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संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक प्रबोधन, जिसका शीर्षक है "केरीदा अमाजोनिया" संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक प्रबोधन, जिसका शीर्षक है "केरीदा अमाजोनिया" 

प्रेरितिक प्रबोधन के प्रति स्थानीय कलीसियाओं की प्रतिक्रिया

संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक प्रबोधन को विश्वभर के स्थानीय कलीसियाओं के काथलिक धर्मगुरूओं ने स्वीकार किया, जिसका प्रकाशन बुधवार को किया गया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 13 फरवरी 20 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक प्रबोधन को विश्वभर के स्थानीय कलीसियाओं के काथलिक धर्मगुरूओं ने स्वीकार किया, जिसका प्रकाशन बुधवार को किया गया।  
आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अमरीका के धर्माध्यक्षों ने सबसे पहले संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक प्रबोधन का प्रत्युत्तर दिया जिसको उन्होंने सिनॉड के उपरांत प्रकाशित किया है।

कार्य हेतु बुलावा

आयरलैंड के महाधर्माध्यक्ष इयमोन मार्टिन ने "केरीदा अमाजोनिया" का सहृदय स्वागत किया, जिसमें संत पापा अमाजोन के लोगों और पर्यावरण के गंभीर जोखिम एवं हमारे आमघर पृथ्वी के विस्तार का स्पष्ट-दृष्टि विश्लेषण करते हैं। वे गरीबी की समस्या, आर्थिक एवं सामाजिक अन्याय एवं मानव अधिकार के हनन पर प्रकाश डालते हैं जो पारिस्थितिक और मानव के पतन के दुष्चक्र में परस्पर जुड़े हुए हैं। महाधर्माध्यक्ष मार्टिन ने कहा, "यद्यपि केरीदा अमाजोन हमारे विश्व के उस सुन्दर एवं विशाल भू-भाग के हमारे भाई-बहनों के प्रति एकात्मता को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है, तथापि यह दस्तावेज अमाजोन के हित के लिए केवल नहीं है। यह हमारी कलीसिया एवं विश्व में सभी के लिए कदम उठाने का आह्वान है।  

न केवल अमाजोन क्षेत्र के लिए

ऑस्ट्रेलिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष मार्क कोलेरिज संत पापा फ्राँसिस के शब्दों का प्रत्युत्तर देते हुए कहा, "संत पापा के सभी दस्तावेज अत्यधिक अपेक्षित हैं किन्तु यह दस्तावेज खास रूप से रूचिकर है, न केवल उनकी सभी आवश्यकताओं के साथ अमाजोन के लोगों के लिए, बल्कि विश्व की कलीसियाओं के लिए भी। केरीदा अमाजोन "द्वितीय वाटिकन महासभा की शिक्षा को कलीसिया में स्वीकार करने का एक मील पत्थर होगा और ऑस्ट्रेलिया में हमारे लिए एक प्रेरणा के रूप में हम महासभा की यात्रा जारी रखेंगे... अमाजोन में जिन मुद्दों का सामना किया जा रहा है ऑस्ट्रेलिया उससे अनभिज्ञ नहीं है और संत पापा फ्राँसिस के शब्द एक चुनौती एवं प्रोत्साहन के समान है।"    

एक आशामय एवं चुनौतीपूर्ण दर्शन

अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष एवं लोस एंजेल्स के महाधर्माध्यक्ष जोश गोम्स ने कहा कि संत पापा फ्राँसिस ने अमाजोन प्रांत का आशामय एवं चुनौतीपूर्ण दर्शन प्रदान किया है जो पृथ्वी के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों एवं संस्कृतियों तथा लोगों की एक समृद्ध विविधता का घर है। महाधर्माध्यक्ष गोम्स ने कहा कि संत पापा हमें स्मरण दिलाते हैं कि कलीसिया येसु ख्रीस्त एवं प्रेम के सुसमाचार का प्रचार करते हुए मानवता की सेवा करती है। यह उस सुसमाचार का प्रचार करने का निमंत्रण देती है जो अमाजोन के लोगों की पहचान एवं इतिहास को सम्मान देता और जो येसु ख्रीस्त के अक्षय समृद्धि की रचनात्मकता की नवीन भावना के प्रति खुला है।

उन्होंने अपने भाई धर्माध्यक्षों की ओर से संत पापा फ्राँसिस को प्रज्ञा एवं मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया तथा सुसमाचार प्रचार एवं एक अधिक न्याय और भाईचारापूर्ण विश्व के निर्माण तथा ईश्वर की सृष्टि की अखंडता को सम्मान देने हेतु अपनी प्रतिबद्धता का वचन दिया।

13 February 2020, 16:34