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"सर्विया और वाटिकन 1878-1914" प्रदर्शनी का आयोजन "सर्विया और वाटिकन 1878-1914" प्रदर्शनी का आयोजन  

"सर्विया और वाटिकन 1878-1914" प्रदर्शनी के उद्घाटन में महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर

परमधर्मपीठ की सर्विया, क्रोएशिया और स्लोवेनिया के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए जाने की शतवर्षीय जयन्ती मनाने के लिए, परमधर्मपीठ एवं सर्विया के प्रेरितिक राजदूतावास ने "सर्विया और वाटिकन 1878-1914" प्रदर्शनी का आयोजन किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 19 अक्तूबर 2021 (वीएनएस)- समारोह का उद्घाटन सोमवार को रोम के लातेरन विश्वविद्यालय में हुआ। समारोह में वाटिकन विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल रिचार्ड गल्लाघर और सर्विया के विदेशमंत्री निकोला सेलाकोविक ने भाग लिया।

प्रदर्शनी में दस्तावेजों की प्रस्तुति

प्रदर्शनी में कई दस्तावेजों को प्रस्तुत किया गया जिनके बारे अधिक लोगों को जानकारी नहीं है। ये दस्तावेज 1878 में शुरू होनेवाले सर्विया एवं वाटिकन के बीच पूर्व मौजूदा संबंध को प्रस्तुत करता है, जब सर्विया को बर्लिन के सम्मेलन में प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत तक, एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में पहचान मिली थी, और जब दोनों भागों ने एक समझौता पर हस्ताक्षर किया था। यद्यपि इसे लागू नहीं किया गया, इसने बाद में वाटिकन एवं सर्विया, क्रोएशिया और स्लोवेनिया के बीच 1920 में राजनयिक संबंध स्थापित करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया, जब बेलग्रेड में प्रेरितिक राजदूतावास का उद्घाटन किया गया।

महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर की टिप्पणी

अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में, महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर ने उल्लेख किया कि वाटिकन और बाल्कान के लोगों के बीच संबंध अक्सर नाजुक एवं चुनौतीपूर्ण रहे हैं, "उस क्षेत्र के जटिल राजनीतिक ढांचे के भीतर कभी भी निरंतर और विचारणीय महत्व नहीं रहा है"।

उन्होंने उन 36 वर्षों के दौरान दोनों पक्षों के राजनयिकों द्वारा आपसी संवाद को सुगम बनाने के लिए किए गए अथक कार्यों पर प्रकाश डाला। वाटिकन के महाधर्माध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के इतिहास का चल रहा अध्ययन "नई पीढ़ियों को प्रेरित करेगा ताकि वे एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दे सकेंगे जो पारस्परिक सहयोग और सार्वजनिक हित की खोज करेगा।"

19 October 2021, 15:58