बृहस्पतिवार, 30 अगस्त 2018 (वाटिकन न्यूज)˸ अमरीका में कुछ दिनों पूर्व प्रकाशित पेंसिल्वेनिया ग्रैंड जूरी रिपोर्ट तथा पूर्व कार्डिनल थेओदोर मककरिक के विरूद्ध आरोप ने राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड को प्रेरित किया है कि वह धर्माध्यक्षों की जाँच करने के लिए एक लोकधर्मी बोर्ड का गठन करे तथा एक आकर्षित करने वाली नीति को लागू करे। धर्माध्यक्षों ने अपने इस वक्तव्य को मंगलवार को अपने वेबसाईट पर प्रकाशित किया है।

ख्रीस्त के शरीर के प्रति धोखा

राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड ने यह स्वीकार करते हुए कहा कि जब से अमरीकी काथलिक धर्माध्यक्षों ने 2002 में नीतियों और प्रक्रियाओं को लागू किया है बाल यौन दुराचार की घटनाओं में कमी आई है, फिर भी, हाल के खुलासे दुराचार को ढ़कने में कलीसिया के उच्च अधिकारियों की सहभागिता को राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड (एनआरबी) ने गहरी समस्या कहा है।

एनआरबी ने कहा है कि समिति, नीति अथवा प्रक्रियाओं की स्थापना मात्र काफी नहीं है। उसने कलीसिया की संस्कृति में बदलाव लाने की मांग की है, खासकर, धर्माध्यक्षों के बीच क्योंकि यही वह स्थान है जहाँ मौन की संस्कृति को पनाह मिली है जो भयंकर दुराचार को बिना जाँच किये जाने देता है। जिसके कारण दुराचार के शिकार एवं ख्रीस्त का पूरा शरीर धोखा में पड़ा है जो अनैतिक नेतृत्व एवं सत्ता के दुरूपयोग का परिणाम है।  

धर्माध्यक्षीय जवाबदेही

एनआरबी ने कहा कि धर्माध्यक्षीय जवाबदेही उस विफलता अथवा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जटिलता में है कि उसके लिए किसी आरोप लगे धर्माध्यक्ष पर एक स्वतंत्र समीक्षा की मांग करता है। उसने यह भी कहा है कि वह अमरीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल दीनोर्दो से सहमत है जिन्होंने हाल में सलाह दी थी कि इस कार्य में तार्किक दलों को शामिल किया जाना चाहिए।

आकर्षित करने वाली नीति

जाँच करने वाली निकाय के प्रशिक्षण के लिए एनआरबी ने तत्काल एक अज्ञात सूचना नीति स्थापित करने की मांग की है जो कलीसियाई अधिकारियों से अलग हो और जो नागरिक एवं कलीसियाई दोनों अधिकारियों को आरोपों की रिपोर्ट दे सके।

बच्चों और युवाओं के संरक्षण के लिए चार्टर

राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड ने बच्चों और युवाओं के संरक्षण के लिए चार्टर के संशोधन की भी मांग की है ताकि एनआरबी द्वारा बने सिफारिश एवं अनुभवों पर चिंतन किया जा सके जो विभिन्न कारणों से शामिल नहीं है। उन्होंने खास रूप से मांग की है कि अप्रभावी "धर्माध्यक्षीय वचनबद्धता के वक्तव्य" को "एक सार्थक, क्रियाशील प्रतिबद्धता" के रूप में संशोधित किया जाए। जब किसी धर्माध्यक्ष के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाये जाते हैं अथवा जब किसी पुरोहित के आरोप पर धर्माध्यक्ष सही रूप से जवाब नहीं दे पाते हैं तब "भाई सुधार" की अस्पष्टता को "ठोस कदमों की रूपरेखा" में संशोधित किया जाए।

लोकधर्मियों के लिए नेतृत्व संभालने का समय

राष्ट्रीय समीक्षा बोर्ड ने अपने वक्तव्य में कहा है कि वर्तमान समय के अधिकतर धर्माध्यक्षों द्वारा यौन शोषण के मामलों को गंभीरता से लेने को वे स्वीकार करते हैं किन्तु हर समय कोई न कोई धर्माध्यक्ष अपने वचनों में विफल हो जाता है जो पूरे धर्माध्यक्षीय दल को कलंकित कर देता है अतः एनआरबी ने कहा है कि लोकधर्मियों के लिए समय आ गया है कि वे कलीसिया की मदद करने एवं उसकी चंगाई के लिए साहस पूर्वक नेतृत्व का भार संभालें तथा धर्माध्यक्षों के लिए हमारी सिफारिशों को ध्यानपूर्वक सुनें।  

30 August 2018, 17:33