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मॉस्को में माताओं का विद्रोह प्रदर्शन मॉस्को में माताओं का विद्रोह प्रदर्शन  (AFP or licensors)

रूस में माताओं का विद्रोह, जबकि यूक्रेनियन विरोध जारी रखते हैं

रूस में युवा सैनिकों को यूक्रेन में लड़ने के लिए भेजा गया, उन्हें यह मालुम नहीं था कि उन्हें युद्ध के लिए भेजा जा रहा है। उनकी मांताएँ जबरदस्ती विरोध कर रही हैं क्योंकि उन्हें अपने बेटों की कोई खबर नहीं है। इस बीच, यूक्रेनी आक्रमणकारियों का विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं: अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक असमान संघर्ष।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मॉस्को, शनिवार 12 मार्च 2022 (वाटिकन न्यूज) : रूस में, बहादुर माताएँ विरोध करने से नहीं डरतीं क्योंकि उनके बेटों को बिना जाने ही यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए भेज दिया गया। युवा सैनिक जो किसी और की जंग लड़ना नहीं चाहते। कुछ सैनिक ऐसे हैं जो अभी अभी युवा अवस्था में प्रवेश किये हैं।

ऐसी माताएँ भी हैं जो युद्ध के कथित कारणों से सहमत हो सकती हैं, क्योंकि बहुत प्रचार और गलत सूचना है, लेकिन अगर आपका एक बेटा है जिसे धोखा दिया गया है, इस्तेमाल किया गया है और जीने और जीने देने के बजाय मारने और मरने के लिए भेजा गया है तब विद्रोह किसी भी भय से अधिक शक्तिशाली हो जाता है। यह कि अब देश में एक ऐसा कानून है जो आक्रमण की बात करने पर 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान करता है, इससे उनहें कोई फर्क नहीं पड़ता। यदि माताएं विद्रोह कर रही हैं, तो शासन को चिंता करनी होगी।

प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरी रूसी माताओं को पीटा गया और गिरफ्तार किया गया है। मां के लिए बच्चा ही सब कुछ होता है। वे जानना चाहती हैं कि उनके बेटे कहां हैं, बेटे जिन्हें तोप के चारे की तरह मोर्चे पर भेजा गया है और जिनके ठिकाने का पता नहीं है क्योंकि अधिकारियों को उन्हें बताने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

ऐसी माताएँ भी हैं जिनके पास आशा है, क्योंकि उनके बेटे, यूक्रेनियन द्वारा बंधक बना लिये गये है, उन्होंने फोन कर बताया कि वे अभी भी जीवित हैं। अन्य युवा सैनिक हैं जो अपने आप को बचाने की कोशिष में जंग छोड़ भाग रहे हैं। उन्हें समझ में नहीं आता कि इस युद्ध के लिए उन्हें क्यों मरना चाहिए।

दूसरी तरफ स्वतंत्र यूक्रेनी लोगों का साहसपूर्ण प्रतिरोध है जो एक विदेशी शासन द्वारा गुलाम नहीं बनना चाहते हैं। उन लोगों के लिए जो विश्वास करते हैं, या विश्वास करना चाहते हैं, यह झूठ कि रूसी सेना नाजियों के हाथों से लोगों को मुक्त करने के लिए गई थी, यह देखने के लिए पर्याप्त है कि दुनिया भर से कितने यूक्रेनियन अपने सामान, धन और आराम पीछे छोड़ आक्रमणकारियों से अपनी मातृभूमि का बचाव के लिए देश लौट रहे हैं।

यह देखने के लिए पर्याप्त है कि कितने बुजुर्ग लोग, महिलाएं और निहत्थे यूक्रेनी नागरिक मास्को से भेजे गए टैंकों के कब्जे वाली सड़कों पर उतर रहे हैं, रूसियों को वापस जाने के लिए चिल्ला रहे हैं। ये चकाचौंध करने वाले तथ्य हैं, एक विपरीत कथा को प्रस्तुत करने वाली झूठी कहानियों के पुख्ता सबूत। यूक्रेन अपना भविष्य खुद तय करने के लिए स्वतंत्र रहना चाहता है और अंत तक विरोध करेगा।

यही कारण है कि रूसी सेना नागरिकों पर गोली चला रही है और उन्हें भूखा मार रही है, सब कुछ तबाह कर रही है, घरों, अस्पतालों, स्कूलों और गिरजाघरों पर हमला कर रही है: क्योंकि मास्को जानता है कि वह लड़ाई जीत सकता है, लेकिन उन लोगों के खिलाफ युद्ध नहीं जीत सकता जो स्वतंत्रता चाहते हैं।

 

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12 March 2022, 15:48