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लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद के साथ मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद के साथ मुलाकात करते संत पापा फ्राँसिस  (Vatican Media)

लोकधर्मी, परिवार व जीवन के लिए गठित परिषद की 5वीं सालगिराह

लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद अपनी स्थापना की 5वीं सालगिराह मना रहा है। संत पापा फ्राँसिस ने 2016 में इसका गठन किया था।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 17 अगस्त 2021 (रेई)- संत पापा फ्रांसिस ने प्रेरितिक पत्र "सेदुला मातेर" के साथ लोकधर्मी, परिवार एवं जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद का गठन 15 अगस्त 2016 को किया था।

उन्होंने युवाओं और परिवारों की देखभाल के लिए मार्गदर्शन की पेशकश करते हुए, तथा जीवन और लोकधर्मियों की प्रेरिताई को बढ़ावा देने के कार्यों के साथ कार्यालय को सौंपा था।

दस्तावेज की पहली पंक्ति पर लिखा गया है कि कलीसिया, सदियों से एक समर्पित माता रही है। जिसने लोकधर्मियों, परिवारों एवं जीवन की देखभाल की है एवं करुणावान मुक्तिदाता के प्रेम को मानवता की ओर प्रकट हैं।

मोतू प्रोप्रियो सार्वभौमिक कलीसिया के लिए परिषद की सहायता का भी वचन देता है क्योंकि वह हमारे समय में येसु ख्रीस्त के प्रति निष्ठापूर्ण गवाह की मदद करती है।

कलीसिया के कई चेहरों को प्रस्तुत करता कार्यालय

लोकधर्मी, परिवार और जीवन के लिए बनी परमधर्मपीठीय परिषद का गठन, जीवन के लिए गठित समिति एवं परिवार के लिए बनी परमधर्मपीठीय समिति को एक साथ जोड़कर किया गया है।

यह उन विधियों द्वारा शासित है जिसको पोप ने 10 अप्रैल 2018 को अद एसपेरिमेंतुम  द्वारा मंजूरी दी थी और जो उसी वर्ष 13 मई को लागू हुई थी।

कार्डिनल केविन फार्रेल्ल वर्तमान में परिषद के अध्यक्ष हैं उनके सचिव हैं फादर अलेकसांद्र अवी मेलो और दो लोकधर्मी उपसचिव हैं लिंडा घिसोनी और गाब्रिएला गंबिनो। कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में पुरोहित, धर्मबहनें और अन्य लोकधर्मी हैं जो विश्व के विभिन्न हिस्सों से हैं।

लोकधर्मियों को बढ़ावा और जीवन के लिए सम्मान

इसकी विधियों के अनुसार, डिकास्टरी का मिशन काथलिक विश्वासियों को उनके अद्वितीय करिश्मे के अनुसार, कलीसिया के जीवन और मिशन में पूरी तरह से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

यह "पुरुषों और महिलाओं के बीच उनके संबंधित विशिष्टता, पारस्परिकता, पूरकता और समान गरिमा के बीच संबंधों पर प्रतिबिंब को गहरा करने के लिए भी काम करता है।"

एक अन्य लक्ष्य है ऐसे संघों और संगठनों को बढ़ावा देना जो महिलाओं और परिवारों को "जीवन के उपहार को संजोने में मदद करते हैं, विशेष रूप से, कठिन गर्भधारण के मामले में, और गर्भपात को रोकने के लिए," साथ ही साथ ऐसे कार्यक्रमों को बनाए रखने के लिए जो गर्भपात की हुई महिलाओं को ऊपर उठने में मदद देते हैं।

परिवारों की प्रेरितिक देखभाल

परिषद के मिशन में परिवार का गरिमामय स्थान है जिसके द्वारा वह विवाह के संस्कार पर आधारित परिवारों की प्रतिष्ठा एवं हित को बढ़ावा देता है साथ ही कलीसिया एवं नागरिक समाज में इसके अधिकार एवं जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करता है।  

इस लक्ष्य को पूरा करने का एक तरीका परिवारों की विश्व बैठक सहित विभिन्न सम्मेलनों और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन करना है।

परिवारों की अगली विश्व सभा का आयोजन 22-26 जून 2022 को किया गया है, जिसको महामारी के कारण निर्धारित तिथि की तुलना में एक साल बाद सम्पन्न किया जाएगा।

यह इसकी 10वीं पुनरावृत्ति होगी, और यह एक विशेष प्रारूप को अपनाएगी, जिसे संत पापा फ्राँसिस ने "बहुकेंद्रित और व्यापक" कहा है।

संत पापा फ्राँसिस ने एक वीडियो में इस एक अनोखा अवसर बतलाते हुए कहा कि इसका केंद्र रोम होगा किन्तु हर धर्मप्रांत में भी इसे मनाया जाएगा। इस तरह प्रत्येक इसमें भाग ले पायेगा।

2022 का परिवारों की विश्वसभा, लोकधर्मी, परिवार और जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय परिषद के लिए और एक मौका है जहाँ कलीसिया और विश्व में लोकधर्मियों की बुलाहट एवं मिशन को पूरा करने हेतु बढ़ावा दिया जाएगा।

17 August 2021, 16:29