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सैंटियागो में  लिंग हिंसा को समाप्त करने और लैंगिक समानता की मांग करते हुए प्रदर्शन सैंटियागो में लिंग हिंसा को समाप्त करने और लैंगिक समानता की मांग करते हुए प्रदर्शन  (AFP or licensors)

परमधर्मपीठ द्वारा मीडिया में लैंगिक समानता का आग्रह

वियेन्ना में आयोजित "मीडिया स्वतंत्रता और लिंग समानता" पर पहली पूरक मानव आयाम बैठक के समापन सत्र पर वाटिकन के स्थायी प्रतिनिधि मोन्सिनेयोर जानुज एस. उर्बान्जिक ने बैठक को संबोधित करते हुए मीडिया में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वियेन्ना, बुधवार 10 मार्च 2021 (रेई) : मोन्सिनेयोर जानुज ने "मीडिया स्वतंत्रता और लिंग समानता" पर 2021 के पहली पूरक मानव आयाम बैठक के आयोजन के लिए ओएससीई अध्यक्ष और लोकतांत्रिक संस्थानों और मानव अधिकारों के लिए कार्यालय को धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रमुख वक्ताओं के योगदान और चर्चाओं के प्रस्तावकों के उत्तेजक- विचारों की सराहना की।

जनहित की सेवा करने वाला मीडिया

मोन्सिनेयोर जानुज ने कहा, "परमधर्मपीठ को यकीन है कि “मीडिया द्वारा प्रदान की गई जानकारी जनहित की सेवा में है। समाज को सच्चाई, स्वतंत्रता, न्याय और एकजुटता के आधार पर सूचना पाने का अधिकार है।”

मीडिया की स्वतंत्रता और शांति और सुरक्षा पर इसके सकारात्मक प्रभाव का समर्थन करने के प्रयासों को मानवीय गरिमा की सेवा, प्रचार और सुरक्षा में भूमिका की एक सामान्य समझ पर आधारित होना चाहिए। मीडिया और पत्रकारों का दायित्व है कि वे सही, वस्तुनिष्ठ और संतुलित जानकारी प्रदान करके सब लोगों की सेवा करें। इस तरह, पत्रकार नीति-निर्माताओं और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तथ्य-आधारित और जिम्मेदार निर्णय लेने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं।

मोन्सिनेयोर जानुज ने कहा कि पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका संघर्ष की स्थितियों में और भी अधिक हो जाती है। सटीक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से, पत्रकार दुनिया को संघर्षों में एक अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं जो आधिकारिक या सरकारी जानकारी अक्सर देने में असमर्थ होती है। यह विशेष रूप से स्पष्ट है जब मानव संघर्ष पर रिपोर्टिंग जो हर संघर्ष में साथ देता है।  

महिलाओं की दृष्टि और संवेदनशीलता

मोन्सिन्योर जानुज ने कहा “जीवन के इस मोड़ में [संत पापा फ्रांसिस ने कहा] महिलाएं बहुत चौकस (...) हैं। महिलाएं बेहतर देखती हैं और बेहतर समझती हैं, क्योंकि वे महसूस करने में बेहतर हैं।”कि परमधर्मपीठ महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता पर ओएससीई की प्रतिबद्धताओं का समर्थन करना जारी रखता है, जिसमें मीडिया में महिलाओं के लिए समान अवसर भी शामिल है, साथ ही महिलाओं, विशेष रूप से महिला पत्रकारों को किसी भी प्रकार की हिंसा से बचाने हेतु उनकी प्रतिबद्धता। महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता की उन्नति की दिशा में पहला कदम सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन के सभी पहलुओं में महिलाओं की भागीदारी और जुड़ाव के महत्व की मान्यता है। इसके अलावा, महिलाओं की दृष्टि और संवेदनशीलता अक्सर वास्तविकता के अधिक व्यापक लेखांकन के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए, स्थायी शांति और सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए मीडिया और मीडिया द्वारा महिलाओं और पुरुषों के लिए समान सम्मान और भागीदारी को बढ़ावा देना एक आवश्यक और महत्वपूर्ण कदम है।

10 March 2021, 13:54