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महामारी दिखलाता है कि भ्रष्टचार का सामना करने हेतु नये हल की जरूरत

यूरोप में सुरक्षा एवं सहयोग के संगठन के लिए परमधर्मपीठ के स्थायी प्रतिनिधि ने कोविड-19 महामारी के बीच भ्रष्टाचार के निराकरण का आह्वान किया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 16 जून 2020 (वीएन)- यह देखते हुए कि सभी मौजूदा विचार-विमर्श, कोविद -19 महामारी को ध्यान में रखते हुए किये जा रहे हैं मोनसिन्योर जानुस्ज उरबानसेजक ने कहा, "हमने पहले ही इस संकट के कारण अपने क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिवर्तनों को देखना शुरू कर दिया था।" उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिक ध्यान देने का आह्वान किया।

मोनसिन्योर जानुस्ज सोमवार को 28वीं आर्थिक एवं पर्यावरण मंच (ईईएफ) की तैयारी हेतु दूसरी सभा के दौरान अपना वक्तव्य पेश कर रहे थे।

नवाचार, पारदर्शिता, डिजिटलाइजेशन

मंच की विषयवस्तु है, "ओएससीई क्षेत्र में नवाचार, पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन को बढ़ाकर भ्रष्टाचार का सामना करने एवं उसे दूर करने के द्वारा सुरक्षा, स्थायित्व और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देना।” सभा कोविड-19 महामारी के कारण वर्चुवल जूम के द्वारा की गई।

अपने संम्बोधन में यूरोप में सुरक्षा एवं सहयोग के संगठन के लिए परमधर्मपीठ के स्थायी प्रतिनिधि ने सुशासन पर ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि भ्रष्टाचार ओएससीई के साझा मूल्यों के लिए बहुत बड़ा खतरा है और यह अस्थायित्व उत्पन्न करता एवं सुरक्षा, वित्त एवं मानवीय आयामों के कई पहलुओं तक पहुँचता है।

उन्होंने कहा कि नैतिक एवं आर्थिक दोनों दृष्टिकोणों से भ्रष्टाचार शीघ्र और आसान लाभ की भ्रांति उत्पन्न करता है किन्तु वास्तव में, यह सभी को हानि पहुँचाता है, भरोसा को कम करता, पारदर्शिता को ढंक लेता एवं समस्त कानूनी एवं सामाजिक व्यवस्था की विश्वसनीयता में ही संदेह उत्पन्न करता है।

संत पापा फ्राँसिस

संत पापा फ्राँसिस के शब्दों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार व्यक्ति की प्रतिष्ठा को कम करता है एवं सभी अच्छे और सुन्दर विचारों को ध्वस्त कर देता है, अतः पूरा समाज भ्रष्टाचार के कैंसर एवं इसके हर प्रकार से लड़ने के लिए बुलाया जाता है।

वाटिकन के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि हम एक भयंकर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे हैं अतः सरकार की प्राथमिकता निश्चय ही स्वस्थ एवं सुरक्षा की रक्षा करना और भ्रष्टाचार के हर अवसर एवं जोखिम को उजागर करना है।

उन्होंने कहा कि संकट का जवाब देने के इस समय में भ्रष्टाचार का सामना करने से सचेत रहने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी चुनौती होने के बावजूद कोविड-19 महामारी ने नये और परिवर्तनात्‍मक समाधान खोजने के लिए अवसर प्रदान किया है। इसने भ्रष्टचार का सामना करने का मौका दिया है जो विभाजित अथवा राजनीतिकृत या पक्षपातपूर्ण नहीं है बल्कि सच्चे रूप से सार्वजनिक भलाई एवं सभी के समग्र मानव विकास की खोज करता है।  

16 June 2020, 15:33