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कार्डिनल लुईस लादारिया फेर्रेर कार्डिनल लुईस लादारिया फेर्रेर   (© 2018 Catholic News Service)

कार्डिनल लादारिया : स्थानीय कलीसियाओं के योगदान के लिए पुस्तिका

विश्वास के सिद्धांत के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ के अध्यक्ष कार्डिनल लुईस लादारिया फेर्रेर ने 16 जुलाई को एक नई लघु-पुस्तिका प्रस्तुत की, जो याजकों द्वारा नाबालिगों के यौन दुराचार के मामलों का समाधान करने में मदद देगी।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 20 (वीएन)- लघु-पुस्तिका याजकों द्वारा बाल यौन दुराचार के मामलों में कार्रवाई करने की प्रक्रिया में मदद देगी। इसे, कई धर्माध्यक्षों तथा समर्पित जीवन एवं प्रेरितिक जीवन की संस्थाओं के परमाधिकारियों के आग्रह पर, विश्वास के सिद्धांत के लिए गठित परमधर्मपीठीय धर्मसंघ द्वारा प्रकाशित किया गया है जिससे कि उन उपयाजकों, पुरोहितों और धर्माध्यक्षों के साथ कार्रवाई करने में सहायता मिल सके जो नाबालिगों के यौन दुराचार के आरोपी हैं। हालिया इतिहास में इस संकट के बारे कलीसिया पर अधिक ध्यान देने का प्रयास किया जा रहा है। न्याय की यह कार्यप्रणाली कलीसिया की प्रतिक्रिया को समाप्त नहीं करती, लेकिन तथ्यों की सच्चाई पर आने के लिए यह आवश्यक है। यह एक जटिल मार्ग है जो मानदंडों और प्रक्रियाओं के घने जंगल की ओर ले जाता है, जिसके बाद धर्माध्यक्ष और सुपीरियर्स आगे बढ़ने के निश्चित रास्ते को नहीं पाते हैं।      

अतः लघु पुस्तिका मुख्य रूप से उन्हीं लोगों के लिए लिखी गयी है और साथ ही साथ, उन लोगों के लिए भी जो कानूनी कार्रवाई में मदद देते हैं। यह मानक दस्तवेज नहीं है और न ही कोई नया विधि किताब है बल्कि "अनुदेश पुस्तिका" है जो उन सभी लोगों को मदद करना चाहती है जो ठोस मामलों का समाधान शुरू से अंत तक करते हैं अर्थात् अपराध की पहली अधिसूचना से, मामले के सही निष्कर्ष तक। इन दोनों बिन्दुओं के बीच एक अवधि होती है जिसमें अवलोकन, पूरा चरण, जानकारी एवं निर्णय किये जाते हैं।

इस साधन को आकार उस समय दिया गया था जब कलीसिया में नाबालिगों की सुरक्षा पर विश्वभर के धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के अध्यक्षों की सभा (21-24 फरवरी 2019) हुई थी। उस अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने कार्य को दिशा देने हेतु 21 चिंतन बिन्दु प्रदान किये थे। उन बिन्दुओं में से एक बिन्दु इस प्रकार था-  एक व्यावहारिक पुस्तिका तैयार करना, जिसमें जब मामले सामने आते हैं,  तो अधिकारियों को कदम उठाने हेतु संकेत मिल सकें। इस प्रस्ताव को उठाया गया था एवं प्रतिभागियों द्वारा समर्थन दिया गया था। इस प्रकार, अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, इस तरह के दस्तावेज की तैयारी को लागू किए जाने वाले ठोस प्रस्तावों में शामिल किया गया था।

इस दस्तावेज के स्रोत न्यायिक और व्यावहारिक दोनों हैं। मानक स्तर पर, प्रमुख संदर्भ कलीसिया के कानून के वर्तमान कोड हैं, मूल मानदंड और जटिलता (अपराध) के संबंध में प्रक्रियात्मक मानदंड, मोतू प्रोप्रियो साक्रमेंन्तुम सांतितातिस तूतेला (2001, 2010 में संत पापा बेनेडिकट 16वें द्वारा अद्यतन) और हाल में संत पापा फ्राँसिस के मोतू प्रोप्रियो वोस एसतिस लुक्स मंदी (2019) के द्वारा विश्वास के सिद्धांत हेतु गठित धर्मसंघ के लिए आरक्षित है।  

16 July 2020, 18:01