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वाटिकन के स्वीस गार्ड वाटिकन के स्वीस गार्ड 

मिशन के बुलावे का स्वागत करें, स्वीस गार्ड से कार्डिनल परोलिन

वाटिकन के नये स्वीस गार्डों द्वारा संत पापा फ्रांसिस एवं उनके उत्तराधिकारियों के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के अवसर पर वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो परोलिन ने संत पेत्रुस महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 6 मई 2021 (रेई)- पोप एवं उनके उत्तराधिकारियों के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के पूर्व कार्डिनल पियेत्रो परोलिन ने स्वीस गार्डों एवं उनके परिवारवालों के साथ संत पेत्रुस महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग अर्पित किया।

करीब 500 वर्षों पहले, 6 मई 1527 को, 147 स्वीस गार्डों ने रोम के विनाश के दौरान पोप की रक्षा में अपनी जान गवाँयी थी। उसकी यादगारी में हर साल नये स्वीस गार्डों का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न किया जाता है।

कार्डिनल परोलिन ने स्वीस गार्डों के लिए ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए परमधर्मपीठ की ओर से न केवल उनकी बहुमूल्य सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया बल्कि इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए भी अपना आभार प्रकट किया।

येसु से संयुक्त रहना

अपने उपदेश में कार्डिनल परोलिन ने उनकी सेवाओं के लिए परमधर्मपीठ की ओर से आभार प्रकट किया तथा विश्वास में दृढ़ रहने का प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि पोप की सेवा और प्रभु के प्रेम के प्रति समर्पण के लिए विश्वास एवं आत्मा की शक्ति की जरूरत है क्योंकि बाह्य अनुशासन के लिए आंतरिक अनुशासन की जरूरत है।

सुसमाचार पाठ पर चिंतन करते हुए उन्होंने ख्रीस्तीय जीवन में येसु से संयुक्त रहने के महत्व पर जोर दिया। येसु से संयुक्त रहने का अर्थ है अपने जीवन के हर आयाम को उनके साथ साझा करना एवं येसु को अपने जीवन का केंद्र बनाना। कार्डिनल ने कहा, "हरेक व्यक्ति के लिए प्रभु की एक विशेष योजना है और सिर्फ एक रास्ता है जिसके द्वारा हम उन्हें अपने जीवन में महान कार्यों को पूरा करने दे सकते हैं ˸ उनका अधिक से अधिक स्वागत करना, हरेक दिन उनके आदेशों को जीना – "तुम मुझमें रहो।"

मिशन के लिए बुलावा

कार्डिनल ने आत्मा की क्रियाशीलता, आंतरिक से बाह्य की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने येरूसालेम में हुई पहली महासभा की याद की, जहाँ प्रेरितों से पूछा गया था कि क्या ख्रीस्तीय धर्म अपनानेवाले गैर-ख्रीस्तियों को मूसा की सहिंता का पालन करना है। कार्डिनल ने कहा कि उनका निर्णय, परम्परा एवं नवीनता के बीच समझौता नहीं था। कोई भी परम्परा, चाहे सबसे उत्तम ही क्यों न हो उसे पुनर्जीवित प्रभु की घोषणा में बाधक नहीं होना चाहिए।

उन्होंने स्वीस गार्डों को निमंत्रण दिया कि वे मिशन के लिए बुलावे का स्वागत करने, येसु का साक्ष्य देने के लिए कृपा हेतु प्रार्थना करें, खासकर, अपने जीवन द्वारा साक्ष्य देने के लिए।

शिष्यों की पहचान

कार्डिनल ने कहा, "येसु से संयुक्त रहना, येसु की घोषणा करना, यही शिष्यों की पहचान है। ये दो शब्द "संयुक्त" और "मिशन" कलीसिया के मूल में है। वे हमारे लिए मूल शब्द हैं।"  

कार्डिनल ने अंत में कहा कि आज जब नव नियुक्त गार्ड पेत्रुस के लिए अपना जीवन अर्पित करने की चाह की घोषणा करेंगे, यह एक रास्ता हो जिसके द्वारा वे महसूस कर सकें कि वे मिशनरी शिष्य हैं जो प्रेरितों के समान येसु से अधिक घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं।  

06 May 2021, 16:31