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कार्डिनल लेओनार्दो सांद्री कार्डिनल लेओनार्दो सांद्री   (AFP or licensors)

महामारी के समय में उदार दान ताकि पीड़ित न छोड़ दिये जाएँ

विभिन्न कलीसियाओं के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ ने महामारी के समय में किये गये असाधारण मदद का विवरण संत पापा फ्राँसिस के सामने प्रस्तुत किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटकिन सिटी, मंगलवार, 22 दिसम्बर 2020 (रेई)- ऑरियंटल एवं रोको अंजेलिस ने कोविड-19 से प्रभावित लोगों के प्रति सामीप्य व्यक्त करते हुए संत पापा को एक फाईल प्रस्तुत की है।

21 दिसम्बर को ऑरियंटल कलीसियाओं के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष कार्डिनल लेओनार्दो सांद्री ने कहा, "इस भयंकर समय में यह आशा का चिन्ह है।"

फाईल में 95,74,907.74 यूरो रिपोर्ट किया गया है जिसके द्वारा अर्मेनिया, बेलारूस, मिस्र, एरीट्रिया, इथोपिया, जोर्जिया, ग्रीस, पवित्र भूमि (फिलीस्तीन, इस्राएल, जॉर्डन और साईप्रस) भारत, ईरान, ईराक, कजाकिस्तान, लेबनान, मकेदुनिया, पोलैंड, रोमानिया, सारायेओ, सीरिया, तुर्की एवं यूक्रेन के जरूरतमंद लोगों की मदद की जायेगी।

कार्डिनल सांद्री ने कहा कि इस परिस्थिति में धर्मसंघ एवं हमारी कलीसियाओं को मदद करनेवाली सभी एजेंसियाँ के साथ इस जागरूकता के साथ जुड़े हैं, "एक साथ हम इस परिस्थिति से बाहर निकल सकते हैं।" धर्मसंघ ने महामारी का सामना करने में पीड़ितों एवं गरीबों को नहीं छोड़ने के संत पापा के आह्वान को अपनाया है। उन्होंने पूर्वी कलीसियाओं के धर्मसंघ, काथलिक निकट पूर्वी कल्याण, परमधर्मपीठीय फिलीस्तीन मिशन एवं रोको के सहयोग से फंड स्थापित किया है।  

कार्डिनल ने कहा, "हमारे प्रयास में मुख्य रूप से पूर्वी यूरोप, मध्यपूर्व एवं भारत की योजनाओं पर ध्यान दिया गया है।" अफ्रीका में हमने इथोपिया एवं इरिट्रीया पर अधिक ध्यान दिया गया है किन्तु हमारा समर्थन विश्व के पीड़ित क्षेत्रों के लिए भी है। इस कारण से सीरिया एवं लेबनान तथा मिस्र, ईराक और पवित्र भूमि, खासकर फिलीस्तीन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बतलाया कि महामारी के कारण आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद विशेष मदद कार्य की गारांटी दी जा सकी क्योंकि कलीसिया को घावों को चंगा करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा, "मैं जोर देना चाहूँगा कि हमारे पीछे बहुत सारे उदार लोग हैं जो मदद के लिए आगे आते हैं, मैं जानता हूँ कि गरीब होने पर भी वे बड़ी प्रतिष्ठा के साथ, जरूरतमंद भाई-बहनों की मदद करते हैं।"

पवित्र भूमि को 34,19,158.86 यूरो, सीरिया को 12,66,881.51 यूरो और भारत को 11,47,880.55 यूरो अनुदान दिये गये हैं इसके साथ ही, लेबनान को 9,94,424.53 यूरो, इथोपिया को 8,17,180.34 यूरो और ईराक को 4,76,153.61 यूरो प्रदान किये गये हैं।

कार्डिनल ने याद किया कि संत पापा फ्रांसिस अगले 5 से 8 मार्च को ईराक की यात्रा करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह उस दुनिया के लिए शांति, भाईचारा और उम्मीद की यात्रा होगी जो युद्ध, संघर्ष, अत्याचार और आतंकवाद से प्रभावित है।  

 

22 December 2020, 16:24