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बच्चों पर संत पापा की नई पुस्तिका बच्चों पर संत पापा की नई पुस्तिका 

बच्चे हमारी आशा हैं, संत पापा

बच्चों पर संत पापा की एक पुस्तिका “ई बम्बिनी सोनो स्पेरांजा” का विमोचन कार्डिनल ताग्ले ने किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 17 फरवरी 2020 (रेई) संत पापा फ्राँसिस ने “ई बम्बिनी सोनो स्पेरांजा” (बच्चे हमारी आशा) नामक शीर्षक से बच्चों ने नाम एक छोटी पुस्तिका प्रकाशित की है जो हमें स्वीकारने, अपने जीवन को साझा करने और प्रेम करने को प्रोत्साहित करता है।

पुस्तिका के लेख “ला चीभीता कथोलिका” के संचालक फादर अंतोनियो स्पादारो द्वारा चुने गये हैं जिसे श्रेयरे बॉयड ने चित्रित किया है जिन्होंने बच्चों के नाम “डियर पोप फ्रांसिस” अंग्रेजी की पुस्तिका को 2016 में सचित्रित और प्रकाशित किया था।

इस पुस्तिका का विमोचन वाटिकन से बांबिनो जीसु, बच्चों के अस्पताल में, अस्पताल के संचालक मारियेलिया एनोक और लोगों में सुसमाचार प्रचार हेतु गठित परमधर्मपीठीय विभाग के नये अध्यक्ष कार्डिलन लुईस ताग्ले की उपस्थिति में किया गया। कार्डिनल में पुस्तिका विमोचन के दौरान कहा, “जहाँ बच्चे नहीं हैं, वहाँ भविष्य नहीं है”।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तिका “शुद्ध वायु” की भांति है जहाँ हम खुशी, जोश और जीवन के बहुत सारे सजीव चित्रण को पाते हैं। “यह मुझे अपने बपचन के दिनों की याद दिलाती है जहाँ फिलिपींन्स के इमूस गाँव, हमारे परिवारों में दूरदर्शन की सुविधा नहीं थी, जहाँ हर परिवार में संध्या बेला में माँ अपने बच्चों के लिए साधारण किताबों को पढ़कर सुनाया करती थी”।   

उन्होंने पुस्तिका के संबंध में कहा कि इस किताब में संत पापा बच्चों से साधारण शब्दों के द्वारा सीधे तौर पर बातें करते हैं जो उन्हें उदारता होने, रोने से नहीं डरने, जीवन में अच्छे कार्य करने, खुशी में मुस्कुराने औऱ नाचने की सलाह देते हैं।

“आप और मैं दुनिया को और भी सुन्दर बना सकते हैं” और “संघर्ष में विजय पाने का सबसे उत्तम उपाय उसकी शुरूआत ही नहीं करता है”, ये सारी बातें हमारे लिए संत पापा की ओर से इस पुस्तिका में व्यक्त किये गये हैं। पुस्तिका के सबसे प्रथम पृष्ट में संत पापा कहते हैं, “जब मैं आप के समान एक बच्चे को देखता हूँ, तो मेरे हृदय में आशा उमड़ पड़ी है”। इन शब्दों के बगल में एक दर्पण है जहाँ एक बच्चा या बच्ची अपने चेहरे को देख रहा है।

पुस्तिका के प्रकाशन गृह, सालानी एदितोरे ने इस पुस्तिका के बारे में लिखा है, “एक छोटी विशेष पुस्तिका जहाँ हम विश्व के लिए एक संदेश को पाते हैं जो दुनिया को बेहतर स्थान बनाती है”। 

17 February 2020, 16:26