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कोसोवो में कार्डिनल परोलिन कोसोवो में कार्डिनल परोलिन 

विभिन्न पस्थितियों में सेवा करने का महत्वपूर्ण शब्द है दया

वाटिकन राज्य सचिव ने संत पेत्रुस महागिरजाघर में परमधर्मपीठ के प्रतिनिधियों के साथ ने पवित्र मिस्सा समारोह के साथ चार दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। वाटिकन में सम्मेलन 12 से 15 जून तक आयोजित की गयी है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 12 जून 2019 (रेई) : बुधवार 12 जून को कार्डिनल पियेत्रो परोलिन ने संत पेत्रुस महागिरजाघर में परमधर्मपीठ के प्रतिनिधियों के साथ पवित्र मिस्सा समारोह का अनुष्ठान किया। 98 प्रेरितिक राजदूत और 5 स्थायी पर्यवेक्षक पवित्र मिस्सा में उपस्थित थे।

दैनिक पाठ पर चिंतन करते हुए कार्डिनल परोलिन ने अपने प्रवचन में कहा कि हम ईश्वर और इस्राएल के बीच मध्यस्त बने मूसा की भूमिका के कुछ बिन्दुओं पर विचार करें जो हमारी आने वाले बैठकों को आलोकित करेगा जिसकी शुरुआत हम पवित्र बलिवेदी के चारों ओर एकत्र होकर प्रार्थना के साथ शुरू कर रहे हैं।  

मानवता की सेवा में एक अनुकरणीय और शुद्ध आचरण, कलीसिया और लोगों के लिए एक भावुक प्रेम, एक बहुत ही उच्च स्तरीय मंत्रालय विनम्रता के साथ निभाता है। सुसमाचार में येसु कहते हैं कि वे नियमों को तोड़ने करने नहीं लेकिन उसे पूरा करने आये है। हालांकि येसु का विश्राम के दिन चंगा करना या अचरज कार्य करना यहूदियों के लिए ईश्वर के नियम को तोड़ने के बराबर था। परंतु येसु ने पूरी परह से ईश्वर की आज्ञा का पालन किया।  

प्रेम का नियम

अलग-अलग परिस्थितियों में सेवा करने का सबसे महत्वपूर्ण शब्द दया है। कलीसिया द्वारा किये गये कार्य कुछ हिस्सों में स्वीकार्य हो सकती है, या दूसरे क्षेत्रों में इसका दृढ़ता से विरोध होता है। लेकिन कुछ भी या कोई भी हमें प्यार करने से नहीं रोक सकता। मसीह के लिए और उसकी कलीसिया के लिए एक भावनात्मक प्रेम और सभी लोगों के लिए विशेष रुप से गरीबों के लिए हम अपने दिल में उदार प्रेम के साथ भेजे जाते हैं। संत पौलुस कहते हैं जो प्यार करता है वह सहिंता के सभी नियमों का पालन करता है।(रोम. 13,10) 

सुसमाचार की कूटनीति

कार्डिनल परोलिन ने कहा कि संत पौलुस हमें हमारी प्रेरिताई की अपार ऊंचाई के साथ-साथ, हम सेवकों के सापेक्षिकरण" की याद दिलाते हैं। कलीसिया का हर मंत्रालय, जिसमें परमधर्मपीठ के प्रतिनिधि का मंत्रालय भी शामिल है, अपनी महिमा का आनंद नहीं लेता है, लेकिन मसीह में पूरी तरह से नये विधान को प्रतिबिंबित करना चाहिए। पवित्र मिस्सा बलिदान में हर दिन हम कहते हैं:"यह कटोरा मेरे रक्त का नूतन विधान है,” लगातार "सुसमाचार की कूटनीति" की सेवा करते हुए, सम्मान और बंधुत्व के सभी संबंधों को साथ बनाने की मांग करता है।

अपने प्रवचन के अंत में कार्डिनल परोलिन ने ईश्वर से कृपा मांगने हेतु प्रेरित किया जिससे वे सौंपे गए कार्य को सम्मान और ईमानदारी के साथ कर सकें। इस तरह वे प्रभु की महिमा के दर्पण बन सकें।

12 June 2019, 16:50