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संत पापा फ्राँसिस और फादर लोम्बार्दी संत पापा फ्राँसिस और फादर लोम्बार्दी  (ANSA)

नाबालिगों की सुरक्षा : प्रेस ब्रीफिंग ठोस पहल की घोषणा

"कलीसिया में नाबालिगों का सुरक्षा" बैठक के अंतिम दिन वाटिकन में एक प्रेस ब्रीफिंग और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस प्रतिबद्धताओं और दुरुपयोग का मुकाबला करने के पहलों की घोषणा के साथ संपन्न हुई।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 25 फरवरी 2019 (वाटिकन न्यूज): "कलीसिया में नाबालिगों का सुरक्षा" विषय पर हुए चार दिवसीय बैठक में चारो दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई थी जिसमें दिनभर की चर्चाओं और चिंतनों को संकलित किया गया और पत्रकारों को प्रतिभागियों और वक्ताओं के साथ जुड़ने का अवसर दिया गया साथ ही प्रश्नोत्तर का सत्र भी था।

रविवार को समापन प्रेस वार्ता ने एक स्पष्ट प्रश्न को रेखांकित किया: "अब आगे क्या"?  खासतौर पर बैठक की शुरुआत में संत पापा फ्राँसिस द्वारा प्रतिभागियों को दिये गये जनादेश , नाबालिगों की सुरक्षा में कलीसिया की मदद के लिए "ठोस" पहल को लेकर उनकी उम्मीदें अधिक थीं।

ठोस पहल

"कलीसिया में नाबालिगों की सुरक्षा" पर बैठक के अध्यक्ष फादर फेदरिको लोम्बार्डी एसजे, ने इस तरह की तीन पहल करने की घोषणा की:-

1. संत पापा द्वारा एक मोतू प्रोप्रियो का महत्वपूर्ण प्रकाशन, वेटिकन सिटी राज्य के भीतर नाबालिगों और कमजोर वयस्कों की सुरक्षा के लिए नियम और कानून प्रदान करता है।

2. विश्व के सभी धर्माध्यक्षों को बच्चों की सुरक्षा के संबंध में उनके न्यायिक और प्रेरितिक कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझाते हुए एक "लधु-पुस्तिका" (नियम पुस्तिका) का वितरण।

3. एक कार्यकारिणाी दल का निर्माण, जिसमें सक्षम विशेषज्ञ शामिल हैं। यह दल उन धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों को सहायता देगा जहाँ नाबालिगों की सुरक्षा के मुद्दे का सामना करने और दुर्व्यवहार से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों या विशेषज्ञता का अभाव है।

"अब आगे क्या?" प्रश्न की चौथी प्रतिक्रिया थी: कि आयोजन समिति वाटिकन कूरिया विभागों के प्रमुखों के साथ बैठक करेगी ताकि संबंधित प्रश्न पर चर्चा की जा सके और संबंधित प्रश्न पर विचार किया जा सके।

मीडिया का संबंध

वाटिकन के संचार विभाग के प्रीफेक्ट, पाओलो रुफ़िनी ने स्वीकार किया कि वाटिकन में "नाबालिगों की सुरक्षा" बैठक को पिछले कुछ दिनों में पूरे मीडिया में व्यापक कवरेज मिली है। उन्होंने पत्रकारों को उनके काम के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने "सत्य की खोज और रिपोर्टिंग" के रूप में पत्रकारों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने "पक्षपात के बिना सुनने" के महत्व के बारे में बात की और पुष्टि की कि "अगर कोई बात कर रहा है और कोई भी नहीं सुन रहा है तो कोई संचार नहीं हो सकता है"। रुफिनी और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पैनल के अन्य लोगों ने शनिवार को बैठक में उनके "साहसी" योगदान के लिए मैक्सिकन पत्रकार, वेलेंटीना अल्ज्राकी की प्रशंसा की, जब उन्होंने "पारदर्शिताः सभी लोगों के लिए संचार" विषय पर धर्माध्यक्षों को संबोधित किया।

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए, वेलेंटीना अल्ज्राकी ने इस मुद्दे पर "कलीसिया के साथ मिलकर काम करने" को प्रोत्साहित किया, लेकिन धर्माध्यक्षों को याद दिलाया कि वे कभी भी "कोई टिप्पणी नहीं" न कहें  तथा "समय पर और निष्पक्ष जानकारी"  मीडिया को प्रदान करें।

अंतिम प्रभाव

बॉम्बे के महाधर्माध्यक्ष, कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस, "नाबालिगों की सुरक्षा" मीटिंग के बारे में पूछे जाने पर, इसे "सही समय पर, उपयोगी और आवश्यक" कहा। उन्होंने कहा कि वे और सभी धर्माध्यक्ष इन समस्याओं की सार्वभौमिक समझ और चेतना के साथ आये थे। दुरुपयोग की समस्या का सामना करना "कलीसिया की प्राथमिकता" है। उन्होंने बैठक में महिलाओं के योगदान की प्रशंसा की, उनके "स्त्री अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण" के मूल्य पर प्रकाश डाला।

माल्टा के महाधर्माध्यक्ष चार्ल्स स्किलूना ने संक्षेप में अपने "इन चार दिनों का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि वे संत पापा के समापन भाषण और, दुरुपयोग और उसे छिपाने दोनों को "अपमानजनक अपराधों" के रूप में परिभाषित किया उनकी यह स्पष्टता ने उनके दिल को छू लिया है।"कोई भी खाली वापस नहीं जा रहा है।", उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों की उपस्थिति अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। उन्होंने कहा, "हमने पीड़ितों की पीड़ा और उनसे उबरने की कहानी उनके जुबान से सुनी। यह हमारे दिल में बदलाव लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण था।"

जेसुइट फादर हंस ज़ोलनर, आयोजन समिति के सदस्य और पोंटिफिकल ग्रेगोरियन विश्वविद्यालय में बाल संरक्षण केंद्र के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि एक दशक लंबी यात्रा के साथ "गुणात्मक और मात्रात्मक छलांग मारी है और यह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बैठक ने प्रतिभागियों के दृष्टिकोण को बदल दिया है और वे "घर वापस जाकर और इसके बारे में कुछ करने का" दृढ-संकल्प लिया है।

फादर ज़ोलनर ने कहा, "हमें इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि हमने वाटिकन में इस समस्या की जड़ों से निपटने के लिए इस बैठक में क्या किया है" और बैठक के तीन दिनों के विषय ‘जिम्मेदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता’, समस्या और समाधान दोनों को दर्शाते हैं।

25 February 2019, 16:56