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फादर फेदरिको लोम्बारदी वाटिक रेडियो में फादर फेदरिको लोम्बारदी वाटिक रेडियो में  

फादर लोम्बरदी ˸ सम्प्रेषण द्वारा वाटिकन रेडियो की पोप को मदद

फादर फेदरिको लोम्बरदी ने वाटिकन रेडियो के साथ एक साक्षात्कार में संत पापा के रेडियो के महत्व पर प्रकाश डाला जिसने शुक्रवार को अपना 90वां जन्म दिवस मनाया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 13 फरवरी 2021 (रेई)- फादर लोम्बरदी ने कहा, "हमारा एक मिशन है। यह मिशन है येसु ख्रीस्त, काथलिक विश्वास एवं आज की मानवता के संदेश का प्रचार करने के द्वारा पोप और दुनिया के लोगों की सेवा करना।"

फादर लोम्बरदी

फादर लोम्बरदी को साल 1991 में वाटिकन रेडियो के कार्यक्रम निदेशक नियुक्त किये गये थे और 2005 में वाटिकन रेडियो के महानिदेशक बने। बाद में, वे संत पापा बेनेडिक्ट 16वें के समय वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक बने।

वाटिकन रेडियो के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि मिशन जो कभी नहीं बदलता है, आज मानवता की कई समस्याओं के बावजूद कलीसिया को इसके विभिन्न समुदायों के साथ एकजुट रखना है ˸ दुनिया के सभी स्त्रियों एवं पुरूषों की सेवा में एकता के द्वारा सेवा देना है।   

उन्होंने बतलाया कि संत पापा मानवता के सेवक हैं। वे संवाद के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। वे बोलते हैं, लिखते हैं...और हम उन्हें अपने सभी साधनों के द्वारा उनकी मदद करते हैं ˸ माईक्रो फोन, वायु तरंगों, तस्वीरों और लेखों के द्वारा।

"ये सभी साधन हैं जिनसे हमें मिशन को पूरा करना है। हम उनके संचारक हैं।"

वाटिकन रेडियो संदेश

यद्यपि हमारे आसपास की परिस्थितियाँ बदल रही हैं, हमारा मिशन कभी नहीं बदलता।

"हमारे पास सभी आवश्यक साधन नहीं हैं किन्तु हमारे पास बड़ी शक्ति और मानवीय दृष्टिकोण है। हमारे पास देने के लिए एक संदेश है, प्रेम, शांति, आशा, युवाओं को विचार, करुणा, क्षमा आदि।"

फादर ने कहा, "बहुत सारे अच्छे समाचार देने हैं और हम इसे दे सकते हैं, यह हम पर निर्भर करता है दूसरों पर नहीं।"

फादर लोम्बरदी ने बतलाया कि "हम जीवनभर इस संदेश के सुसंगत हो सकते हैं। हम जिस तरह बोलते, सूचना देते उसमें हम सुसंगत हो सकते हैं और मैं आशा करता हूँ कि पूरी दुनिया इसको महसूस कर रही है क्योंकि इसकी जरूरत है।"   

पोप एवं उनके उदाहरण

फादर लोम्बारदी ने कहा कि कभी-कभी हमारे संदेश को सतह पाने में कठिनाई होती है किन्तु हमें सत्य, स्पष्टता एवं निष्ठा देना चाहिए, हमारा कर्तव्य है कि संत पापा सामंजस्य भाव से बोलते रहें।

उन्होंने कहा कि संत पापाओं इस अर्थ में बहुत कुछ सिखलाया है। संत पापा जॉन पौल द्वितीय कठिन समय में बहुत मजबूत, स्पष्ट और साहसी संवाद कर्ता थे। बेनेडिक्ट 16वें भी उन्हीं के समान थे और अब हमारे लिए संत पापा फ्राँसिस हैं। हमें उनके साथ सहयोग करना है, उनके ओर से जनता के प्रति सही मनोभाव को सीखना है।

"यद्यपि हमारे पास शक्तिशाली उपकरण नहीं हैं, हमें काम करना चाहिए, पूरे दिल से और क्षमता से। हमें हमारे विश्वास एवं मानवीय मूल्यों के वफादर साक्षी बनना है ताकि हम आज की दुनिया की आवश्यकता का प्रत्युत्तर दे सकें।"  

13 February 2021, 15:31