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जापान में करीतास द्वारा राहत कार्य जापान में करीतास द्वारा राहत कार्य  (AFP or licensors)

बाढ़ पीड़ितों की सहायता में करीतास जापान

जापान के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के करीतास विभाग ने स्वयंसेवकों को निमंत्रण दिया है वे बड़े पैमाने पर राहत और पुनर्वास कार्यक्रम में मदद करने के लिए आगे आयें। बाढ़ के बाद देश में गर्म वायु का प्रभाव भी लोगों के लिए परेशानी का कारण है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

जापान, मंगलवार, 24 जुलाई 2018 (वाटिकन न्यूज)˸ काथलिक करीतास जापान ने कहा कि कई नगरपालिकाओं में शाक्यो स्थल को खोल दिया गया है ताकि बाढ़ राहत कार्यों के लिए स्वयंसेवकों को निमंत्रण दिया जा सके।  

बाढ़ के बाद गर्म वायु

जून के अंत और मध्य जुलाई के बीच, दक्षिणपूर्वी जापान में भारी वर्षा के कारण तीन दशकों में सबसे खतरनाक बाढ़ और भूस्खल देखने को मिला, जिसमें 200 लोगों की मौत हो गयी। यातायात एवं जलापूर्ति व्यवस्था भी पूरी तरह बाधित हो गयी है। बाढ़ के बाद गर्मी की लहर ने देश के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है, जिसके कारण 44 लोगों की मौत हो गयी और कई अस्पताल में भर्ती हैं।  

बाढ़ पीड़ितों को संत पापा का संदेश 

9 जुलाई को संत पापा फ्राँसिस ने बाढ़ पीड़ितों की याद कर, बाढ़ से मृत्यु के शिकार लोगों एवं घायलों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की थी।

हिरोशिमा एवं ताकामात्सू धर्मप्रांत

करीतास जापान के अधिकारी आइने ओनो ने फिदेस समाचार से कहा कि कई नगरपालिकाओं में शाक्यों सामाजिक कल्याण केन्द्रों को खोल दिया गया है। प्रभावित हिरोशिमा एवं ताकामात्सू धर्मप्रांत लोगों को प्रोत्साहन दे रहे हैं कि वे स्वयंसेवा कार्यों में शामिल हों। "स्वयंसेवकों का कार्य अब मुख्य रूप से मिट्टी और मलबे को हटाने का है, जो इन दिनों असामान्य तापमान के कारण काफी कठिन है।"

हिरोशिमा धर्मप्रांत में हर पल्ली से जानकारी एकत्रित की गयी है। धर्मप्रांतीय कार्यालय के सदस्य ओकायामा प्रांत के नेताओं संग संयुक्त बैठक कर रहे हैं। धर्मप्रांत ने एक स्थान निश्चित किया है जहाँ घरों को साफ करने में मदद देने हेतु स्वयंसेवकों को निमंत्रण दिया जा सके।

करीतास जापान ने राहत गतिविधियों का समर्थन करने के लिए इस हफ्ते राष्ट्रव्यापी धन जमा करने के अभियान की योजना बनाई है।

पेयजल, गर्मी की समस्या 

स्वास्थ्य मंत्रालय का अनुमान है कि पश्चिम जापान में 1,03,400 घर बिना पानी के हैं तथा जलाने वाली गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। 

अग्नि और आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, 4,500 लोग निकासी केद्रों में रह रहे हैं, जिनके लिए पानी की समस्या अब तक बरकरार है।

एहिमे एवं ओकायामा प्रांत के कुल 3,600 स्वयंसेवकों ने उच्च तापमान में रेत, मिट्टी और मलबे को साफ करने के लिए पूरा दिन काम किया।

 

24 July 2018, 16:16