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यूक्रेन के कीव स्थित बम शेल्टर में मिया ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया यूक्रेन के कीव स्थित बम शेल्टर में मिया ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया  (ANSA) संपादकीय

यूक्रेन में महिलाएं आशा, शक्ति एवं प्रेम की मिसाल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022 ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब यूक्रेन में युद्ध जारी है जहाँ लाखों महिलाओं को अपना घर छोड़कर भागना पड़ रहा है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

इस साल का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यूक्रेन की महिलाओं के साहस, बल एवं कड़ी परीक्षा को स्वीकार करने से नहीं चूक सकता, जहाँ महिलाओं को अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए अपने घरों को छोड़कर भागना पड़ रहा है।  

वाटिकन न्यूज़ के संपादक मस्सिमिलियो मनिकेत्ती ने कहा, "वे प्रार्थना करनेवाली महिलाएँ हैं। वे बढ़ते टैंकों एवं विस्फोटक रॉकेट का विरोध करने के लिए अपने पति के साथ खड़ी होने का फैसला करती हैं। मलबे एवं तोप के बीच दूध पिलातीं, सुरक्षा प्रयास में भाग लेतीं, भोजन तैयार करतीं एवं नया जीवन देतीं हैं, वे नई आशा जगातीं और सीमा पर घंटों रूक सकती हैं।"  

महिलाएँ कार एवं ट्रक चला सकती हैं क्योंकि देश में हमले हो रहे हैं। महिलाएँ अपने समानों के साथ ठंढ़ एवं वर्फ में पैदल यात्रा कर सकती हैं। कई ने अपना जीवन खो दिया है, उन्हें बलात्कार का सामना करना पड़ता है, बच्चे बम और गोलियों के कारण फंसे हुए हैं। इस भीषण तबाही को कौन स्वीकार कर सकता है?

यूक्रेन के बाहर, दूसरी महिलाएँ हैं जो सहायता सामग्री जमा कर रही हैं, राजनीति एवं कूटनीति में कार्य कर रही हैं और समाधान लाने की कोशिश कर रही हैं, सड़कों पर प्रदर्शन कर रहीं हैं, गिरफ्तार की जा रहीं हैं और पिटाई खा रहीं हैं। महिलाएँ, बेटियाँ, बहनें, माताएँ, पत्नियाँ और मित्र सभी समाज का निर्माण कर रही हैं, आर्थिक मदद पहुँचा रही हैं, शिक्षा एवं रचनात्मकता में योगदान दे रही हैं, सृष्टि की देखभाल एवं मानवता को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।  

संत पापा ने इस साल 1 जनवरी को कहा था, "एक महिला को चोट पहुँचाना ईश्वर का अपमान करना है।" जबकि यूरोप में युद्ध की छाया जो अब तक अदृश्य है एवं बढ़ रहा है उन्हें दुनिया भर में दुराचार और हिंसा की शिकार बना रहा है।  

बालिकाएँ कई बार चुपचाप मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक हिंसा की शिकार होती हैं, जबरन शादी के बंधन में बांधी जातीं, वेश्यवृति की शिकार होतीं, पढ़ाई करने के बदले काम करने के लिए मजबूर होतीं, वे युद्ध के कारण खुद मौत की शिकार हो रही हैं या अपने बच्चों को मरते देख रहीं हैं।  

इन घृणित कामों को देखते हुए कौन चुप रह सकता है? महिलाएँ दैनिक जीवन में दुनिया को अपना समर्थन, मदद और मार्गदर्शन दे रही हैं एवं साहसिक कार्य कर रही हैं जब सामान्य चीजें नष्ट हो चुकी हैं। महिलाएं दुनिया के हर हिस्से में अलगाव और दुश्मनी के तर्क का विरोध करती हैं, वे एकता के लिए काम करती हैं।

कलीसिया के इतिहास में कई महिला संत हैं, वे प्रकाश स्तम्भ हैं जिन्होंने अन्याय एवं त्रासदी से घायल यूरोप में, अपने समय में और आज भी, ख्रीस्त की मुक्तिदायी प्रकाश को फैलाया है। यूरोप की रक्षा की है, जैसे, संत ब्रीजिट, संत हिल्दगार्द, क्रूस की संत तेरेसा बेनेदिक्ता और सीयेना की संत कैथरीन।

ऐसे समय में, हम अपने आपको माता मरियम ईश्वर की माता को समर्पित करते हैं ताकि यूक्रेन एवं विश्व में हो रही हर प्रकार की हिंसा का अंत हो और हर पुरूष और स्त्री शांतिमय जीवन जी सके।

यूक्रेन की एक महिला जो मोलदोवा में शरणार्थी के रूप में पहुँची है

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08 March 2022, 16:01