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बच्चे को दूध पिलाती एक माँ बच्चे को दूध पिलाती एक माँ  (AFP or licensors)

जीवन के पहले घंटे में नवजात शिशु का स्तनपान महत्वपूर्ण

संयुक्त राष्ट्र बाल निधि, यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्ल्यूएचओ ने 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह की पूर्व संध्या, 31 जुलाई को एक रिपोर्ट जारी किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

संयुक्त राष्ट्र, बृहस्पतिवार, 2 अगस्त 2018 (वाटिकन न्यूज)˸ मंगलवार को प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट अनुसार विश्व के करीब 78 मिलियन या पाँच में से तीन बच्चों को, उनके जन्म के पहले घंटों में माँ का स्तनपान नहीं कराया जाता है तो वे मृत्यु और बीमारी के अधिक खतरे में पड़ जाते हैं। उनमें से ज्यादातर कम और मध्यम आय वाले देशों के बच्चे हैं।

जीवन की महत्वपूर्ण घड़ी

संयुक्त राष्ट्र बाल निधि, यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन, डब्ल्यूएचओ ने 1 से 7 अगस्त को स्तनपान सप्ताह घोषित कर, स्तनपान को प्रोत्साहन दिया है तथा विश्वभर के शिशुओं को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति को बढ़ावा दिया है।

शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए यूनिसेफ पोषण विशेषज्ञ, माइक कला ने बतलाया कि इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह का ध्यान मां के जीवन के उस महत्वपूर्ण पहले घंटे के भीतर अपने बच्चों को स्तनपान कराने में मदद करने के महत्व को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सही तरीके से स्तनपान कराने में मदद करना है। यह शिशुओं के जीवन के पहले महीनों में उनकी मृत्यु से बचाने और उन्हें बीमारियों से रक्षा करने में मदद देता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मां और बच्चे का यह संपर्क ब्रेस्टमिल्क उत्पादन के दृष्टिकोण से भी ज़रूरी है। इस पहले संपर्क से ही कोलोस्ट्रम बनने में भी मदद मिलती है , जिसे बच्चे का 'पहला टीका' भी कहा जाता है, जो पोषक तत्वों और एंटीबॉडी में बेहद समृद्ध है।

माताओं का समर्थन

कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा ने शोक व्यक्त किया कि "जन्म देने के बाद मां को उन महत्वपूर्ण मिनटों में स्तनपान कराने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता है, यहां तक कि स्वास्थ्य सुविधाओं के चिकित्सा कर्मियों से भी।"

डब्ल्यू एच ओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम गेबेरियस ने माताओं को समर्थन देने के प्रयासों को आनुपातिक दरों से बढ़ाने का आग्रह किया है ताकि वे अपने बच्चों को आरम्भ में जो पोषक तत्व आवश्यक हैं उन्हें वे प्रदान कर सकें।

यूनिसेफ की कला ने सभी लोगों से यह भी आग्रह किया है कि वे न केवल स्तनपान सप्ताह के दौरान किन्तु शिशु के पहले सप्ताह के हर दिन माताओं एवं शिशुओं को सहायता दें। स्तनपान से न केवल बच्चों का जीवन बच जाता है किन्तु यह उनके विकास के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह एक सबसे अच्छा उपहार है जिसे माताएँ अपने नवजात शिशु को प्रदान करती हैं।

संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने स्तनपान को प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने इस साल जब येसु के बपतिस्मा के पर्व के अवसर पर वाटिकन के सिस्टीन प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित किया था, तब उन्होंने कहा था कि नई माताओं को बिना किसी अवरोध के अपने बच्चों को स्तनपान कराने के लिए स्वतंत्र महसूस करना चाहिए।

संत पापा ने 7 जनवरी को कुल 34 शिशुओं को बपतिस्मा संस्कार दिया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा था, "शिशुओं की अपनी भाषा है, यदि एक रोने लगता है तो दूसरा भी रोता है और ऑर्केस्ट्रा की तरह तीसरा एवं अन्य शिशु भी रोते हैं। जब वे रोने लगें या असुविधाजनक महसूस करें अथवा  गर्मी, असहज या भूख का अनुभव करें तब उन्हें दूध पिलाया जाए। उन्होंने माताओं से कहा था कि नहीं डरें, उन्हें पिलायें, क्योंकि यह भी प्यार की भाषा है।"

01 July 2018, 17:06