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परमधर्मपीठ के लिए अमरीका के नये राजदूत जोसेफ डोनेली से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस परमधर्मपीठ के लिए अमरीका के नये राजदूत जोसेफ डोनेली से मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस  (Vatican Media)

परमधर्मपीठ के लिए अमरीका के नये प्रेरितिक राजदूत से पोप की मुलाकात

वाटिकन रेडियो के साथ एक साक्षात्कार में, परमधर्मपीठ के लिए अमरीका के नये राजदूत जोसेफ डोनेली ने अपने मिशन और संत पापा फ्रांसिस के साथ हाल में हुई मुलाकात पर प्रकाश डाला।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

अमरीका के नये राजदूत जोसेफ डोनेली मानव अधिकार को प्रोत्साहन देने हेतु वाटिकन के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। वाटिकन रेडियो के साथ एक साक्षात्कार में राजदूत ने संत पापा के साथ पिछले दिनों हुई अपनी मुलाकात, सेवा में अपनी नियुक्ति और अपने आगे के मिशन पर चर्चा की।

अमरीकी राजदूत ने 11 अप्रैल को वाटिकन के प्रेरितिक प्रासाद में संत पापा से मुलाकात करते हुए अपना प्रत्यय पत्र प्रस्तुत किया था।

राजदूत का मुख्य कार्य होगा परमधर्मपीठ और अमरीकी सरकार के बीच संबंध स्थापित करना। वाटिकन एवं अमरीका के बीच राजनयिक संबंध, संत पापा जॉन पौल द्वितीय और राष्ट्रपति रोनाल्ड रेगन के बीच 10 जनवरी 1984 में स्थापित की गई थी।

राजदूत जोसेफ विवाहित हैं और दो बच्चों के पिता हैं। उनकी एक पोती भी है। वे वाटिकन के लिए अमरीका के 12वें राजदूत के रूप में 24 जनवरी को नियुक्त किये गये।  

उन्होंने कहा, "मेरा परिवार और मैं काथलिक विश्वास के सदस्य होने में गर्व महसूस करते हैं और मेरे सार्वजनिक सेवा के वर्षों में, कलीसिया मेरे जीवन और मेरे मूल्यों का मूल भाग रहा है।"   

डोनेली का जन्म 29 सितम्बर 1955 को न्यूयॉर्क में हुआ था। उन्होंने नोट्रडम यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई की है एवं नोट्रडम यूनिवर्सिटी के कानून विभाग से जे. डी. की डिग्री प्राप्त की है।

1977 से 2007 तक विभिन्न कानूनी पढ़ाई पूरी करने और निजी संस्थाओं में एक वकील के रूप में काम करने के बाद, डोनेली ने 2007 से 2013 तक यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के सदस्य के रूप में भारत के दूसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व किया। वे अफगानिस्तान अध्ययन दल के सदस्य थे तथा नोट्रडम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी रहे, इसके अलावा, उन्होंने न्यूयॉर्क में सौफन सेंटर के बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में और साउथ बेंड, इंडियाना में इनोवेटस सोलर के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य किया।

संत पापा फ्रांसिस के साथ अपनी मुलाकात की याद करते हुए डोनेली ने कहा कि "यह एक विस्मयकारी घटना थी क्योंकि मैंने एक ऐसे व्यक्ति से मुलाकात की जिसे पूरी दुनिया हम सभी के लिए एक प्राथमिक नैतिक केंद्रबिन्दु के रूप में देख रही है और दूसरी आश्चर्यजनक बात थी कि 11 महीने की हमारी पोती हमारे साथ थी। वह पूरी तरह संत पापा पर मोहित थी और संत पापा भी उसकी ओर अकर्षित थे। किन्तु पोप के साथ होना जिनको हमारे देश में बहुत सम्मान और प्यार दिया जाता है, उनके साथ यूक्रेन, विश्व शांति, मानव अधिकारों पर बातें करना और यह जानना कि हम एक-दूसरे के कितने करीब हैं, यह सचमुच मेरे जीवन का एक सबसे विशेष क्षण था।"    

डोनेली ने अपने मिशन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका उद्देश्य है मानव अधिकार एवं हरेक व्यक्ति की प्रतिष्ठा के लिए खड़ा होना है। इस तरह वे मानव अधिकार के मुद्दे पर एक साथ काम करना चाहते हैं ताकि हरेक व्यक्ति को अपने सपनों को साकार होते देखने का अवसर मिल सके, वे अपने परिवारों की देखभाल कर सकें। उन्होंने बतलाया कि संत पापा एवं वाटिकन के साथ मिलकर वे धार्मिक स्वतंत्रता के लिए काम करना चाहते हैं तथा यह सुनिश्चित करना चाहते हैं ताकि सभी लोग अपनी-अपनी आस्था के अनुसार जी सकें।

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05 May 2022, 17:09