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वाटिकन विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल रिचर्ड गल्लाघर वाटिकन विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल रिचर्ड गल्लाघर  

बेलारूस में महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर का मिशन

वाटिकन विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल रिचर्ड गल्लाघर ने 11-14 सितम्बर तक बेलारूस का दौरा किया। उनकी इस यात्रा की कुछ मुख्य बातों को लोसलवातोरे रोमानो में बुधवार को प्रकाशित एक लेख में प्रकाश डाला है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 17 सितम्बर 2020 (वीएन)- पिछले शुक्रवार 11 सितम्बर को महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर बेलारूस के लिए रवाना हुए थे। उसी दिन वाटिकन प्रेस कार्यालय से जारी एक वक्तव्य में कहा गया था कि वे वहाँ की "काथलिक कलीसिया एवं समस्त देश के प्रति संत पापा फ्राँसिस के ध्यान एवं सामीप्य को प्रकट करने वहाँ गये हैं।"  

वाटिकन विदेश सचिव के साथ, प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष अंतोनियो मेन्निनी और प्रेरितिक आवास के सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल बुतनारू भी थे। जब वे मिंस्क पहुँचे तो हवाई अड्डे पर उनका स्वागत उप-विदेश मंत्री सेरजेई अलेइनिक ने की था।  

वहाँ से वे सीधे विदेश मंत्रालय के मुख्य कार्यालय गये जहाँ विदेशमंत्री ब्लादिमीर मकेई के साथ एक बैठक हुई। बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में बेलारूस एवं परमधर्मपीठ के बीच सहयोग के कुछ महत्वपूर्ण मामलों की याद की गई। इस दौरान स्थानीय काथलिक कलीसिया द्वारा बेलारूस के लोगों के आध्यात्मिक विकास, सामाजिक सहायता, अच्छे अंतर-धार्मिक राष्ट्रीय सह-अस्तित्व तथा देश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने की भी याद की गई। खास ध्यान इस बात पर दी गई कि सभी नागरिकों की भलाई के लिए काथलिक कलीसिया किस तरह अपने आध्यात्मिक मिशन को आगे ले सकती है।   

शनिवार 12 सितम्बर को महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर ने प्रेरितिक राजदूतावास में बेलारूस के काथलिक धर्माध्यक्षों से मुलाकात की। इस मुलाकात ने एक ओर काथलिक समुदाय एवं उनके चरवाहों की चुनौतियों को अधिक गहराई से जानने का अवसर दिया, वहीँ दूसरी ओर, उनके प्रति संत पापा के सामीप्य एवं समर्थन को भी प्रकट करने का अवसर मिला। एक साथ विचार-विमर्श किये गये कि स्थानीय कलीसिया अपनी पहचान एवं सुसमाचार प्रचार के मिशन के प्रति विश्वस्त बने रहने के रास्ते पर किस तरह आगे बढ सकती है साथ ही, यह सामाजिक एकता का प्रभावशाली माध्यम किस तरह बन सकती है।    

उसी दिन दूसरी बेला उन्होंने मिंस्क में ऑर्थोडोक्स महागिरजाघर, ऑर्थोडॉक्स ईशशास्त्र विभाग और पास के एक काथलिक महागिरजाघर का व्यक्तिगत दौरा किया। इस दौरे में उन्हें बेलारूस के धार्मिक इतिहास के बारे जानने का मौका मिला और सबसे बढ़कर, नास्तिकतावाद के अधीन रहने के कठिन समय के बाद, इसके आध्यात्मिक पुनःजन्म की शक्ति की भी जानकारी मिली।  

उसी शाम को महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर ने प्रेरितिक राजदूतावास में उपविदेश मंत्री एवं परमधर्मपीठ के राजदूत सेरजेई अलेमिक से मुलाकात की। मुलाकात में उन्होंने पुनः राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण मूद्दों पर विचार किया।  

रविवार 13 सितम्बर को महाधर्माध्यक्ष गल्लाघर ने प्रेरितिक राजदूतावास के प्रार्थनालय में ख्रीस्तयाग अर्पित किया। मिस्सा में काथलिक राजदूतों ने भी भाग लिया। मिस्सा के बाद उन्होंने उपस्थित राजदूतों से मुलाकात की।

रविवार दोपहर को, प्रतिनिधियों ने सब संतों के सम्मान में स्थापित स्मारक तीर्थस्थल का व्यक्तिगत दौरा किया, जहाँ उन्होंने तीर्थस्थल के महापुरोहित फायोडोर पोवने से मुलाकात की। वहाँ उन्होंने बेलारूस के लोगों के इतिहास एवं ऑर्थोडोक्स ख्रीस्तीय परम्परा की समृद्धि की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

सोमवार 14 सितम्बर को वाटिकन विदेश सचिव प्रतिनिधिमंडल के साथ वाटिकन वापस लौटे।

17 September 2020, 14:39