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संत पापा फ्राँसिस संत पापा फ्राँसिस 

पोप : सांस्कृतिक नरसंहार बच्चों से उनका भविष्य छीन रहा है

वाटिकन के संस्कृति एवं शिक्षा विभाग की पहली आमसभा के प्रतिभागियों से संत पापा ने कहा कि वे नैतिक रूप से 250 मिलयन बच्चों की मदद करने के लिए बाध्य हैं जो स्कूल नहीं जा सकते।

वाटिकन न्यूज

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 21 नवम्बर 2024 (रेई) : वाटिकन के सबसे नए विभागों में से एक संस्कृति एवं शिक्षा विभाग ने अपनी पहली आमसभा के अवसर पर पोप फ्रांसिस से मुलाकात की। विभाग की स्थापना जून 2022 में संस्कृति और शिक्षा के कार्यालयों को मिलाकर की गई थी, जिसके बारे में पोप ने कहा कि इसका उद्देश्य "संवाद, बातचीत और नवाचार की क्षमता का उपयोग करना है, जिससे दोनों की प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सके।"

उन्होंने विभाग के मिशन के महत्व को दोहराते हुए ऐसे शैक्षिक मॉडल बनाने के खिलाफ चेतावनी दी जो केवल परिणाम देते हैं। उन्होंने समझाया, "हमारी दुनिया को आटोमैटिक मशीन की ज़रूरत नहीं है, इसे नए कोरियोग्राफर, हमारे समृद्ध मानव संसाधनों के नए व्याख्याकार, नए सामाजिक कवियों की ज़रूरत है।"

हम वास्तव में किसका “इंतजार” कर रहे हैं?

सफलता या पदोन्नति को अंतिम लक्ष्य बनाने के बजाय, पोप फ्रांसिस ने विभाग के सदस्यों को “कुछ अलग करने” की चुनौती दी।

डरने की कोई वजह नहीं

पोप फ्रांसिस ने दल को नहीं डरने का प्रोत्साहन देते हुए कहा कि वे ख्रीस्त को अपना मार्गदर्शक और साथी मानते हुए, "एक सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत के संरक्षक" हैं जो दार्शनिक, ईशशास्त्री, काव्यात्मक और वैज्ञानिक पृष्ठभूमि वाले संत अगुस्टीन और मोजार्ट से लेकर मार्क रोथको और ब्लेज़ पास्कल जैसे उनके पूर्ववर्तियों के काम और अध्ययन से आई है।

पोप ने विभाग के सदस्यों को यह अपील सभी तक फैलाने का काम सौंपा: “आशा को कभी न भूलें!” फिर भी शब्दों से बढ़कर, उन्होंने उन्हें अपनी आस्तीन ऊपर चढ़ाने और काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।

सांस्कृतिक नरसंहार और शिक्षा

उन्होंने कहा, “आज, दुनिया में इतिहास में सबसे ज़्यादा छात्र हैं।” फिर भी, लगभग 250 मिलियन बच्चे और किशोर स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। पोप फ्राँसिस ने इस अन्याय की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह सांस्कृतिक नरसंहार है जब “बच्चों को उनके भविष्य से वंचित किया जाता है क्योंकि हम उन्हें वह कुछ बनने के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ प्रदान करने में विफल हैं जो वे बन सकते हैं।”

उन्होंने अपने भाषण के अंत में विभाग के सदस्यों को हाल के वैज्ञानिक विकास और तकनीकी नवाचारों का अध्ययन करने की चुनौती दी ताकि उनके “लाभ और खतरे” को समझा जा सके।

 

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21 नवंबर 2024, 16:42
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