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धर्माध्यक्षीय धर्मसभा 2018 धर्माध्यक्षीय धर्मसभा 2018 

विश्वासियों को सुनना ˸ वाटिकन ने सिनॉड की तैयारी का दस्तावेज जारी किया

धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के सचिवालय ने सिनॉड की यात्रा के मार्गदर्शन हेतु आधार के रूप में एक पुस्तिका - प्रस्तुत की है। बिना पूर्वाग्रह के सुनना, साहस एवं खुलकर बोलना, कलीसिया, समाज एवं दूसरे ख्रीस्तीय समुदाय के साथ संवाद करना।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

सिनॉड के सचिवालय ने छोटी पुस्तिका के साथ एक तैयारी के दस्तावेज को प्रकाशित किया है जो सिनॉडालिटी के रास्ते पर सिनॉड का मार्ग प्रसस्त करेगा। सिनॉड का उद्घाटन रोम में 9 -10 अक्टूबर को तथा स्थानीय कलीसियाओं में 17 अक्टूबर को किया जएगा और इसका समापन 2023 में होगा।

दस्तावेज को मंगलवार को प्रकाशित किया गया, जिसका मूल उद्देश्य है स्थानीय कलीसियाओं में ईश प्रजा को सुनने और परामर्श के पहले चरण की सुविधा के लिए एक उपकरण उपलब्ध कराना, जो अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक होगा।

एक साथ यात्रा करना

दस्तावेज में कहा गया है कि दूसरे शब्दों में "यह एक प्रकार के निर्माण स्थल या प्रायोगिक अनुभव का गठन करना है जो उस गतिशीलता के फल को तुरंत प्राप्त करना संभव बनाता है जिससे ख्रीस्तीय समुदाय में सिनोडल परिवर्तन प्रकट होते हैं।"

दस्तावेज की शुरूआत एक मौलिक सवाल से होती है ˸

"किस तरह यह, 'एक साथ यात्रा करना' जो आज विभिन्न स्तरों पर आयोजित किया जा रहा है, कलीसिया को सौंपे गये मिशन के अनुरूप उसे सुसमाचार का प्रचार करने में मदद देगा? और आत्मा हमें कौन सा कदम उठाने हेतु प्रेरित कर रहा है ताकि एक सिनॉडल कलीसिया का विकास हो सके?"

सिनॉडालिटी की ओर कदम

सिनॉड के सचिवालय ने इस सवाल का उत्तर देते हुए कुछ ठोस कदमों की ओर संकेत दिया है। जीने के लिए सबसे पहले यह आवश्यक है, एक सहभागी और समावेशी कलीसियाई प्रक्रिया जो सभी लोगों को अवसर देता है, खासकर, उन लोगों को जो कई कारणों से अपने को हाशिये पर पाते हैं, उन्हें अपने आपको व्यक्त करने एवं सुने जाने का अवसर देता और उसके बाद पवित्र आत्मा प्रदत्त वरदानों को पहचानने एवं सराहना करने की क्षमता प्रदान करता है ...ताकि पूरे मानव परिवार को लाभ हो सके।

इसके अलावा, यह जांचना आवश्यक है कि "कलीसिया में जिम्मेदारी और शक्ति कैसे रहती है, साथ ही जिन संरचनाओं के द्वारा उनका प्रबंधन किया जाता है, उन्हें प्रकाश में लाया जाता है और पूर्वाग्रहों और विकृत प्रथाओं को बदलने की कोशिश की जाती है जो कि सुसमाचार में निहित नहीं हैं।"

दस्तावेज हमें यह देखने के लिए आमंत्रित करता है कि कैसे ख्रीस्तीय समुदाय को "एक विश्वसनीय विषय और सामाजिक संवाद, उपचार, सुलह, समावेश और भागीदारी, लोकतंत्र के पुनर्निर्माण, बंधुत्व और सामाजिक मित्रता को बढ़ावा देने" के पथ में विश्वसनीय भागीदार के रूप में मान्यता दी जा सकती है; साथ ही, हम ख्रीस्तीयों के बीच, अन्य ख्रीस्तीय स्वीकारोक्ति के प्रतिनिधियों के साथ, और अन्य सामाजिक समूहों, नागरिक समाज के संगठनों और लोकप्रिय आंदोलनों के साथ संबंधों को कैसे पुन: उत्पन्न किया जा सकता है।

सिनॉडालिटी को जीने के पहलु

सिनॉड की तैयारी हेतु प्रकाशित दस्तावेज ने "विषयगत सूचक" का संकेत दिया है जो "जीये गये सिनॉडालिटी' के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करता है।" परामर्श के पहले चरण में अधिक समृद्ध तरीके से योगदान करने के लिए इन मुख्य क्षेत्रों पर अधिक गहराई से पता लगाया जाना चाहिए:

- यात्रा के साथी ˸ हम जिसे "हमारी कलीसिया" और हमारे "साथियों" के रूप में परिभाषित करते हैं उसपर चिंतन करना। विशेष रूप से हाशिए पर जीवनयापन करनेवाले लोगों में या जो कलीसियाई सीमाओं से परे हैं;

- सुनना ˸ युवाओं, महिलाओं, समर्पित पुरूषों और महिलाओं तथा उन लोगों को सुनना जो बहिष्कृत हैं।

- बोलना ˸ मुक्त और सच्चे संचार शैली को महत्व देना।

- मनाना ˸ चिंतन करना कि किस प्रकार प्रार्थना और धर्मविधि प्रभावशाली तरीके से हमें एक साथ चलने के लिए प्रेरित कर सकते हैं और किस तरह विश्वासियों की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

 - मिशन में सह-जिम्मेदारी ˸ चिंतन करना कि समुदाय उन सदस्यों को कैसे सहयोग दे सकता है जो उन सेवाओं में संलग्न हैं, जैसे- सामाजिक न्याय, मानव अधिकार या आमघर की देखभाल आदि।

- समाज एवं कलीसिया में वार्ता ˸ वार्ता के स्थानों एवं माध्यमों पर पुनः विचार करना खासकर, गिरजाघरों में, पड़ोस के धर्मप्रांतों में, धर्मसमाजी समुदायों में, आंदोलनों में, विभिन्न संस्थाओं, गैर-विश्वासियों और गरीबों के साथ।

- अन्य कलीसियाई समुदायों के साथ ˸ अन्य ख्रीस्तीय समुदायों के हमारे भाई–बहनों के साथ क्या संबंध है? हमारे संबंध के कौन-कौन से क्षेत्र हैं और क्या परिणाम एवं चुनौतियाँ हैं?

- अधिकार और सहभागिता ˸ हमारी स्थानीय कलीसिया में अधिकार का प्रयोग किस तरह किया जाता है, दल में काम करने का क्या अनुभव है, प्रेरिताई में जुड़े लोकधर्मियों को किस तरह प्रोत्साहित किया जा सकता है? 

- समझदारी और निर्णय लेना : यह पूछना कि निर्णय लेने के लिए किन प्रक्रियाओं और विधियों का उपयोग किया जाता है; निर्णय लेने की प्रक्रिया को निर्णय लेने के साथ कैसे जोड़ा जाता है; पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए किन उपकरणों को बढ़ावा दिया जाता है?

- सिनॉडालिटी में अपने आपको प्रशिक्षित करना ˸ संक्षेप में, ख्रीस्तीय समुदाय में जिम्मेदारी की स्थिति में उन लोगों को दिए गए गठन को देखते हुए, उन्हें सुनना और संवाद करने में अधिक सक्षम होने में मदद करना।

सिनॉड के सचिवालय ने हर धर्मप्रांत का आह्वान किया है कि वे अपने चिंतन के परिणाम को अधिकतम 10 पन्नों में तैयार करें। यदि आवश्यक हो तो अन्य दस्तावेजों का सहारा लें। इसका लक्ष्य, "दस्तावेजों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि सपनों, भविष्यवाणियों और आशाओं को जगाना है।"

07 September 2021, 17:19