संत पापा- बपतिस्मा एक नया जन्म
वाटिकन सिटी
संत पापा फ्रांसिस ने प्रभु के बपतिस्मा पर्व के अवसर पर तीर्थयात्रियों और विश्वासियों के संग देवदूत प्रार्थना का पाठ किया।
संत पापा ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में एकत्रित सभी विश्वासियों और तीर्थयात्रियों का अभिवादन करते हुए कहा, प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात।
येसु के बपतिस्मा का त्योहार जिसे आज हम मानते हैं, हमें बहुत सारी बातों के बारे में विचार करने को प्रेरित करता है, जिसमें हम अपने बपतिस्मा पर भी चिंतन करने को पाते हैं। येसु स्वयं को अपने लोगों के संग संयुक्त करते हैं जो पापों की क्षमा हेतु बपतिस्मा लेने को आते हैं। आज की धर्मविधि का एक गीत हमें इस बात की याद दिलाता है कि येसु नंगे पांव और एक खुले हृदय से योहन के पास बपतिस्मा लेने को जाते हैं।
पुत्र में पिता का चेहरा
संत पापा ने कहा कि जब येसु बपतिस्मा लेते तो स्वयं पवित्र आत्मा प्रकट होते और प्रभु का प्रकाश घटित होता है । वे पुत्र में पिता के चेहरे को प्रकट करते हैं और हमारे लिए एक वाणी सुनाई देती है, “तु मेरा प्रिय पुत्र है, मैं तुझ पर अत्यंत प्रसन्न हूँ।”
चेहरे पर चिंतन करते हुए संत पापा फ्रांसिस ने कहा कि पुत्र में अपने को प्रकट करते हुए ईश्वर मानवता के संग वार्ता और एकता में प्रवेश करने हेतु एक विशेष स्थल तैयार करते हैं। यहाँ हम प्रिय पुत्र के चेहरे को अपने लिए तैयार पाते हैं।
दूसरा स्थान में हम, संत पापा ने कहा कि पिता की वाणी को सुनाते हैं “तू मेरा प्रिय पुत्र है।” यह दूसरी निशानी है जो येसु के संग चलती जो हमारे लिए उनके रहस्य को प्रकट करती है।
ईश्वर का चेहरा और आवाज
प्रिय भाइयो एवं बहनो, आज का त्योहार हमें ईश्वर के चेहरा और उनकी आवाज पर चिंतन करने को अग्रसर करता है, जो येसु ख्रीस्त की मानवता को व्यक्त करता है। और इस तरह हम अपने में पूछें, क्या हम ईश्वर के द्वारा प्रेम किये जाने और उनके सहचर्य का अनुभव करते हैं,या हम अपने को उनसे कोसो दूर पाते हैं? क्या हम उनकी आवाज को अपने भाई-बहनों में सुनते हैं? और क्या हम उनकी आवाज सुनने के आदी हैं?
बपतिस्मा की तारीख जानें
संत पापा ने कहा कि आज का त्योहार हमारे लिए चेहरे और आवाज में चिंतन करने को प्रेरित करता है जिसे हम येसु की मानवता में अभिव्यक्त पाते हैं। "क्या हम प्रेम किये जाने का अनुभव करते हैं?" क्या हम इसे हम अपने भाई-बहनों के चेहरे में पाते हैं?
मैं, आप सभों के एक सवाल करना चाहूँगा, "क्या हममें से हर कोई अपने बपतिस्मा के दिन की याद करते हैं?" यह हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। हम विचार करें कि वह कौन-सा दिन है जिस दिन मैंने बपतिस्मा ग्रहण किया। यदि हम इसे याद नहीं करते तो घर पहुंच कर इसे अपने माता-पिता और अभिभावकों से अपने बपतिस्मा की तारीख के बारे में पूछें। "हम उस दिन को एक नये जन्म दिन के रुप में मनायें- क्योंकि उस दिन हमारा जन्म पवित्र आत्मा के द्वारा ईश्वर में हुआ है।" संत पापा ने इसे न भूलने का आग्रह किया और इसे गृह कार्य के रुप में करने को कहा।
हम अपने को कुंवारी मरियम को समर्पित करें और उनकी सहायता मांगें। हम अपने बपतिस्मा की तारीख को न भूलें।
Thank you for reading our article. You can keep up-to-date by subscribing to our daily newsletter. Just click here