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अभिन्न पारिस्थितिकी ही जलवायु संकट का एकमात्र समाधान

विश्व मानवीय सहायता दिवस पर कारितास इंटरनैशनल ने कहा है कि अभिन्न पारिस्थितिकी ही जलवायु संकट का समाधान है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

कोविड-19 महामारी, पर्यावरणीय दुर्दशा, समुद्र के स्तर का बढ़ना, सूखा, बाढ़, विभिन्न क्षेत्रों के जंगलों में आग लगना और अब अफगानिस्तान एवं लेबनान में समस्या, हैती में भुकम्प आदि प्राकृतिक घटनाएँ या मानव निर्मित कई मानवीय आपातकालीन स्थितियाँ हैं, जो इस समय दुनिया के सबसे गरीब देशों को परेशान कर रहे हैं।

कारितास इंटरनैशनल ने विश्व मानवीय सहायता दिवस के अवसर पर 19 अगस्त को एक बयान जारी कर कहा कि ये आपात स्थिति पुष्टि करते हैं कि अभिन्न मानव पारिस्थितिकी जिसका आह्वान पोप फ्राँसिस ने की है, एकमात्र समाधान है।

काथलिक उदारता संगठन, कारितास इंटरनैशनल 200 देशों के 162 उदार संगठनों को एक साथ लाता है, राजनीतिक निर्णयकर्ताओं से अपील करता है कि वे साहसिक कदम उठायें। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "एक दृढ़ राजनीतिक इच्छा के बिना मानव जीवन खतरे में है और जहाँ मानवता का एक हिस्सा पीड़ित होता है, वहां पूरा मानव परिवार पीड़ित होता है।”

इस तरह कारितास द्वारा पाँच मांग रखे गये हैं- विश्व के नेताओ से सबसे बढ़कर अपील की गई है कि वे पर्याप्त फंड आवंटित करें ताकि स्थानीय समुदाय अपने विकास हेतु कृषि एवं गैर कृषि गतिविधियों को अपना सकें।

दूसरा, स्थानीय समुदाय मानवीय हस्ताक्षेप में भाग ले सकें। उन्हें विपदा प्रबंधन में प्राथमिक स्थान दी जाए। तीसरा, कारितास इंटरनैशनल ने स्थानीय सरकारों को प्रोत्साहन दिया है कि वे क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के परिणामों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने पर जोर दें। स्थानीय समुदायों को नागरिक समाज के संगठनों एवं धार्मिक समूहों के साथ नजदीकी से सहयोग करने हेतु प्रोत्साहित करें। चौथा, "घातक बीमारियों के लिए टीकों सहित सबसे कमजोर लोगों के लिए बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच" हो।

पाँचवाँ, राजनीतिक नेताओं को "ग्लोबल वार्मिंग और पारिस्थितिक तंत्र के क्षरण पर प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से वैश्विक आर्थिक और औद्योगिक नीतियों" को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध होने के लिए कहा गया है।

कारितास ने ग्लासगो के कॉप -26 से ठोस और पर्याप्त समाधान प्रस्तावित करके और "उन्हें प्राप्त करने के लिए पर्याप्त संसाधन और साधन" आवंटित करके इस मुद्दे को " तत्काल प्राथमिकता के रूप में" लेने का आग्रह किया है।

अफगानिस्तान और लेबनान की वर्तमान स्थिति पर गौर करते हुए कारितास इंटरनैशनल ने "अफगानी लोगों की सुरक्षा और लेबनानी लोगों को बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति की गारंटी" देने पर जोर दिया।

 

19 August 2021, 15:12