सार्वजनिक सुरक्षा निरीक्षणालय के प्रति धन्यवाद ज्ञापन
वाटिकन सिटी
वाटिकन सिटी, शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 (रेई, वाटिकन रेडियो): वाटिकन स्थित सन्त पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में और उसके आसपास सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार इंस्पेक्टरेट यानि निरीक्षणालय में कार्यरत पुलिस कर्मियों को गुरुवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने वाटिकन शहर तथा इसके ओर-छोर सुरक्षा कायम रखने के लिये धन्यवाद ज्ञापित किया।
समर्पण, व्यावसायिकता और उदारता
सन्त पापा फ्रांसिस ने इंस्पेक्टरेट के निदेशकों और पुलिस अधिकारियों को “समर्पण, व्यावसायिकता और उदारता के साथ” सम्पादित उनके काम के लिए धन्यवाद दिया तथा उन्हें सन्त पेत्रुस महागिरजाघर एवं रोम के अन्य महागिरजाघरों के पवित्र द्वारों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
विशेष रूप से, उन्होंने कलीसिया के परमाध्यक्ष और उनके सहयोगियों, सन्त पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण के आसपास के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों तथा पूरे इटली में उनकी प्रेरितिक यात्रा में शामिल सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
आम भलाई के लिये
सन्त पापा ने निदेशकों एवं पुलिस अफ्सरों से कहा, "आप सार्वजनिक भलाई की सेवा में जीने और कार्य करने पर गर्व कर सकते हैं, साथ ही विनम्र भी रह सकते हैं, जो आपको मदद, आशीर्वाद, मुक्ति की आवश्यकता को पहचानने में सक्षम बनाता है, और आपके हृदय को ईश्वर की कृपा के लिए खुला रखता है।"
वाटिकन सिटी के लिए सार्वजनिक सुरक्षा निरीक्षणालय इटली की राज्य पुलिस का एक प्रभाग है, जो वाटिकन जेंडारमेरी और पोंटिफ़िकल स्विस गार्ड से अलग है। निरीक्षणालय के कर्तव्य मुख्य रूप से सन्त पेत्रुस महागिरजाघर में और इसके प्राँगण में सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित हैं। अपने संबोधन के दौरान, सन्त पापा फ्रांसिस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि निरीक्षणालय के अधिकारियों के काम के लिए साहस, आत्म-त्याग, ध्यान, धैर्य और बलिदान करने की इच्छा की आवश्यकता ज़रूरी है।
साथ ही, उन्होंने स्वीकार किया कि इन्सपेक्टोरेट की महत्वपूर्ण सेवा को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, "सुरक्षा... एक 'अदृश्य' वस्तु है जिसका महत्व हमें ठीक उसी समय महसूस होता है, जब किसी भी कारण से, इसमें कमी होती है; और जो रात-दिन, वर्ष के हर दिन सतर्कता के प्रति निरंतर और बुद्धिमानीपूर्ण प्रतिबद्धता से निर्मित होती है।"
जयन्ती वर्ष
पुलिस अफ्सरों को जयन्ती वर्ष का महत्व समझाते हुए सन्त पापा ने कहा, जयन्ती वर्ष के दौरान, "पवित्र द्वार से गुजरना कोई जादुई कार्य नहीं है", बल्कि "यह एक ख्रीस्तीय प्रतीक है जो फिर से शुरू करने, खुद को नवीनीकृत करने, या बल्कि, खुद को ईश्वर द्वारा नवीनीकृत करने की इच्छा को व्यक्त करता है।"
सन्त पापा ने कहा, यह एक सुनहरा अवसर है, यहां तक कि उन लोगों के लिए भी जो अपने भीतर आत्मचिंतन और आंतरिक नवीनीकरण के लिए समय निकाल नहीं पाते तथा "विश्वास के उपहार" को "नहीं पहचान पाते"। सन्त पापा ने आशा व्यक्त की कि कलीसिया का यह प्राचीन प्रतीक प्रतीक सभी के लिए नवीनीकरण का अवसर बन सके।"
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