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वाटिकन प्रेस सम्मेलन वाटिकन प्रेस सम्मेलन  (ANSA)

नाबालिगों की सुरक्षा पर फरवरी में आयोजित सभा की विस्तृत जानकारी

वाटिकन प्रेस कार्यालय के अद अंतरिम निदेशक ने फरवरी माह में होने वाली सभा के उद्देश्य एवं अपेक्षाओं को प्रस्तुत किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 17 जनवरी 2019 (वाटिकन न्यूज)˸ वाटिकन प्रेस कार्यालय के अद अंतरिम निदेशक अलेस्सांद्रो जिसोत्ती ने बुधवार को पत्रकारों के सामने "कलीसिया में नाबालिगों की सुरक्षा" पर फरवरी 21 से 24 तक होने वाली सभा की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।   

सभा के आयोजन समिति की बैठक बृहस्पतिवार 10 जनवरी को हुई थी। उसके बाद समिति के सदस्यों ने संत पापा से मुलाकात की थी और उन्हें सभा की तैयारी की जानकारी से अवगत कराया था।

तैयारी एवं विस्तृत जानकारी

फरवरी को आयोजित सभा में विश्वभर के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के अध्यक्ष भाग लेंगे जो "कलीसिया में नाबालिगों की सुरक्षा" पर विचार करेंगे। वाटिकन प्रेस कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार सभा में पूर्ण अधिवेशन, दलों में कार्य, सामूहिक प्रार्थना, साक्ष्य, पाप-स्वीकार संस्कार तथा ख्रीस्तयाग समारोह आदि कार्यक्रम रखे गये हैं।

संत पापा फ्राँसिस ने आश्वासन दिया है कि वे पूरी सभा में उपस्थित होंगे तथा येसु समाजी फादर फेदेरिको लोम्बारदी को सभा की अगुवाई करने का कार्यभार सौंपा गया है।

लक्ष्य एवं अपेक्षाएँ

वाटिकन प्रेस कार्यालय के अद अंतरिम निदेशक ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा, "नाबालिगों की सुरक्षा हेतु आयोजित फरवरी की सभा का एक ठोस उद्देश्य है। इसका लक्ष्य है कि सभी धर्माध्यक्ष स्पष्ट रूप से यह जाने कि नाबालिगों के साथ यौन दुराचार की विश्वव्यापी समस्या के समाधान के लिए उन्हें क्या करना चाहिए। संत पापा फ्राँसिस जानते हैं कि एक वैश्विक समस्या का समाधान विश्वस्तर पर प्रत्युत्तर दिये जाने के द्वारा ही किया जा सकता है। संत पापा चाहते हैं कि यह चरवाहों की सभा हो न कि शैक्षणिक सम्मेलन। यह एक ऐसी सभा हो जिसमें प्रार्थना एवं आत्मजाँच को स्थान मिले, यह धर्म शिक्षा एवं कार्य करने का स्थान हो।"

वक्तव्य में उन्होंने कहा कि यह संत पापा के लिए आधारभूत है कि जब धर्माध्यक्ष रोम से अपने देश और अपने धर्मप्रांत लौटेंगे, तब वे नियमों को लागू कर सकें तथा दुराचार रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा सकें, पीड़ितों की सहायता कर सकें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी मामले को ढंका और दफनाया न जाए।

सभा पर जो उम्मीद जगायी गयी है इस बात को ध्यान में रखना आवश्यक है कि  कलीसिया में दुराचार के खिलाफ यह संघर्ष की शुरूआत नहीं है। दुःखद यात्रा के साथ सभा एक पड़ाव है जो पंद्रह वर्षों से जारी है और निर्णायक रूप ले चुका है।”

17 January 2019, 15:47