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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस  (ANSA)

उपनगरों के नये कार्डिनल, संवाद और मिशन के लिए

संत पापा फ्राँसिस द्वारा घोषित नए कार्डिनल मंडल में कलीसिया ने उपनगरों और मिशन प्रदेशों से धर्माध्यक्षों को शामिल करने की नीति को जारी रखा गया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 2 सितम्बर 2019 (वाटिकन न्यूज) : इस वर्ष कार्डिनल मंडल में नये कार्डिनलों को ख्रीस्त राजा के महोत्सव के दिन नहीं, परंतु शनिवार 5 अक्टूबर को शामिल किया जाएगा और यह अमाजोन पर हो रहे धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के शुरु होने की पहली शाम को होगा। संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में रविवार 1 सितम्बर को देवदूत प्रार्थना के बाद संत पापा फ्राँसिस ने 13 नये कार्डिनलों के नाम की घोषणा कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।  

इन 13 नये कार्डिनलों में 10 की उम्र 80 वर्ष से कम है अतः वे काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु के चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। 3 नये कार्डिनलों की उम्र 80 वर्ष से उपर होने की वजह से वे चयन प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते हैं।

रोमन कूरिया

रोमन कूरिया के तीन सदस्य लाल रंग की टोपी और कमर बंद प्राप्त करेगें, जो यह दिखाता है कि वे सुसमाचार प्रचार हेतु अपना खून बहाने को भी तैयार हैं। उनके नाम हैं, परमधर्मपीठीय अंतरधार्मिक संवाद सम्मेलन के अध्यक्ष धर्माध्यक्ष मिगुएल एंजेल आयसो गुसोट, स्पेन के कोम्बोनियानी मिश्नरी। दूसरे हैं पुर्तगाल के जोस तोलेंतीनोका दे मेंडोन्का जो करीब एक साल से काथलिक कलीसिया के अभिलेखाध्यक्ष और पुस्तकालय अध्यक्ष रहे हैं। तीसरे नये कार्डिनल हैं, फादर माइकल चरणी येसु समाजी, जिन्होंने कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में शिक्षा पाई। वर्तमान में वे समग्र मानव विकास हेतु गठित परमधर्मपीठ से संलग्न प्रवासियों एवं शरणार्थियों के विभाग के अध्यक्ष हैं। प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए अपने काम करने के अलावा पान-अमाज़ोन क्षेत्र के लिए आगामी धर्मसभा में विशेष सचिव के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

यूरोप

बाकी दस नव निर्वाचित कार्डिनलों में दो यूरोप के धर्मप्रांतीय धर्माध्यक्ष हैं, लक्समबर्ग के धर्माध्यक्ष जॉन-क्लॉड हॉलरिक, जिन्होंने जापान में मिश्नरी के रुप में बहुत साल बिताया और दूसरे हैं इटली बोलोन्या धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष मत्तेओ जूप्पी।

लैटिन अमेरिका

लैटिन अमेरिका से दो नये कार्डिनल हैं, कूबा के धर्माध्यक्ष जॉन डे ला कारिदाद गार्चा रोड्रिगेज और ग्वाटेमाला के धर्माध्यक्ष अलवारो लेओनेल रामाज्जीनी इमेरी।

अफ्रीका

अफ्रीका से दो नये कार्डिनल हैं, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के कपुचिन धर्मसमाजी, महाधर्माध्यक्ष फ्रीडोलिन अम्बोंगो बेसुन्गू  और मोरक्को में रबात के महाधर्माध्यक्ष सलेशियन धर्मसमाजी, क्रिस्टोबल लोपेज़ रोमेरो, जो स्पेन मूल के हैं।

एशिया

एशिया, इंडोनेशिया में जकार्ता के महाधर्माध्यक्ष इग्नेशियस सुहैरो हार्डजोमातोडजो हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने 3 नये कार्डिनलों को कार्डिनल मंडल में शामिल कि जिनकी उम्र 80 वर्ष से ऊपर है वे हैं, ब्रिटेन में जन्मे महाधर्माध्यक्ष माइकल लूईस फिजगेराल्ड, जिन्होंने अंतर-धार्मिक संवाद में अपना महत्वपुर्ण योगदान दिया है तथा अपने अंतिम वर्षों में मिस्र में प्रेरितिक राजदूत के रुप में सेवा प्रदान की; लिथुआनिया में कौनास के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष जेसुइट सिगिटास तमकेवियस और रवेना (इटली) में जन्मे, अंगोला में बेंगापुला के सेवानिवृत धर्माध्यक्ष यूजेनियो दल कोरो हैं।

संत पापा फ्राँसिस 5 अक्टूबर को इन नये कार्डिनलों को कार्डिनल मंडल में स्वीकार करेंगे।

02 September 2019, 16:26