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माली की महिलाएँ, जलवायु परिवर्तन का सामना करती हुईं माली की महिलाएँ, जलवायु परिवर्तन का सामना करती हुईं  (AFP or licensors)

जलवायु विस्थापन को जवाब देने हेतु कलीसिया द्वारा दिशानिर्देश

समग्र मानव विकास हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद के आप्रवासी एवं शरणार्थी विभाग ने अभिन्न मानव विकास को बढ़ावा देने हेतु एक पुस्तिका तैयार किया है। पुस्तिका का शीर्षक है, "जलवायु विस्थापित लोगों पर प्रेरितिक दिशानिर्देश।" इसका उद्देश्य यही है कि जलवायु संकट के कारण विस्थापित लोगों के लिए कलीसिया के प्रत्युत्तर हेतु दिशानिर्देश प्रस्तुत करना।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मगलवार, 30 मार्च 2021 (रेई)- समग्र मानव विकास हेतु गठित परमधर्मपीठीय परिषद ने एक पुस्तिका प्रकाशित की है तथा "हमारे समय की इस परिस्थिति में "उन लोगों की परिस्थिति को देखने के तरीके को व्यापक करने का आह्वान किया है" - जो जलवायु संकट के कारण अपने घरों से दूर हैं।"

पुस्तिका की प्रस्तावना में संत पापा फ्राँसिस ने कहा है कि नई पुस्तिका हमें लंबे समय तक चल रही उथल-पुथल की त्रासदी को देखने का आग्रह करती है जो हमारे भाई बहनों को रोने के लिए मजबूर कर रहा है...यह हमें इस संकट के लिए समाज और सरकार की उदासीनता के प्रति सचेत होने का निमंत्रण दे रही है। यह हमें देखने एवं इसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित कर रही है।

अंततः संत पापा ने कहा है कि यह कलीसिया एवं दूसरों को निमंत्रण दे रही है कि एक साथ कार्य करें।  

जलवायु परिवर्तन का मानव चेहरा

जलवायु विस्थापित लोगों पर प्रेरितिक दिशानिर्देश को समग्र मानव विकास के आप्रवासी एवं शरणार्थी विभाग, और समग्र पारिस्थितिकी विभाग ने संयुक्त रूप से तैयार किया है।  

पुस्तिका को प्रस्तुत करते हुए आप्रवासी एवं शरणार्थी विभाग के स्कालाब्रिनियन फादर फाबियो बाज्जो ने रेखांकित किया कि "जलवायु संकट का मानव चेहरा है। यह विश्व भर के लाखों लोगों के लिए वास्तविक सच्चाई बन चुकी है, खासकर, उन लोगों के लिए जो सुदूर क्षेत्रों में रहते हैं।"

30 March 2021, 16:43