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वाटिकन में तैनात स्वीस गार्ड वाटिकन में तैनात स्वीस गार्ड  (ANSA)

स्वीस गार्ड ने वाटिकन में अपनी स्थापना का 515वाँ वर्षगाँठ मनाया

22 जनवरी को स्वीस गार्ड ने वाटिकन में अपनी स्थापना का 515वाँ वर्षगाँठ मनाया। इसकी स्थापना संत पापा जुलियस द्वितीय ने की थी।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 23 जनवरी 2021 (रेई)- पोप जुलियस द्वितीय ने 1506 में स्वीस गार्ड की स्थापना की थी। "विश्व की सबसे छोटी सेना" के रूप में पहचाने जानेवाले स्वीस गार्ड का अस्तित्व स्वीस आर्मी फोर्स से अलग है जिसको पोप के नेतृत्व में रोमन काथलिक कलीसिया ने अपने लिए किराये पर रखा है, जिनके लिए वे वाटिकन में निष्ठा की शपथ लेते हैं।

शपथ ग्रहण समारोह हर साल 6 मई को सम्पन्न किया जाता है और 1527 में रोम के बर्ख़ास्त किये जाने की याद की जाती है। उस दिन संत पापा क्लेमेंट 7वें की रक्षा करते हुए करीब 150 से अधिक स्वीस गार्ड मार डाले गये थे। बाद में बचे हुए 22 स्वीस गार्ड के साथ संत पापा क्लेमेंट ने वाटिकन से भागकर कास्तेल संत अंजेलो में शरण ली थी।  

स्वीस क्यों?

कहा जाता है कि मध्ययुग में, स्विट्जरलैंड ने यूरोप में सबसे विश्वसनीय भाड़े के सैनिकों की प्रतिष्ठा हासिल की थी। स्वीस गार्ड जिसने फ्राँस के राजा की रक्षा की थी पोप जुलियस द्वितीय उससे लम्बे समय से प्रभावित थे। उन्होंने अपने लिए 200 स्वीस सेना की मांग की ताकि उन्हें अपने अंग रक्षक एवं अपने स्थान की सुरक्षा के लिए रख सकें। उनके आग्रह पर 21 जनवरी 1506 को पोप की सेवा में 150 स्वीस गार्ड भेजे गये थे।   

स्वीस गार्ड आज

2015 में आवश्यकता की पूर्ति हेतु गार्ड की संख्या 110 से बढ़ाकर 135 की गई। स्वीस गार्ड को भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक मांगों को पूरा किया जाता है – सबसे पहले सैन्य प्रशिक्षण स्वीट्जरलैंड में होती है। उसके बाद रोम में पांच सप्ताह का अधिष्ठापन ट्रेनिंग कोर्स होता है और अंत में प्राथमिक हथियारों के प्रयोग का प्रशिक्षण काल होता है जिसको सैनिकों ने 16वीं शताब्दी में प्रयोग किया था। प्रशिक्षण काल पूरा होने पर उनका शपथ ग्रहण समारोह होता है जिसमें उनके परिवार वाले भी निमंत्रित किये जाते हैं एवं संत पापा से उन्हें व्यक्तिगत मुलाकात करने का अवसर प्राप्त होता है।  

परमधर्मपीठ के सुरक्षाबल के साथ स्वीस गार्ड का कर्तव्य है वाटिकन के अंदर और बाहर पोप की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जब पोप लोगों के बीच हों, तो उनके साथ होना।

 

23 January 2021, 13:00