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मनीवाल का स्वागत करते कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन मनीवाल का स्वागत करते कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन  

कार्डिनल परोलिन ने वाटिकन में मनीवाल टीम का स्वागत किया

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ उठाये गये कदम के मूल्यांकन पर विशेषज्ञों की समिति (मनीवाल) के सदस्यों एवं यूरोपीय परिषद का स्वागत किया, जिन्होंने बुधवार को वाटिकन में अवलोकन करना शुरू किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 1 अक्टूबर 2020 (वीएन)- वाटिकन प्रेस कार्यालय ने बुधवार को मूल्यांकन दौरे पर एक बयान जारी कर कहा कि "यह पांचवें मूल्यांकन दौर के संदर्भ में आयोजित किया गया है जिसकी सहमति 2019 में व्यक्त की गई थी, जिसमें मनीवाल के सभी सदस्य देश शामिल हैं।"

मनीवाल एवं यूरोपीय समिति

यूरोपीय समिति में 47 सदस्य हैं जो 27 सदस्यों की यूरोपीय संघ से अलग है। यूरोपीय समिति का गठन 1949 को हुआ था ताकि लोकतंत्र को बढ़ावा दिया जा सके एवं मानव अधिकार तथा महादेश में कानून की नीतियों की रक्षा की जा सके।

मनीवाल, काले धन को श्वेत करने एवं आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ उठाये गये कदम के मूल्यांकन पर विशेषज्ञों की समिति का आधिकारिक नाम है। निगरानी निकाय वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के वैश्विक मानकों के खिलाफ अपना मूल्यांकन करता है, जिसमें से यह एक प्रमुख सहयोगी सदस्य है।

बयान में कहा गया है कि "मूल्यांकन के इस चरण का दायरा काले धन और आतंकवाद के वित्तपोषण के रोकथाम के लिए हाल के वर्षों में न्यायालयों द्वारा अपनाए गए विधायी और संस्थागत उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करना है।"

कहा गया है कि परमधर्मपीठ के लिए वर्तमान मूल्यांकन उस प्रक्रिया का एक नियमित हिस्सा है जो 2012 में पहली यात्रा के साथ शुरू हुई थी और 4 जुलाई 2012 को परमधर्मपीठ की आपसी मूल्यांकन रिपोर्ट को स्वीकार किया गया था जिसके तहत पहली प्रक्रिया रिपोर्ट 9 दिसम्बर 2013 को, दूसरी प्रक्रिया रिपोर्ट 8 दिसम्बर 2015 को और तीसरी प्रक्रिया रिपोर्ट 6 दिसम्बर 2017 को किया गया था।  

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पीयेत्रो परोलिन ने मनीवाल अवलोकन समिति का स्वागत किया तथा कालाधन को श्वेत बनाने और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए परमधर्मपीठ और वाटिकन सिटी की प्रतिबद्धता और सहयोग को दोहराया।

परमधर्मपीठ का आध्यात्मिक स्वरूप

समिति को सम्बोधित करते हुए कार्डिनल परोलिन ने कहा कि परमधर्मपीठ के आध्यात्मिक स्वरूप एवं मिशन, दूसरे देशों के समान प्रतीकात्मक क्षेत्रीय संप्रभुता पर नहीं टिका है बल्कि शांति, एकजुटता, न्याय और स्वतंत्रता के सार्वभौमिक मूल्यों पर स्थापित "प्यार की सभ्यता के निर्माण के लिए आम प्रयास" को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।"

वाटिकन राज्य सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों के विपरीत जिनकी अर्थव्यवस्थाएं अपने संबंधित राष्ट्रीय समुदाय के लिए धन और समृद्धि बढ़ाने के उद्देश्य से हैं, वाटिकन और वाटिकन सिटी राज्य द्वारा प्रबंधित धन मुख्य रूप से धर्मों और दान के कार्यों के लिए निर्देशित हैं। अतः परमधर्मपीठ और वाटिकन सिटी राज्य द्वारा प्रबंधित धन को उनके इच्छित उद्देश्यों और नैतिक आयाम के अनुरूप होना चाहिए।

कार्डिनल परोलिन ने कहा, "कालाधन को श्वेत करने एवं आतंकवाद के वितपोषण के खिलाफ वाटिकन के वित्त सूचना अधिकारी (एफआईए) अपने वित्तीय क्षेत्र के निरीक्षण और नियमन के लिए जिम्मेदार है। यह इस पृष्ठभूमि के खिलाफ है कि मनीवल के मूल्यांकन उपायों के संबंध में परमधर्मपीठ और वाटिकन सिटी राज्य के संबंध को समझा जाना चाहिए।"

कार्यों को नैतिक मानदंडों के अनुरूप होना चाहिए

इस संबंध में कार्डिनल परोलिन ने संत पापा फ्राँसिस के शब्दों की याद की है जिन्होंने कहा है कि धर्म के कार्यों के लिए संस्थान (इयोर) आमतौर पर वाटिकन बैंक के रूप में जाना जाता है, इसका प्राथमिक कार्य सिद्धांत संभावित लाभ अर्जित करना नहीं हो सकता, बल्कि "नैतिकता के मानदंडों, सुसंगत दक्षता और उन सिद्धांतों का अभ्यास करना है जो इसकी विशिष्ट प्रकृति को दर्शाते हैं"।

कार्डिनल परोलिन ने हस्तक्षेप और सिफारिशों के लिए मनीवाल की सराहना की जिनका दौरा इयोर मदद देगा एवं परमधर्मपीठ के सभी अन्य एजेंसी इन सिद्धांतों पर ध्यान देंगे।  

01 October 2020, 15:32