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इराक की यात्रा में संत पापा फ्राँसिस इराक की यात्रा में संत पापा फ्राँसिस   (AFP or licensors)

संत पापा की इराक यात्रा भाईचारा को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण कदम

मानव बंधुत्व पर उच्च आयोग ने संत पापा फ्रांसिस की इराक यात्रा को सहिष्णुता, समावेशिता और मानव बंधुत्व को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण कहकर, उसकी सराहना की है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 9 मार्च 2021 (रेई)- मानव बंधुत्व पर उच्च समिति ने बयान जारी कर पुष्टि दी है कि इराक में संत पापा फ्रांसिस की ऐतिहासिक यात्रा, विश्व के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण तथा मानव बंधुत्व पर दस्तावेज़ द्वारा हिमायती मूल्यों का एक सच्चा प्रचार रहा है।

उच्च आयोग ने गौर किया कि मध्यपूर्वी देश में चार दिवसीय इस यात्रा में संत पापा ने इराक के कई शहरों का दौरा किया, जिनमें बगदाद, नाजाफ,एरबिल और मोसूल प्रमुख हैं। संत पापा ने ऊर में एक अंतरधार्मिक वार्ता की सभा में भी भाग लिया और वहाँ अपने भाषण में उन्होंने मानव बंधुत्व को बढ़ावा दिये जाने के महत्व पर जोर दिया तथा सभी विश्वासियों को निमंत्रण दिया कि वे मानव भ्रातृत्व के मूल्यों को पुनः जागृत करें।  

पोप की यात्रा में शांति, सांस्कृतिक वार्ता को बढ़ावा

कार्डिनल मिग्वेल अयूसो गिक्सोत ने कहा कि संत पापा का लक्ष्य है सांस्कृतिक वार्ता एवं मिलन तथा समावेश की संस्कृति को बढ़ावा देना ताकि हमारे समाज का प्रत्येक व्यक्ति जीवन में शांति का आनन्द ले सके, चाहे वह किसी भी जाति, संस्कृति या धर्म का क्यों न हो।

कार्डिनल गिक्सोत, संत पापा के साथ इराक की यात्रा पर गये थे और वे अंतरधार्मिक वार्ता के लिए परमधर्मपीठीय समिति के अध्यक्ष एवं मानव बंधुत्व पर उच्च समिति के सदस्य भी हैं।  

अल अजहर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रोफेसर तथा उच्च समिति के सदस्य मोहमद अल माहरासवी ने कहा कि वर्षों के युद्ध और विनाश के बाद संत पापा फ्रांसिस की यात्रा ने इराक के लोगों को चंगाई प्रदान की।

उन्होंने कहा कि यह इराकी एवं उस क्षेत्र के लोगों के बीच नागरिकता के मूल्य एवं सहअस्तित्व पर सहिष्णुता एवं समावेश हेतु एक आह्वान के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि सहिष्णुता, घृणा एवं अतिवाद का उत्तम जवाब है जिसने कई लोगों की जान ली एवं लाखों निर्दोष लोगों को विस्थापित किया।

मानव बंधुत्व का सिद्धांत

इराक की यात्रा के परिणामों की सराहना करते हुए, अबूधाबी के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अध्यक्ष मोहमद खलिफा अल मुबारक जो उच्च समिति के सदस्य भी हैं, जोर दिया कि यात्रा को पूरा करने की संत पापा की इच्छा, मानव बंधुत्व के सिद्धांत को लागू करने की जरूरत पर उनकी धारणा को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि यात्रा, बंधुत्व के दस्तावेज को व्यवहारिक रूप से लागू करना है और उदाहरण है कि विभाजन, घृणा एवं उग्रवाद के सामने मानव बंधुत्व को किस तरह प्राप्त किया जा सकता है।

09 March 2021, 16:04