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सहभागी कलीसिया द्वारा पुरोहिताई पर शीर्ष संगोष्ठी का आयोजन

17 से 19 फरवरी तक वाटिकन में धर्माध्यक्षीय धर्मसंघ द्वारा पुरोहिताई पर शीर्ष धार्मिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 09 फरवरी 2022 (वाटिकन न्यूज) : धर्माध्यक्षीय धर्मसंघ द्वारा आयोजित, "पुरोहिताई के मौलिक धर्मशास्त्र की ओर" नामक एक धर्मशास्त्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य पुरोहिताई जीवन के लिए बुलाहट, लोक धर्मियों और पुरोहितों के एक साथ काम करने के तरीके में सुधार, सेवा के मिशन और पुरोहित ब्रह्मचर्य सहित कई मुद्दों का पता लगाना है।

धर्माध्यक्षीय धर्मसंघ के प्रीफेक्ट और संगोष्ठी के मुख्य आयोजक, कार्डिनल मार्क ओउलेट ने वाटिकन रेडियो के क्रिस वेल्स को मूलभूत प्रश्नों और विषयों का एक संक्षिप्त विवरण दिया जिसे वे संगोष्ठी में प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।

कार्डिनल ओउलेट बताते हैं कि मूल रूप से, यह संगोष्ठी "पुरोहितों के मौलिक धर्मशास्त्र" से संबंधित है, जिसे हम बपतिस्मा से शुरू करते हैं। "आमतौर पर," "जब हम पुरोहिताई के बारे में सोचते हैं तो हम याजकों और धर्माध्यक्षों के बारे में सोचते हैं, लेकिन मौलिक पुरोहिताई बपतिस्मा का परोहिताई है: हम मसीह के शरीर के अंग हैं और इस तरह, हम कलीसिया की मध्यस्थता द्वारा मसीह की पुरोहिताई में कलीसिया की भागीदारी में शरीक होते हैं।

धर्माध्यक्षीय धर्मसंघ के प्रीफेक्ट ने कहा कि इस संगोष्ठी में बपतिस्मा और अभिषिक्त पुरोहितों के मौलिक पुरोहिताई के बीच संबंधों पर हस्तक्षेप और चर्चा शामिल है।

उन्होंने कहा कि मुख्य ध्यान अनुसंधान पर आधारित है जिसे एक सहभागी कलीसिया के संदर्भ में विकसित किया गया है: "इसलिए हम जीवन की स्थिति और कलीसिया में बुलाहटों की सहभागिता के बीच पूरकता की समझ की तलाश करेंगे।"

पुरोहितिक ब्रह्मचर्य का प्रश्न

इस तथ्य को स्वीकार करते हुए कि लैटिन कलीसिया में ब्रह्मचर्य और पुरोहितिक ब्रह्मचर्य का प्रश्न एक है जिसमें बहुत से लोग बहुत रुचि रखते हैं, कार्डिनल ओउलेट ने कहा कि संगोष्ठी में पुरोहितिक ब्रह्मचर्य पर एक विशिष्ट सम्मेलन है जो बपतिस्मा पर स्थापित पुरोहिताई के व्यापक विषय के संदर्भ में है। .

उन्होंने कहा कि, वह सम्मेलन, कलीसिया में ब्रह्मचर्य की कहानी और लैटिन कलीसिया में ब्रह्मचर्य के स्थान का पता लगाएगा और इस विषय पर वे संगोष्ठी को संबोधित करेंगे। इसे दूसरों द्वारा भी संबोधित नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "यह निश्चित रूप से आज की पुरोहिताई और ब्रह्मचर्य की समस्या के संदर्भ को छुआ जाएगा और कैसे पुरोहित ब्रह्मचर्य जीवन जी रहे हैं।" हालांकि, संगोष्ठी का दायरा "यह तय करना नहीं है कि हम अनिवार्य ब्रह्मचर्य रखेंगे या नहीं।"

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09 February 2022, 15:59