खोज

24.5.2021 वाटिकन संचार विभाग के दौरे में वाटिकन रेडियो के स्टूडियों में संत पापा फ्राँसिस 24.5.2021 वाटिकन संचार विभाग के दौरे में वाटिकन रेडियो के स्टूडियों में संत पापा फ्राँसिस  (AFP or licensors)

वाटिकन रेडियो का 91 वर्ष, आत्मविश्वास को प्रेरित करती है "आकाशवाणी"

12 फरवरी, 1931 को संत पापा पियुस ग्यारहवें ने गुइलियेल्मो मार्कोनी द्वारा निर्मित रेडियो स्टेशन का उद्घाटन किया। वर्षगांठ विश्व रेडियो दिवस के साथ जुड़ी हुई है जो 13 फरवरी, 1946 को संयुक्त राष्ट्र के पहले प्रसारण की स्मृति में है। एक बुजुर्ग विद्वान एनरिको मेंडुनी इस समय महामारी के साथी एकांत और कई लोगों की परेशानी के बीच रेडियो के महत्व को प्रस्तुत करते हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 11 फरवरी 2022 (वाटिकन न्यूज) : विश्व रेडियो दिवस 2022 की थीम "रेडियो और विश्वास", मानवता को उसकी विविधता में मनाने का एक शक्तिशाली उपकरण है। यूनेस्को द्वारा स्थापित रेडियो दिवस, 1946 में संयुक्त राष्ट्र के पहले रेडियो प्रसारण की वर्षगांठ पर 13 फरवरी को मनाया जाता है। समय के संयोग से, वाटिकन रेडियो के जन्म की तारीख को एक दिन, पंद्रह साल अधिक "पुराना" कहा जाता है। संत पापा पियुस ग्यारहवें की दूरदर्शिता और गुइलियेल्मो मार्कोनी प्रतिभा के लिए धन्यवाद। 12 फरवरी 1931 की पहली स्थापना से आज तक, साधन और क्षमता के मामले में अद्यतन, संत पापा का संदेश को वाटिकन रेडियो प्रसार करना जारी रखा है ।

"दुनिया में रहने वाले सभी लोग सुनें"

वाटिकन रेडियो के पहले "स्पीकर" स्वयं रेडियो के आविष्कारक श्री गुइलियेल्मो मार्कोनी ने वाटिकन रेडियो से घोषणा की, कि संत पापा सभी लोगों को संबोधित करेंगे। मार्कोनी कहते हैं, यह घोषणा करना "मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है कि कुछ ही क्षणों में परमाध्यक्ष संत पापा पियुस ग्यारहवें वाटिकन सिटी के रेडियो स्टेशन का उद्घाटन करेंगे। विद्युत तरंगें उनके शांति और आशीर्वाद के वचन को वायु मार्ग के माध्यम से दुनिया भर में ले जाएंगी। लगभग बीस शताब्दियों तक परमाध्यक्षों ने दुनिया में अपनी धर्मशिक्षाओं को सुनाया; लेकिन पहली बार उनकी आवाज को एक साथ पृथ्वी की पूरी सतह पर सुना जा सकेगा।" फादर गुइलियेल्मो मार्कोनी के बाद, संत पापा पियुस ग्यारहवें माइक्रोफोन के पास गये। संत पापा ने  सभी लोगों को संबोधित करते हुए लैटिन भाषा में अपना संदेश दिया। उन्होंने पवित्र शास्त्र के शब्दों के साथ अपना संदेश शुरु किया, "सुनो, हे स्वर्ग, जो मैं कहने वाला हूँ, पृथ्वी को मेरे शब्दों को सुनने दो। सुनो, तुम सब लोग, सुनो, तुम सब जो दुनिया में रहते हो, एक ही इरादे में एकजुट, अमीर और गरीब - सुनो, तुम द्वीप और तुम दूर के लोग सुनो।"

12 फरवरी, 1931: वाटिकन रेडियो का जन्म हुआ संत पापा पियुस ग्यारहवें और मार्कोनी
12 फरवरी, 1931: वाटिकन रेडियो का जन्म हुआ संत पापा पियुस ग्यारहवें और मार्कोनी

रेडियो, एक विश्वसनीय माध्यम

रेडियो की दुनिया संकट के क्षणों को जानती ही नहीं है। शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (यूनिसेफ) बताती है कि इस महामारी के समय में, झूठी सूचना के प्रसार के कारण, मीडिया में विश्वास सामान्य रूप से कम हो गया है। लेकिन रेडियो एक विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है और सत्यापन योग्य और स्वतंत्र जानकारी की ओर उन्मुख है। कई नागरिक किसी भी अन्य मीडिया से ज्यादा रेडियो पर भरोसा करते हैं। ऐसे कई कारक और फायदे हैं जो रेडियो को आज भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य का माध्यम बनाते हैं।

निबंधकार और रेडियो विद्वान प्रोफेसर एनरिको मेंडुनी से वाटिकन न्यूज के अमादेव ने साक्षात्कार किया।

आज विश्व में रेडियो की स्थिति क्या है?

एनरिको मेंडुनीः रेडियो एक पुराना माध्यम है, लेकिन इसका विकास इसकी असाधारण सादगी से सुरक्षित है। निरंतर तकनीकी अनुकूलन की दुनिया में, रेडियो निरंतर विश्वसनीयता बनाए रखता है। यह सस्ता है, प्राप्तकर्ता के लिए सस्ता है और इसके लिए मामूली लागत वाले उपकरणों की आवश्यकता होती है। यह इंटरनेट, विद्युत चुम्बकीय तरंगों और केबल के माध्यम से फैलता है और अत्यंत बहुमुखी है। टेलीविजन से प्रतिस्पर्धा के बावजूद, रेडियो उत्कृष्ट है।

रेडियो भरोसेमंद और विश्वसनीय क्यों है?

एनरिको मेंडुनीः रेडियो में एक बड़ी खामी और एक बड़ा फायदा है: इसमें केवल एक ही इंद्रिय है, सुनना। टेलीविज़न या सिनेमा में दृश्य-श्रव्य भाषा का उपयोग किया जाता हैं। यह एक नुकसान की तरह लगता है, लेकिन वास्तव में, यह वह तत्व है जो रेडियो दर्शकों को अन्य मीडिया की तुलना में अधिक सक्रिय बनाता है। उदाहरण के लिए यदि रेडियो घोड़े की बात करता है, तो यह श्रोता है जिसे एकीकृत करना चाहिए: यदि घोड़ा सफेद, काला, सरपट दौड़ता या स्थिर है, यह श्रोता द्वारा एक स्वतंत्र व्याख्या का भी परिणाम है। अतः रेडियो एक ऐसा माध्यम है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है। टेलीविजन पर हम जिस घोड़े को देखते हैं, वह सभी के लिए समान होता है, जबकि रेडियो प्रसारण श्रोताओं के रूप में कई अलग-अलग घोड़ों की पेशकश करता है। प्रत्येक श्रोता के विचार की जैव विविधता के लिए एक प्रकार का सम्मान है।

रेडियो एक ऐसा माध्यम है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देता है। महामारी द्वारा चिह्नित इस समय में रेडियो कौन से कार्य कर सकता है?

एनरिको मेंडुनीः रेडियो की बहुत ही विशेष विशेषताएं हैं: यह एक ऐसा माध्यम है जो आपको अन्य काम करने की अनुमति देता है। आपको स्क्रीन के सामने स्थिर रहने की आवश्यकता नहीं है। आप आराम कर सकते हैं, कंप्यूटर पर लिख सकते हैं ...

उदाहरण के लिए, स्मार्ट वर्किंग को भी रेडियो सुनने के साथ बखूबी किया जाता है ...

आप लगभग हमेशा, पृष्ठभूमि में संगीत या भाषण के साथ काम कर सकते हैं। यह एक ऐसा माध्यम है जिसे अपने लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती है। वह श्रोता की आदतों और जरूरतों का बहुत सम्मान करता है। रेडियो उन क्षणों में जनता के विशेष रूप से करीब होता है जब यह जनता बेचैनी के रूपों, अकेलेपन और अवसाद से संबंधित समस्याओं का अनुभव करती है। टेलीफोन को रेडियो से जोड़ें तो यह भी अत्यधिक संवादात्मक होता है: यह श्रोता के साथ संवाद की अनुमति देता है। जब कोई व्यक्ति रेडियो पर टेलीफोन करता है, तो दो विषयों के बीच आदान-प्रदान होता है जो समान संभावनाओं और एक ही माध्यम, आवाज और श्रवण का उपयोग करते हैं। फिर एक समान संबंध स्थापित किया जाता है जो अधिक आत्मविश्वास की अनुमति देता है।

आइए अब एक महत्वपूर्ण वर्षगांठ के बारे में बात करते हैं। 12 फरवरी 2022 को वाटिकन रेडियो 91 साल का हो गया। इसका इतिहास बीसवीं शताब्दी तक फैला हुआ है और इसे भविष्य की ओर प्रक्षेपित किया जाता है। रेडियो की दुनिया के लिए हम किस भविष्य, किस भूमिका की कल्पना कर सकते हैं?

एनरिको मेंडुनीः रेडियो का एक सार्वभौमिक चरित्र है जिसकी व्याख्या सबसे पहले काथलिक कलीसिया ने की थी। रेडियो दुनिया के सभी लोगों, अमीर और गरीब, एक भाषा बोलने वाले और दूसरी भाषा बोलने वालों तक एक ही समय में पहुंचने की संभावना प्रदान करता है। इसका एक जोरदार सार्वभौमिक आयाम है। रेडियो शांति के सार्वभौमिक संदेश भेजने का विशेष रूप से अनुकूल माध्यम है।

Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here

12 February 2022, 14:49