खोज

कार्डिनल  परोलीन का मरिया मेजर में मिस्सा कार्डिनल परोलीन का मरिया मेजर में मिस्सा  (Vatican Media)

परोलीनः ईश्वर सभी परिस्थितियों को ठीक कर सकते हैं

वाटिकन राज्य सचिव ने रोम के मरिया मेजर महागिरजाघर में यूक्रेन में शांति हेतु मिस्सा बलिदान अर्पित किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 18 नवम्बर 2022 (रेई) वाटिकन राज्य से सचिव कार्डिनल पियेत्रो परोलीना ने यूक्रेन में शांति व्यवस्था हेतु माता मरिया को समर्पित रोम के गिरजाघर मरिया मजोरे में यूख्रारिस्तीय बलिदान अर्पित किया।

24 फरवरी से रूस द्वारा यूक्रेन आक्रमण के बाद युद्ध की निरंतरता और इसके गंभीर परिणामों की स्थिति में वाटिकन राज्य के सचिव कार्डिनल परोलीन ने मरिया मजोरे में एक विशेष मिस्सा बलिदान का अनुष्ठान किया जिसमें करीबन 60 देशों के राजदूतों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह मिस्सा बलिदान वाटिकन और यूक्रेन के बीच 30 वर्षीय राजनायिक संबंधों की यादगारी में अर्पित किया गया जिसमें कार्डिनल परोलीन ने युद्ध समाप्ति हेतु प्रार्थना की।

पुनर्निर्माण हेतु मार्ग

अपने वचन में उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी परिस्थिति नहीं जहाँ ईश्वर पवित्र आत्मा के माध्यम पुनरूत्थान के कार्य को पूरा नहीं कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मलबे के बीच पुनर्निर्माण के लिए एक मार्ग की आवश्यकता है। कार्डिनल ने यूख्रारिस्तीय बदिलान के दौरान प्रार्थना की, “ईश्वर मानवता पर पवित्र आत्मा के माध्यम अपनी कृपा उडलते हुए युद्ध के दंश को दूर करें।”

“ईश्वर, वास्तव में, चाहते हैं कि हर कोई सद्भाव में रहे, एक-दूसरे का विनाश न करें, बल्कि एक-दूसरे को बढ़ने में मदद करें।” उन्होंने कहा कि ईश्वर की दिव्य इच्छा “एक भ्रातृत्वपूर्ण सच्चा मानव समाज है।”

हिंसा चक्र को तोड़ना 

अपने प्रवचन में कार्डिनल ने कहा कि येसु हर मानव को शोकित करने वाले शब्दों से चुनौती देते हैं वे हमें अपने गालों को दूसरों के सामने प्रस्तुत करने की चुनौती देते हैं। “ये शब्द अन्याय के शिकार लोगों के दिल को चीर सकता है, वे चौंकाने वाले हो सकते हैं,” उन्होंने कहा कि लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि ईश्वर हमें अन्याय के आगे झुकने का निमंत्रण देते हैं। “वे हमसे अन्यायपूर्ण चीजों की मांग नहीं करते हैं,”  वरन् हिंसा के दुष्चक्र को तोड़ने में हमारे सहयोग की मांग करते हैं। वे हमें सतर्क रहने का आहृवान करते हैं और अपने को आक्रोश का शिकार नहीं होने को कहते हैं।

“यदि उन लोगों से अपना बचाव करना वैध है जो हमें अपने कब्जे में करना चाहते हैं, तो घृणा और प्रतिशोध से अपना बचाव करना और भी अधिक वैध है: “हमारे अंदर जब बुराई बनी रहती तो हम बुराई को समाप्त करने की जोखिम नहीं उठा सकते हैं।”  येसु हमें यह उदाहरण देते हैं, और हमारी सहायता करते हैं, वे हमसे पूछते हैं, “जहां दूसरे लोग मृत्यु बोते हैं, क्या हम वहाँ जीवन बोने में सक्षम हैं।”

मरूभूमि में भी हरियाली की संभावना

कार्डिनल ने कहा “ऐसी कोई भी खराब परिस्थिति नहीं जहाँ ईश्वर का आत्मा नया जीवन नहीं ला सकता है। वैसी स्थिति में हमें शांति के लिए प्रार्थना करने की अति जरूरत है। उन्होंने कहा, “यहाँ तक की एक मरूभूमि को भी फूलों की वाटिका में परिणत किया जा सकता है।” 

विदित हो कि जब से रूस के द्वारा यूक्रेन में युद्ध का सिलसिला शुरू हुआ है संत पापा फ्रांसिस ने कई बार यूक्रेन में शांति स्थापना की अपील की है, उन्होंने स्वयं देशों के बीच शांति स्थापना हेतु मिस्सा बलिदान अर्पित किया है।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

18 November 2022, 15:24