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2018-01-05 संत पापा फ्राँसिस और मरिएला एनोक  बम्बिनो येसु  अस्पताल में 2018-01-05 संत पापा फ्राँसिस और मरिएला एनोक बम्बिनो येसु अस्पताल में  (Vatican Media)

'माता-पिता का प्यार हर परीक्षा पर विजय पाता है,' मरिएला एनोक

वाटिकन मीडिया के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में, संत पापा फ्राँसिस ने माता-पिता के साहस की प्रशंसा की जो अपने बच्चों की बीमारी और पीड़ा को सहन करते हैं। वाटिकन स्थित बाल चिकित्सा अस्पताल की निदेशिका डॉक्टर मरिएला एनोक इस दर्दनाक वास्तविकता के अपने अनुभव साझा करती हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 5 फरवरी 2022 (वाटिकन न्यूज) : माता-पिता की दैनिक वीरता, संत पापा फ्राँसिस द्वारा हाल ही में ‘ओसरवातोरे रोमानो’ के दैनिक संस्करण में प्रकाशित साक्षात्कार है। माता और पिता जो सबसे दर्दनाक और कई मायनों में, समझ से बाहर अनुभव करते हैं उन्हें विश्वास के सहारे भी अपने बच्चों की बीमारी और पीड़ा को सहना पड़ता है।

मरिएला एनोक हर दिन इन परिवारों की चिंता और आशा में शरक होती हैं । वे 2015 से यूरोप के सबसे बड़े बाल चिकित्सा बम्बिनो येसु अस्पताल की निदेशिका हैं।

उन्होंने दुख और प्रेम के इस स्थान पर हमारा स्वागत किया और अस्पताल के वार्डों में उस वीरता का अनुभव करने के लिए "प्रवेश" करने की अनुमति दी जिसे संत पापा बोलते हैं।

प्रश्न: संत पापा ने ओसरवातोरे रोमानो को दिए साक्षात्कार में इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह से माता-पिता अपने बच्चों की भलाई के लिए हर बाधा का सामना करते हैं वह वीरता है। मरिएला अस्पताल में भर्ती बच्चों के माता-पिता की दैनिक गवाही और बम्बिनो येसु के अपने मिशन को कैसे देखती है?

डॉक्टर मरिएलाः माता-पिता बहुत ही साहस दिखाते हैं, सबसे अधिक त्याग और प्रेम यहां तक कि वीरता की हद तक। हम कुछ वैसे माता पिता का स्वागत करते हैं जो उन देशों से आते हैं जहां अपने बच्चों का इलाज नहीं किया जा सकता है और वे यहाँ आते हैं। वे यहाँ की भाषा नहीं जानते, वे न तो संस्कृति को जानते हैं, न ही पर्यावरण को। हम उन्हें डॉक्टरों से बात करने में मदद करने के लिए एक मध्यस्थ देते हैं, अन्यथा ये लोग अकेले रहते हैं, ऐसी परिस्थिति में तो, वे भी हीरो हैं।

माता-पिता ऐसे नायक हैं जो मुस्कुरा भी सकते हैं, मैं अक्सर माताओं से कहती हूँ, "हेयरड्रेसर के पास जाओ क्योंकि आपके बच्चे चाहते हैं कि आप सुंदर और शांत दिखें।" और उनमें ऐसा करने का साहस भी है। बेशक, ऐसे माता-पिता भी हैं, जो बीमार बच्चे के बिस्तर के पास से हट नहीं सकते हैं और कभी-कभी यह माता पिता के लिए और यहां तक कि घर पर उनके अन्य स्वस्थ बच्चों के लिए भी समस्या पैदा करता है। यह एक जटिल दुनिया है जहां कई माता-पिता उस वार्ड में स्वयंसेवी कार्य करने का प्रबंधन करते हैं जहां उनके एक बच्चे की मृत्यु हो गई और मुझे यह असाधारण लगता है।

प्रश्न: माता-पिता के पास अपने बच्चों के लिए असाधारण शक्ति होती है...

डॉक्टर मरिएलाः शाम को जब मैं अस्पताल से निकलती हूँ, तो परिसर में जमीन पर बैठे लोगों को देखकर मुझे बहुत दुख होता है... इसलिए मैं अब अस्पताल को और अधिक सम्मानजनक परिसर बनाने के लिए काम कर रही हूँ। ऐसे माता-पिता हैं जो महीनों तक अपने बच्चे के बिस्तर के बगल में बिस्तर पर सोते हैं।

मुझे याद है – जब अस्पताल में मेरी नियुक्त हुई थी – तो कई पिता अपनी कार में सोते थे, क्योंकि मां अपने बच्चे के पास सोती थी। आज हमने उनके लिए आवास भी उपलब्ध कराया हैं। सचमुच, माता-पिता में बड़ी ताकत होती है। इस अर्थ में हम कह सकते हैं कि वे हीरो हैं, प्यार के हीरो!

सही में वे नायक (हीरो) हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि प्यार करने का क्या मतलब है, जो अपने बच्चे की आंखों में देखना जानते हैं और जैसे ही बच्चा मुस्कुराता है, उन्हें प्रोत्साहित करता है, क्योंकि बच्चे अक्सर अपने माता-पिता को प्रोत्साहित करते हैं।

प्रश्न: क्या कई में से कोई एक कहानी है, जिसने आपको विशेष रूप से प्रभावित किया है, यह उन माता-पिता के लिए भी आशा का संदेश हो सकता है जो समान स्थिति का अनुभव कर रहे हैं?

डॉक्टर मरिएलाः उदाहरण के लिए, आज 85 प्रतिशत ल्यूकेमिया से पीड़ित लोग ठीक हो जाते हैं। यह आशा का संदेश है, क्योंकि अतीत में जब हम "ल्यूकेमिया" सुनते थे, तो इसे मौत की सजा के रूप में लिया जाता था। ट्रांसप्लांट: यहां जिगर, गर्दा और हृदय ट्रांसप्लांट किए जाते हैं…. कितने माता-पिता अपने बच्चे के लिए अपना जिगर का हिस्सा देते हैं या अपने बच्चे को गुर्दा दान करते हैं! यह आशा का कारण है क्योंकि इसका अर्थ है जीवन की संभावना।

फरवरी के अंत में, हम पहला उपशामक देखभाल केंद्र खोलेंगे। मैं इसे "उपशामक देखभाल" कहने के लिए बहुत उत्सुक हूँ, क्योंकि, बीमारों के विश्व दिवस पर संत पापा ने संदेश में कहा कि जो मरीज ठीक नहीं हो सकते हैं, उन्हें इलाज की जरूरत है। हम उनका इलाज करते हैं! यह धर्मशाला नहीं है: यह एक चिकित्सीय केंद्र है जहां माता-पिता अपने बच्चों की देखभाल करना, खूंटी बदलना, श्वासयंत्र की जांच करना सीखते हैं। इससे वे उन्हें घर ले जा सकते हैं। फिर वे लौट आएंगे, तो ऐसा महसूस करें कि इस जगह उनका इलाज किया जाता है।

चार्ली गार्ड और अल्फी इवांस के भयानक मामलों ने वास्तव में मुझे बहुत परेशान किया। मैंने अपने आप से कहा, "अत्यधिक चिकित्सा का उपयोग किए बिना, जब बच्चे ठीक नहीं हो सकते, तब भी उनका इलाज किया जा सकता है।"

प्रश्न: कोविड ने मानवीय संबंधों को और अधिक कठिन बना दिया है। आपने माता-पिता और बच्चों के जीवन को यथासंभव "सामान्य" बनाने के लिए बम्बिनो येसु अस्पताल का आयोजन कैसे किया?

डॉक्टर मरिएलाः सबसे पहले माता-पिता को हमेशा उपस्थित रहने की अनुमति देकर। उदाहरण के लिए, मैं चाहती थी कि माता-पिता - कोविड से पहले भी - बच्चे के पास गहन देखभाल इकाई में रहने में सक्षम हों, क्योंकि मेरे लिए यह सोचना भयानक था कि माता-पिता दरवाजे के बाहर खड़े, अपने बच्चे के बारे में जानने के लिए इंतजार करें। इसलिए, मैंने अनुरोध किया कि उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में जाने की अनुमति दी जाए। डॉक्टरों ने थोड़ा विरोध किया, लेकिन फिर उन्हें एहसास हुआ कि इससे वास्तव में बच्चे की स्थिति में सुधार करने में मदद मिली है।

उदाहरण के लिए, जब बच्चों को अस्पताल के पोलीडोरो शाखा में भर्ती कराया गया था, तब माता-पिता बच्चे के साथ कमरे में थे। हमारे पास ऑटिज्म से पीड़ित एक 17 वर्षीय लड़के का मामला आया, जिसके लिए हमेशा एक नर्स को ड्यूटी पर होना पड़ता था, क्योंकि एक ऑटिस्टिक लड़के को एक कमरे में बंद रखना वास्तव में जटिल है। हालाँकि, उसकी माँ भी हमेशा वहाँ रहती थी।

प्रश्न: आपने बम्बिनो येसु अस्पताल में भर्ती बच्चों के माता-पिता की वीरता की बात की। लेकिन आपके कई डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी भी माता-पिता हैं। आप उनमें सबसे ज्यादा किस चीज की प्रशंसा करते हैं?

डॉक्टर मरिएलाः यह बेहद खास अस्पताल है, जहां डॉक्टरों में गजब का समर्पण है। माता-पिता होने के नाते, वे दुख को और भी बेहतर समझते हैं। डॉक्टर, जो क्रिसमस के दिन टेबल से उठकर ग्रीस जाते हैं, एक बच्चे को लाने के लिए जिसे दिल के ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल में भर्ती होना है।

इस दौर में जब कोविड पॉज़िटिव बच्चों की संख्या बढ़ी है, ऐसे समय में डॉक्टरों ने बिना कॉल या ड्यूटी पर क्रिसमस और नया साल चुपचाप यहाँ बिताया। उन्होंने इसे स्वाभाविक रूप से, अनायास किया। मुझे लगता है कि यह इस अस्पताल की, इस मानव और वैज्ञानिक समुदाय की एक बड़ी विशेषता है।

फिर एक और चीज है जिस पर हम घमंड नहीं करते हैं, वह बहुत ज्यादा महसूस की जाती है: एक आध्यात्मिक वातावरण। यहां, जीवंत आध्यात्मिकता का वातावरण है जिसे एक दूसरे के साथ संवाद, प्रेम और सहानुभूति के माध्यम से अनभव किया जा सकता है।

प्रश्न: बम्बिनो येसु अस्पताल रोम में है, लेकिन हाल के वर्षों में इसने अपने क्षितिज का विस्तार किया है, विशेष रूप से, सीरिया, मध्य अफ्रीका, कंबोडिया आदि युद्ध या अत्यधिक गरीब क्षेत्रों के बच्चों के पक्ष में .... इस प्रतिबद्धता के संबंध में निकट भविष्य के लिए आपका सपना क्या है?

डॉक्टर मरिएलाः हम एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण परियोजना पर काम कर रहे हैं। इस अस्पताल के पास जो ज्ञान है : वैज्ञानिक अनुसंधान जिसमें हम बहुत अधिक निवेश करते हैं। यह सब ज्ञान का बड़ा भण्डार है। और यह अकेले हमारा नहीं हो सकता। इसे दूसरों को देना चाहिए।

उदाहरण के लिए, सीरिया में, हमने सार्वजनिक अस्पताल के साथ काम किया। हमारे डॉक्टर मुश्किल समय में वहां गए और युवा डॉक्टरों को पढ़ाया। जब वे कुछ प्रक्रियाओं को करने में सफल हुए तो आप संतुष्टि की कल्पना नहीं कर सकते। यह अस्पताल एक जगह का नर्क था, लेकिन हम उनमें विश्वास करते थे और केवल कुछ दवाएं, मशीनरी लाने के बजाय हम अपना अनुभव और ज्ञान लाए। हम पितृसत्ता में नहीं फंसे।

अब हम लीबिया में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक दूरस्थ प्रशिक्षण परियोजना चला रहे हैं। ये वे पहलू हैं जो मुझे लगता है कि आज सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस तरह से हम खुद को प्रतिबद्ध करना जारी रखे हैं और मुझे लगता है कि यह एक उपहार भी है जो संत पापा दुनिया को दे रहे हैं।

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05 February 2022, 15:09