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हिन्दू रीति से प्रार्थना करता एक दम्पति हिन्दू रीति से प्रार्थना करता एक दम्पति  (©WONG SZE FEI - stock.adobe.com)

वाटिकन से दीपावली संदेश ˸ ख्रीस्तीय व हिन्दू शांति के लिए एक साथ काम करें

वाटिकन के अंतरधार्मिक संवाद परिषद ने दीपावली का ज्योहार मनानेवालों को पर्व की शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने संदेश में निमंत्रण दिया है कि विभाजित दुनिया में शांति लाने हेतु ख्रीस्तीय एवं हिंदू एक साथ कार्य करें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अंतरधार्मिक वार्ता को प्रोत्साहन देने हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद ने हिन्दुओं के त्योहार दीपावली (दिवाली) के पूर्व, सोमवार को एक संदेश जारी किया। इस साल दीपावली 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

संदेश में सभी हिन्दूओं को सहर्ष शुभकामनाएँ अर्पित की गई हैं और आग्रह किया गया है कि ख्रीस्तीय एवं हिन्दू एक साथ "प्रसन्नता और सह-जिम्मेदारी" की भावना में बढ़ाने का प्रयास करें।

दीपावली का त्योहार

दीपावली दीपों का त्योहार है। यह झूठ पर सत्य, अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है। हिन्दुओं के इस बड़े त्योहार को भाईचारा और परिवार में मेल-प्रेम के साथ मनाया जाता है।     

अंतरधार्मिक वार्ता को प्रोत्साहन देने हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद के अध्यक्ष कार्डिनल मिग्वेल एंजेल आयूसो गिक्सोत एवं परिषद के सचिव मोनसिन्योर इंदूनिल जानकारातने कोडिथूवाकू कनकनामालाग द्वारा हस्ताक्षरित संदेश में सभी हिन्दूओं को पर्व की शुभकामनाएँ दी गई हैं।

"दीपों का यह त्यौहार आपको तथा आपके परिवारों, समुदायों और समाज में सभी के जीवन को आनन्द और खुशी प्रदान करे।"

बढ़ते तनाव

संदेश में गौर किया गया है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में धर्म, संस्कृति, जाति, नस्लीय और भाषाई पहचान एवं प्रधानता के आधार पर तनाव संघर्ष एवं हिंसा की घटनाएँ बढ़ रही हैं।

समस्याओं को बहुधा प्रतिस्पर्धी, लोकलुभावन और विस्तारवादी राजनीति द्वारा ईंधन दिया जा रहा है... और सोशल मीडिया का अत्यधिक दुरुपयोग", "हम सभी के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि यह समाज में भाईचारा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।"

मित्रता

समस्याओं के बावजूद वाटिकन के संदेश ने मित्रता पर जोर दिया है जिसको "सम्मान, प्रेम और विश्वास की भावना में अपने व्यक्तित्व, विविधता और मतभेदों के साथ दूसरों के बीच में रहने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया गया है।"

मित्रता, व्यक्तिगत मुलाकात, बातचीत एवं एक-दूसरे को सुनने से स्थापित की जा सकती है और यह हमें "सह-जिम्मेदारी", या "प्रत्येक व्यक्ति की पारलौकिक गरिमा और उनके वैध अधिकारों" को मान्यता देने की ओर ले जा सकती है।"

संदेश के अंत में सभी धर्मों के पाठकों से अपील करते हुए कहा गया है कि "हम ख्रीस्तीय विश्वासी और हिन्दू, उन सभी धार्मिक परम्पराओं एवं भली इच्छा रखनेवाले लोगों के साथ, हाथ मिलाकर, इस दुनिया को शांति और आनंद के साथ रहने हेतु एक सुरक्षित घर में बदलने के लिए मित्रता और सह-जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दें।"

अंत में पुनः शुभकामनाएँ देते हुए कहा गया है, "आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।"

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18 October 2022, 16:32