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पुलिया में जी 7 सम्मेलन में सम्बोधित करते संत पापा फ्राँसिस पुलिया में जी 7 सम्मेलन में सम्बोधित करते संत पापा फ्राँसिस  

संत पापा: विज्ञान, मानवता की गरिमा की सेवा और विकास के लिए उपयोगी हो

संत पापा फ्राँसिस ने परमधर्मपीठीय विज्ञान अकादमी की आमसभा को दिए अपने संदेश में, भौतिक दुनिया के ज्ञान और समझ की खोज में विज्ञान का उपयोग व्यक्तियों और समग्र रूप से मानवता की गरिमा की सेवा और विकास के महत्व को याद करने के लिए आमंत्रित किया।

वाटिकन न्यूज़

वाटिकन सिटी, सोमवार 23 सितंबर 2024 (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने परमधर्मपीठीय विज्ञान अकादमी के नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत करते हुए इस वर्ष की आमसभा के मुद्दा के लिए उन्हें कृतज्ञ अर्पित किया। उन्होंने कहा “जिस जटिल दुनिया में हम रहते हैं, उसमें आपकी अंतर्दृष्टि और विशेषज्ञता बहुत महत्वपूर्ण है। मैं इस वर्ष की आमसभा में अध्ययन और चर्चा के लिए एंथ्रोपोसीन (पृथ्वी के वर्त्तमान स्थिति पर शोध) और कृतिम बुद्धिमता को उजागर करने के लिए अध्यक्ष जोआकिम वॉन ब्राउन और कुलपति, कार्डिनल पीटर टर्कसन एवं शिक्षाविदों को धन्यवाद देता हूँ।”

उन्होंने प्रकृति और पृथ्वी की सभी प्रणालियों पर मानवता के गहरे प्रभावों से लगातार हो रहे परेशानियों पर चिंता व्यक्त की और परमधर्मपीठिय विज्ञान अकादमी के सदस्य पॉल क्रुटज़ेन को याद किया, जिन्होंने निर्मित प्रकृति पर इन प्रभावों का वर्णन करते हुए, उन्हें सामूहिक रूप से एंथ्रोपोसीन युग के रूप में संदर्भित किया और सृष्टि पर मानवीय गतिविधियों के संचयी प्रभाव की पहचान करने और इससे संबंधित जोखिमों और समस्याओं का अध्ययन करनेवाले पहले लोगों में से एक थे। संत पापा ने कहा विशेष रूप से जलवायु संकट और जैव विविधता में कमी के माध्यम से एंथ्रोपोसीन प्रकृति और मनुष्यों के लिए अपने तेजी से बढ़ते नाटकीय परिणामों को प्रकट कर रहा है।

विज्ञान का उपयोग मानवता की गरिमा की सेवा में

संत पापा फ्राँसिस ने परमधर्मपीठीय विज्ञान अकादमी के सदस्यों को खासकर, गरीबों और वंचितों के लिए, उनके निहितार्थ मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आभार प्रगट किया और कहा “भौतिक दुनिया के ज्ञान और समझ की खोज में विज्ञान का उपयोग व्यक्तियों और समग्र रूप से मानवता की गरिमा की सेवा और वृद्धि के लिए उपयोग के महत्व को नहीं भूलना चाहिए।”

उन्होंने गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा चूंकि हमारा विश्व गंभीर सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए हम स्पष्ट रूप से एक बड़े ढांचे की आवश्यकता को देखते हैं जिसमें समावेशी सार्वजनिक चर्चा न केवल विभिन्न वैज्ञानिक विषयों से प्रभावित हो, बल्कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से भी हो। इस संबंध में, मैं अकादमी की अपने विभिन्न सम्मेलनों में हाशिए पर पड़े और गरीब लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करने और अपने संवादों में आदिवासी लोगों और उनकी प्रज्ञा को शामिल करने की इच्छा का स्वागत करता हूँ और उसकी अत्यधिक सराहना करता हूँ।

कृतिम बुद्धिमता का प्रभाव

उन्होंने कृतिम बुद्धिमता के प्रगति से उत्पन्न चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, “मैं विशेष रूप से कृतिम बुद्धिमता में हुई प्रगति से उत्पन्न चुनौतियों के बारे में सोचता हूँ। इस वर्ष आपकी आमसभा उभरते हुए नए विज्ञान और नवाचारों, तथा विज्ञान और ग्रहीय स्वास्थ्य के लिए संबंधित अवसरों पर भी चर्चा करेगी।”

इस तरह का विकास मानवता के लिए लाभदायक साबित हो सकता है, उदाहरण के लिए चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नवाचारों को आगे बढ़ाकर, साथ ही प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन के आलोक में संसाधनों के सतत् उपयोग को सक्षम करने में मदद करके। फिर भी, जैसा कि हम महसूस करते हैं, इसका आम आबादी, विशेष रूप से बच्चों और अधिक कमजोर वयस्कों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। इसके अलावा, जनता की राय को आकार देने, उपभोक्ता विकल्पों को प्रभावित करने और चुनावी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के लिए कृतिम बुद्धिमता के जोड़-तोड़ वाले अनुप्रयोगों के जोखिमों को स्वीकार करने और रोकने की आवश्यकता है।

मानव की अंतर्निहित गरिमा और भाईचारा

संत पापा ने एक बार फिर कलीसिया की चिंता व्यक्त की "प्रत्येक मानव की अंतर्निहित गरिमा और भाईचारा जो हमें एक मानव परिवार के सदस्यों के रूप में एक साथ बांधता है, उसे नई तकनीकों के विकास का आधार बनाना चाहिए। तकनीकी विकास जो सभी मानव के जीवन की गुणवत्ता में सुधार नहीं करता है, बल्कि इसके विपरीत असमानताओं और संघर्षों को बढ़ाता है, उसे कभी भी सच्ची प्रगति नहीं माना जा सकता है।" (2024 के विश्व शांति दिवस के लिए संदेश, 2)

ये चुनौतियाँ हमें सभी वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के मानवीय और नैतिक आयामों की याद दिलाती हैं। इसलिए, व्यक्तिगत जीवन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर कृतिम बुद्धिमता के रूपों का प्रभाव अधिक ध्यान और अध्ययन की मांग करता है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि परमधर्मपीठीय विज्ञान अकादमी इस जटिल क्षेत्र में जोखिमों को रोकने और लाभों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित नियमों का प्रस्ताव करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब संकट, युद्ध और विश्व सुरक्षा के लिए खतरे प्रबल होते दिख रहे हैं, हमारे मानव परिवार की सेवा में ज्ञान की प्रगति में आपका अपना शांत योगदान वैश्विक शांति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण है। अंत में, संत पापा ने उन्हें अकादमी के काम में उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया और वर्तमान आमसभा के विचार-विमर्श के लिए अपनी प्रार्थनाभरी  शुभकामनाएँ दी। साथ ही, उनके परिवार और इस महत्वपूर्ण कार्य से जुड़े सभी लोगों पर ईश्वर की असीम कृपा की कामना करते हुए अपने लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया।

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23 सितंबर 2024, 12:49
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