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संत पापा “अलुमीनी ऑफ हेवन्स”  गायक दल संत पापा “अलुमीनी ऑफ हेवन्स” गायक दल   (ANSA)

गायन हृदय को आत्मा को प्रेरित करती

संत पापा फ्रांसिस ने “अलुमीनी ऑफ हेवन्स” गायक दल को अपने गीतों के माध्यम से सुसमाचार का प्रचार करते हुए आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध बनने हेतु प्रोत्साहित किया।

दिलीप संजय एक्का-वाटिकन सिटी

संत पापा फ्रांसिस ने “अलुमीनी ऑफ हेवन्स”  गायक दल को अपने गीतों के माध्यम से सुसमाचार का प्रचार करते हुए आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध बनने हेतु प्रोत्साहित किया।

संत पापा फ्रांसिस ने अलुमीनी ऑफ हेवन्स के करीब 300 सदस्यों के संग अपनी मुलाकात के दौरान उन्हें संबोधित करते हुए कहा, “गायन हमारी आत्मा को जगाती और उसे ईश्वर की वाणी को सुनने हेतु संवेदनशील बनाती है।”  

यह संघ अपनी स्थापना की 50वीं सालगिराह मना रही है जो येसु समाजी पुरोहित जुसेप्पे आरीवेने के द्वारा संगठित किया गयाहै। यह संघ अपने संगीत संयोजन और गायन के जरिये पूरे यूरोप में सुसमाचार का प्रचार करना की अभिलाषा रखती है।

गायन द्वारा समुदाय का निर्माण

संत पापा ने संगीत और गायन की कला पर अपने चिंतन प्रस्तुत करते हुए कहा, “यह खुशी विश्वास, पश्चताप और प्रेम को व्यक्त करता है। गायन वह भाषा है जो हमारे हृदयों को एक दूसरे के साथ संयुक्त करने में मदद करती है, जिससे फलस्वरुप हम दुनिया के किसी भी कोनों में शांति और सामुदायिकता का संदेश प्रसारित कर सकते हैं।”

संत पापा ने कहा कि इस गायक संघ का आदर्श सुसमाचार पर आधारित है विशेष कर स्तोत्र 33.2 पर जो कहता है, “वीणा बजाते हुए प्रभु का धन्यवाद करो, सारंगी पर उसका स्तुतिगान करो।”   

समृद्ध आध्यात्मिक जीवन

संत पापा ने पुरोहित आरीवेने के वचनों को याद करते हुए कहा,“ दूसरों को खोजने के लिए चलो, अपने को पाने के लिए रुको।” उन्होंने कहा, “दुनिया की रीत के प्रभावित हुए बिना हमें अपने आतंरिक जीवन की चिंता करने की जरुरत है। हम इसे सामुदायिक और व्यक्तिगत प्रार्थना के द्वारा अपने जीवन में उत्पन्न करने की जरूरत है, हमें इसके लिए ईश्वर के वचनों को सुनना औऱ संस्कारों में निरंतर सहभागी होने की आवश्यकता है विशेषकर पापस्वीकार और यूखारिस्त बलिदान। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध आध्यात्मिक जीवन में हमारी आवाज और मधुर संगीत, संगीत की भूख को तृप्ति प्रदान नहीं करेगी लेकिन ख्रीस्तीय जीवन का साक्ष्य उनके जीवन में ईश्वर से संबंध स्थापित करने हेतु एक लालसा जगायेगी जो आपको सुनते हैं।

शांति प्रार्थना हेतु अग्रसित करती

उन्होंने कहा कि स्वरों के मिलन को हमें दल के अंदर और बाहर अपने रोज दिन में खोजने की जरुरत है। “आप याद रखें लोग आपको आपके गीतों से अधिक येसु के शिष्यों और उनके साक्ष्य के रुप में तब पहचानेंगे जब आप एक दूसरे को वैसे ही प्रेम करेंगे जैसा कि येसु ख्रीस्त ने हमें किया है।”  

संगीत और गायन वे क्षमताएं हैं जिसके द्वारा हम ख्रीस्तीय प्रेम और ताकत की सुन्दरता को प्रसारित करते हैं। संत पापा ने गायक दल के सदस्यों से कहा, “आप गलियों और चौराहों” में जायें और अपने गीतों के माध्यम युवाओं में सुसमचारा का प्रचार करें।

12 November 2018, 16:58